लोकसभा
में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कथित विदेश दौरे को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस
तेज हो गई है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में राहुल गांधी को ‘मिसिंग’
(लापता) बताते हुए लगाए गए पोस्टरों ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है. इन पोस्टरों
के जरिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राहुल गांधी की राजनीतिक सक्रियता और विदेश
यात्राओं को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है.
बीजेपी
नेताओं का आरोप है कि महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसरों, संसदीय गतिविधियों और पार्टी कार्यक्रमों
के दौरान राहुल गांधी अक्सर विदेश दौरों पर रहते हैं. इसी संदर्भ में बीजेपी के राष्ट्रीय
प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट साझा करते हुए राहुल
गांधी पर निशाना साधा.
उन्होंने
राहुल गांधी को ‘गुमशुदा’, ‘राहुल बाबा’
और ‘लीडर ऑफ पर्यटन’ जैसे राजनीतिक तंजों के साथ संबोधित
करते हुए कहा कि जब भी संसद या महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियां होती हैं, राहुल गांधी
देश से बाहर दिखाई देते हैं.
पीएम
मोदी और राहुल गांधी की कार्यशैली की तुलना
बीजेपी
प्रवक्ता ने एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की राजनीतिक
कार्यशैली की तुलना भी की. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री
और प्रधानमंत्री के रूप में लंबे समय से लगातार सक्रिय सार्वजनिक जीवन जी रहे हैं और
इस दौरान उन्होंने अवकाश नहीं लिया. इसके विपरीत उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी
कई अवसरों पर विदेश यात्राओं पर रहते हैं.
विदेशी
दौरों पर खर्च को लेकर भी सवाल
बीजेपी
की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी के विदेशी दौरों पर होने वाले खर्च और
यात्रा संबंधी विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराए जाते. हालांकि, इन आरोपों के
समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया.
बीजेपी
नेताओं का यह भी दावा है कि राहुल गांधी एक बार फिर विदेश दौरे पर गए हैं और आगामी
राजनीतिक गतिविधियों के दौरान उनकी अनुपस्थिति बनी रह सकती है. हालांकि, इस संबंध में
कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.
कांग्रेस
की प्रतिक्रिया पर टिकी नजरें
दिल्ली
में लगाए गए पोस्टरों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. हालांकि,
यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पोस्टर किस संगठन या व्यक्ति की ओर से लगाए गए.
राहुल
गांधी के विदेश दौरे को लेकर अब तक कांग्रेस या स्वयं राहुल गांधी की ओर से कोई आधिकारिक
प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि यात्रा का
उद्देश्य क्या है और वह कब तक भारत लौटेंगे.
ऐसे
में यह मुद्दा एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय
बन गया है. अब राजनीतिक हलकों की नजर कांग्रेस के जवाब और राहुल गांधी के अगले सार्वजनिक
रुख पर बनी हुई है.











