‘क्या राष्ट्रीय सुरक्षा की परिभाषा अब…’- सोनम वांगचुक की रिहाई पर गहलोत का बड़ा बयान

Ashok Gehlot Big statement: राजस्थान के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) का बयान, लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की रिहाई पर बोले अशोक गहलोत, इस मामले में गहलोत ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, आज सरकार ने सोनम वांगचुक की हिरासत को रद्द करने का लिया फैसला, अशोक गहलोत ने सोनम वांगचुक की रिहाई पर कहा- एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जी की रिहाई का समाचार सुखद है, परंतु यह पूरा प्रकरण केंद्र की मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है, यह कैसी विडंबना है? जो सोनम वांगचुक कभी प्रधानमंत्री मोदी जी की नीतियों के समर्थक रहे, जब उन्होंने लद्दाख के हक और पर्यावरण की आवाज उठाई, तो उन्हें NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) जैसी कठोर धाराओं में बांधकर जोधपुर जेल भेज दिया गया, अशोक गहलोत ने आगे कहा-जिस व्यक्ति को कुछ माह पहले ‘देश की सुरक्षा के लिए खतरा’ बताकर जेल की सलाखों के पीछे डाला गया, उन्हें आज अचानक रिहा करने की बात आई यानी उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले, ऐसे में उनकी हिरासत के 170 दिनों का हिसाब कौन देगा? उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया था? क्या राष्ट्रीय सुरक्षा की परिभाषा अब भाजपा के राजनीतिक नफा-नुकसान से तय होगी? तानाशाही प्रवृत्ति से कानूनों का ऐसा ‘सुविधाजनक इस्तेमाल’ न केवल निंदनीय है, बल्कि हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी गहरा आघात है, देश की जनता इस दोहरे मापदंड को देख रही है

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