रामनवमी की बधाई दे बुरे फंसे अखिलेश, पिल पड़े भाजपाई बोेले- चुनावी मौसम में आ गए नवेले हिंदू

महानवमी और रामनवमी के 'फेर' में फंसे अखिलेश, सोशल मीडिया पर दे डाली रामनवमी की बधाई, 'भूल' भाजपा के दिग्गज और यूजर्स ने लगा दी 'क्लास', भाजपा बोली- जनता मत पहनाइए 'टोपी', मत करिए हिंदू बनने का ढोंग, चुनावी मौसम आते ही बन रहे हैं हिंदू

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महानवमी और रामनवमी के फेर में बुरे फंसे 'सुल्तान'!
महानवमी और रामनवमी के फेर में बुरे फंसे 'सुल्तान'!
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Politalks.New/Uttarpradesh.  शारदीय नवरात्र का नवां दिन महानवमी के रूप में मनाया जाता है. इस पर्व पर सभी राजनीतिक नेता जनता को अपने सोशल मीडिया के जरिये शुभकामनाएं दे रहे हैं. इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट किया था. लेकिन, उन्होंने कंफ्यूजन में एक बड़ा ब्लंडर कर दिया. अब कोई भी ब्लंडर सोशल मीडिया यूजर्स की नजरों से बचता थोड़े ही है. ऐसे में अखिलेश यादव को जनता के साथ भाजपा ने भी ट्रोल कर दिया है. मान्यताओं के अनुसार आज महानवमी के दिन मां सिद्धीदात्री की पूजा-अर्चना होती है.

अखिलेश ने आज दे दी रामनवमी की बधाई…फिर किया भूल सुधार
दरअसल, अखिलेश यादव ने ट्वीट कर जनता को महानवमी के बजाय रामनवमी की बधाई दे दी. अखिलेश ने ट्विटर पर पोस्ट किया था, ‘आपको और आपके परिवार को रामनवमी की अनंत मंगलकामनाएं.’ अखिलेश यह भूल गए कि शारदीय नवरात्र की नवमी महानवमी होती है. जब यूजर्स की नजर इस पर गई तो उन्होंने अखिलेश यादव को करेक्ट किया. इसके बाद अपनी भूल समझकर अखिलेश ने भी यह पोस्ट डिलीट कर दिया. इसके बाद यादव ने नया पोस्ट डाला, ‘आपको और आपके परिवार को महानवमी की अनंत मंगलकामनाएं!’ लेकिन, वह जरा सा समय अखिलेश यादव की चुटकी लेने के लिए काफी था.

जनता को मत पहनाइए ‘टोपी’- भाजपा
महानवमी के दिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के ट्वीट को लेकर भाजपा ने उन पर निशाना साधा है. यूपी बीजेपी ने कहा है कि, ‘अखिलेश यादव को ये भी नहीं पता कि रामनवमी और महानवमी में क्या अंतर है. जनता को मत पहनाइए ‘टोपी’, वो आप पर ज्यादा अच्छी लगती है.

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कार सेवकों पर गोली चलाने वाले, चुनाव आते ही हिंदू बनने का ढोंग करने लगते हैं- मालवीय
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी अखिलेश पर निशाना साधा है. अमित मालवीय ने ट्वीट किया है कि, ‘रामनवमी का पर्व चैत्र मास में मनाया जाता है. शारदीय नवरात्रों में महानवमी होती है जो मां दुर्गा की आराधना का दिन है. यही होता है जब कार सेवकों पर गोली चलाने वाले, चुनाव आते ही हिंदू बनने का ढोंग करने लगते हैं’.

चुनावी मौसम में हिंदू बने घूम रहे- शलभ मणि त्रिपाठी
अखिलेश की भूल पर योगी सरकार के सूचना सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी ने लिखा कि, ‘प्रभुराम, राजा दशरथ के पुत्र हैं, लक्ष्मण उनके भाई हैं, वे अयोध्या के राजा थे, उन्होंने रावण का वध किया, रावणराज लंका में था ये जानकारी आप व उन सभी ‘नए नवेले’ हिंदुओं के लिए जो हिंदुओं से प्रचंड नफ़रत करते हैं, परंतु चुनावी मौसम में हिंदू बने घूम रहे..और हाँ आज रामनवमी नहीं महानवमी है’.

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यूजर्स ने भी लिए मजे
अखिलेश यादव के करेक्शन करने के बाद भी यूजर्स उनके पुराने पोस्ट का स्क्रीनशॉट उनके कमेंट में ही भेजते रहे. एक यूजर ने लिखा, ‘पहले का काहे मिटा दिए सुल्तान..!’ तो वहीं, एक और यूजर ने लिखा, ‘वोट बैंक के खातिर मंदिरों के चक्कर लगाने की जगह हिंदु धर्म और रीति रिवाजों के बारे में अच्छे से जानकारी हासिल की होती तो शायद ऐसी गलत न करते अखिलेश यादव जी…’.

महानवमी की मान्यता
आपको बता दें कि हिन्दू कैलेंडर के मुताबिक, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महानवमी कहा जाता है. इस दिन मां दुर्गा के नौवें रूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. हिंदू मान्यता के अनुसार, इस दिन की पूजा से भक्त को सिद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

 

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