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लाल किला बेचने में थे, नहीं रोका तो बेच देंगे हवामहल, आमेर और चित्तौड़गढ़ का किला- शुक्ला

03 सितंबर 2021
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लाल किला बेचने में थे, नहीं रोका तो बेच देंगे हवामहल, आमेर और चित्तौड़गढ़ का किला- शुक्ला

Politalks.News/Rajasthan.  केन्द्र सरकार की NMP स्कीम और महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस हमलावर है. देशभर में कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता के सामने अपनी बात रख रहे हैं. जयपुर में कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य राजीव शुक्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, ‘केंद्र सरकार मोनेटाइजेशन स्कीम के नाम पर देश बेच रही है. बीजेपी सरकार को रोका नहीं गया तो कल को ये जयपुर का हवामहल, आमेर और चित्तौड़गढ़ का किला भी बेच देंगे. ये देश की धरोहरों को बेच देंगे. केंद्र सरकार ने पिछली बार लाल किला को कोलकाता की एक कंपनी को देने की तैयारी कर ली थी’. शुक्ला ने तंज … Read more

Politalks.News/Rajasthan.  केन्द्र सरकार की NMP स्कीम और महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस हमलावर है. देशभर में कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता के सामने अपनी बात रख रहे हैं. जयपुर में कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य राजीव शुक्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, ‘केंद्र सरकार मोनेटाइजेशन स्कीम के नाम पर देश बेच रही है. बीजेपी सरकार को रोका नहीं गया तो कल को ये जयपुर का हवामहल, आमेर और चित्तौड़गढ़ का किला भी बेच देंगे. ये देश की धरोहरों को बेच देंगे. केंद्र सरकार ने पिछली बार लाल किला को कोलकाता की एक कंपनी को देने की तैयारी कर ली थी’. शुक्ला ने तंज कसते हुए कहा कि, ‘जनता ने आपको देश बेचने के लिए सत्ता नहीं दी थी’. राजीव शुक्ला पीसीसी में मीडिया से बातचीत कर रहे थे.

ये हवामहल, आमेर और चित्तौड़गढ़ का किला भी बेच देंगे- शुक्ला
राजीव शुक्ला ने कहा कि, ‘अगर केंद्र की भाजपा सरकार को नहीं रोका गया तो ये तो हवामहल, आमेर और चित्तौड़गढ़ का किला भी बेच देंगे’ .शुक्ला ने कहा कि, ‘लाल किला बेचने की प्लानिंग तो केंद्र सरकार ने पहले ही कर ली थी. हांलाकि विरोध के चलते हुए अपना कदम वापस लेना पड़ा’

‘देश की धरोहर बेच रही है मोदी सरकार’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि, ’70 साल में जनता के पैसों से जो बड़े-बड़े उपक्रम बनाए गए हैं, उन्हें कॉरपोरेट घरानों को देना गलत है. केंद्र कह रहा है किराए पर दे रहे हैं, लेकिन 50 साल के लिए कौन किराए पर देता है. ये सरकार अपने खास उद्योपतियों को देश की धरोहरों को बेच रहे हैं. सरकार के हाथ में कुछ नहीं रहने वाला है. ये क्या-क्या बेच देंगे, इसका कोई ठिकाना नहीं है’. केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, ‘केंद्र सरकार कह रही है वह देश की संपत्तियों को बेचकर 6 लाख करोड़ कमाएगी, जबकि इनको अधिकार ही नहीं कि वो इस तरह देश की धरोहर को बेच सकें’.

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‘देश की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है केन्द्र सरकार’
पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा- ‘जब आप एयरपोर्ट, रेलवे लाइन, मोबाइल टावर ही नहीं चला सकते तो आप सरकार में क्यों हैं. ऐसे लोगों को सरकार छोड़कर चले जाना चाहिए. केंद्र सरकार देश बेच रही है. देश बेचने के लिए किसी पार्टी को जनता सत्ता में नहीं लाती. केंद्र सरकार स्ट्रेटेजिक महत्व के असेट बेचकर देश की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है’.

‘संपत्ति बेचने के लिए नहीं दी जनता ने सत्ता’
राजीव शुक्ला ने कहा कि, ‘सरकार कोई भी हो लेकिन राष्ट्र की संपत्ति और धरोहर को बेचने का काम नहीं कर सकती’. शुक्ला ने केन्द्र सरकार से सवाल किया कि, ‘क्या देश की जनता ने भाजपा को वोट देश की धरोहरों को बेचने के लिए दिया था’. शुक्ला ने कहा कि, ‘सरकारी कंपनियों को बेच रही है उसे भी चला नहीं सकती तो फिर ये सरकार क्यों चला रहे हैं इसे भी छोड़ देना चाहिए’.

‘कांग्रेस जनता की अदालत में लेकर जा रही है मुद्दा’
कांग्रेस के स्टैंड और मामले को कोर्ट में ले जाने पर कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि, ‘मोनेटाइजेशन के खिलाफ कोर्ट में जाने से क्या होगा, राफेल का मुद्दा आपने देखा ही होगा, फ्रांस में मामले की जांच हो रही है यहां कोर्ट के फैसले की आड़ में मामला ठंडे बस्ते में चला गया, इसलिए कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जा रही है जनता की अदालत में’.

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‘देश की जनता महंगाई से परेशान’
महंगाई के मुद्दे पर राजीव शुक्ला ने मोदी सरकार को घेरा- ‘देश की जनता महंगाई से परेशान है. गैस और पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. यूपीए के वक्त 120 डॉलर प्रति बैरल क्रूड था, फिर भी हम आज से आधी कीमत पर गैस, पेट्रोल-डीजल बेचते थे. आज 60 से 70 के बीच क्रूड है. केंद्र सरकार यूपीए राज की तुलना में आधी कीमत पर क्रूड खरीदकर जनता को दोगुने दामों पर पेट्रोल-डीजल बेच रही है. इससे केंद्र ने 22 लाख करोड़ जुटाए, लेकिन जनता को राहत नहीं दी.

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