नामांकन के अंतिम दिन पर्चा भरने पहुंचे उद्धव ठाकरे, निर्विरोध चुना जाना तय

9 सीटों पर होने हैं विधान परिषद चुनाव, सभी का निर्विरोध चुना जाना तय, आपसी सहमति से कांग्रेस ने छोड़ी एक सीट, 4 सीटें जाएंगी बीजेपी के खाते में

0
Uddhav Thackeray
Uddhav Thackeray

पॉलिटॉक्स न्यूज/महाराष्ट्र. प्रदेश के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विधान परिषद के चुनाव के लिए अपना नामांकन भर दिया है. वें नामांकन की अंतिम तिथि पर पर्चा भरने पहुंचे. उनका निर्विरोध चुनाव जाना तय है. हालांकि बीच में कांग्रेस के दो सीटों पर अपना दावा पेश करने के बाद शिवसेना की मुश्किलें बढ़ गई थी क्योंकि उस स्थिति में उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के प्रत्याशी में सीधा चुनाव होता. हालांकि उद्धव ठाकरे का दावा हर तरह से सभी प्रत्याशियों पर भारी है लेकिन उद्धव ठाकरे की थोड़ी परेशानी जरूर बढ़ गई थी लेकिन कांग्रेस को एक सीट का दावा छोड़ने के लिए मनाने के बाद उद्धव ठाकरे का चुनाव जीतना और साथ ही साथ सीएम की कुर्सी पर बने रहना पक्का हो गया है. नामांकन के दौरान उनके सुपुत्र और सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे भी मौजूद रहे.

यह भी पढ़ें: कल से फिर पटरी पर दौड़ेंगी रेलगाड़ी, जानिए किस शहर के लिए कहां से मिलेगी ट्रेन और कैसी होगी सुविधाएं

दरअसल, ठाकरे न तो विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के. सीएम पद पर बने रहने के लिए उन्हें 28 मई से पहले दोनों में से किसी एक सदन की सदस्यता हासिल करनी जरूरी है. संविधान के अनुसार, पद ग्रहण करने के 6 माह के भीतर उनका विधानसभा या विधान परिषद दोनों में से किसी एक का सदस्य निर्वाचित होना अनिवार्य है. ऐसा नहीं कर पाने की हालत में उन्हें सीएम पद त्यागना होगा. महाविकास अघाड़ी गठबंधन ने राजभवन के काफी चक्कर काटकर उद्धव ठाकरे को सीधे विधान परिषद पहुंचाने की कोशिश की, संविधान के नियमों सहित प्रदेश में राजनीतिक संकट तक का हवाला दिया लेकिन कुछ न हो सका. बाद में उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर समस्या रखी और वहां से आश्वासन मिलने के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भी चुनाव आयोग को चुनाव कराने के निर्देश दिए.

यह भी पढ़ें: जयवर्धन ने स्वतंत्रता संग्राम की आड़ में तो दिग्गी राजा ने सिंधिया फाउंडेशन को लेकर कसा ‘महाराज’ पर तंज

21 मई को होने वाले विधान परिषद चुनाव में शिवसेना की ओर से दो सीटों पर उद्धव ठाकरे और नीलम गोरे को उम्मीदवार बनाया गया है. गोरे विधान परिषद की उप सभापति हैं. राकंपा ने भी दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. कांग्रेस पहले दो सीटों पर दावा पेश कर रही थी, लेकिन मनाने के बाद कांग्रेस एक सीट पर चुनाव लड़ने को तैयार हो गई. कांग्रेस ने एक सीट पर अपना नाम वापिस ले लिया है. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख बालासाहेब थोराट ने रविवार को जानकारी देते हुए कहा कि 21 मई को महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों पर होने वाले चुनाव में दो में से एक उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया है. इसके बाद उद्धव ठाकरे का निर्विरोध चुनाव जीतना तय हो गया है. एक नाम वापस लेने के बाद एमवीए कुल 5 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. बीजेपी ने चार उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं.

चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 11 मई है. नामांकन वापस लेने के अंतिम तारीख 14 मई है. राज्य विधान में 288 सीटें हैं जिसमें भाजपा 105 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है. इसके बाद शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के क्रमश: 56, 54 और 44 विधायक हैं. चूंकि विधान परिषद की 9 सीटों पर 9 उम्मीदवार मैदान में हैं, ऐसे में सभी प्रत्याशियों का निर्विरोध जीता जाना तय है.

Leave a Reply