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वीरेंद्र सिंह का बड़ा बयान- पायलट की मेहनत से बनी सरकार, अब कांग्रेस का जिलों में संगठन तक नहीं

27 जून 2021
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वीरेंद्र सिंह का बड़ा बयान- पायलट की मेहनत से बनी सरकार, अब कांग्रेस का जिलों में संगठन तक नहीं

Politalks.News/Rajasthan. प्रदेश में जारी सियासी खींचतान के बीच पायलट समर्थक माने जाने वाले दांतारामगढ़ विधायक और पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नारायण सिंह के बेटे वीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस में जिला और ब्लॉक स्तर पर 11 महीने से भंग पड़े संगठन में नियुक्तियां नहीं होने को लेकर प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर जमकर निशाना साधा. वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि राजस्थान में पिछले 11 महीने से कांग्रेस के ब्लॉक, जिले की कार्यकारिणी भंग पड़ी है. न जिलाध्यक्ष हैं, न ब्लॉक अध्यक्ष. विधायक वीरेंद्र सिंह ने निशाना साधते हुए कहा कि, ‘गोविंद सिंह डोटासरा केवल 39 पदाधिकारियों को लेकर बैठे हैं, संगठन तो बना लीजिए कम से कम. 11 महीने से हम संगठन … Read more

Politalks.News/Rajasthan. प्रदेश में जारी सियासी खींचतान के बीच पायलट समर्थक माने जाने वाले दांतारामगढ़ विधायक और पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नारायण सिंह के बेटे वीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस में जिला और ब्लॉक स्तर पर 11 महीने से भंग पड़े संगठन में नियुक्तियां नहीं होने को लेकर प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर जमकर निशाना साधा. वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि राजस्थान में पिछले 11 महीने से कांग्रेस के ब्लॉक, जिले की कार्यकारिणी भंग पड़ी है. न जिलाध्यक्ष हैं, न ब्लॉक अध्यक्ष.

विधायक वीरेंद्र सिंह ने निशाना साधते हुए कहा कि, ‘गोविंद सिंह डोटासरा केवल 39 पदाधिकारियों को लेकर बैठे हैं, संगठन तो बना लीजिए कम से कम. 11 महीने से हम संगठन नहीं बना पा रहे हैं, इससे बुरा हाल और क्या होगा? ऐसा प्रदेशाध्यक्ष बनने का क्या मतलब है? अकेले गोविंद सिंह डोटासरा घूम रहे हैं. प्रदेशाध्यक्ष होने के बावजूद डोटासरा अपने गृह जिले तक में जिला और ब्लॉक स्तर पर न तो कार्यकारिणी बनवा पाए. न ही जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति करवा पाए.

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सचिन पायलट के समर्थन में बयान देते हुए दांतारामगढ़ विधायक वीरेंद्र सिंह ने आगे कहा- सरकार संगठन से बनती है और हम सरकार बनाने के बावजूद संगठन नहीं बना पा रहे. सचिन पायलट ने प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए मेहनत की, तब कांग्रेस की सरकार बनी है. पूरा साल निकाल दिया लेकिन संगठन का अता-पता नहीं है. यह इतिहास में पहला मौका है, जब किसी प्रदेश में कांग्रेस का संगठन साल भर से भी ज्यादा समय से नहीं बना हो. जिसे बनाना हो, उसे बनाइए लेकिन जिला-ब्लॉक खाली पड़े हैं वहां नियुक्ति तो कीजिए. हम कौन सी यह मांग कर रहे हैं कि हमारे ही लोगों को बनाइए. अगर आपको सचिन पायलट के लोगों को नहीं बनाना है तो मत बनाइए. अपने लोगों को ब्लॉक और जिलाध्यक्ष बना दीजिए, जो पायलट के खिलाफ हैं, उन्हें बना दीजिए, लेकिन बनाइए तो सही.’

महंगाई को लेकर केन्द्र के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि, ‘महंगाई का यह इश्यू अगर बीजेपी के पास होता तो सड़कों पर नाचते और हमारी पार्टी की हालत देखिए, हमें पेट्रोल पंपों पर बैठा दिया. महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन होना चाहिए, लेकिन हमारे पास संगठन तो है नहीं, सड़कों पर कौन उतरे. बिना संगठन पदाधिकारी बने अकेले एमएनए के पास भी कौन सा संगठन रहेगा. अब जब भी प्रदर्शन करना हो या कुछ संगठन का काम हो तो निवर्तमान जिलाध्यक्ष, निवर्तमान ब्लॉक अध्यक्ष याद आते हैं. बिना संगठन यही पता नहीं लगता हम किस पार्टी के एमएलए हैं.

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आपको बता दें, इससे पहले विधायक वीरेंद्र सिंह के पिता और पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नारायण सिंह ने भी सचिन पायलट के समर्थन में बयान देते हुए कहा था की, पार्टी का झंडा उठाने वालों को सत्ता में भागीदारी देना है नैतिक जिम्मेदारी, यह आवश्यक है कि कांग्रेसियों और कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य और जिला स्तर पर जगह दी जानी चाहिए और पार्टी आलाकमान को सुननी चाहिए उन पुराने और निष्ठावान नेताओं की बात जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में की पार्टी के लिए कड़ी मेहनत, जिसके चलते पार्टी ने हासिल की सत्ता.

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