‘सदन है मेला नहीं, नियमों से चलना पड़ेगा’- अमित शाह ने विपक्ष को ‘धो डाला’ !

अमित शाह का कांग्रेस पर करारा वार, राहुल गांधी- गले लगते हैं, आंख मारते हैं, फ्लाइंग किस देते हैं ये कैसा आचरण ? मेला नहीं सदन है नियमों से ही चलना होगा, BJP का विरोध करते-करते भारत का विरोध करने लगी कांग्रेस

New Delhi : लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से गिर गया. लोकसभा में 10 घंटे की डिबेट के अंत में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने चर्चा का जवाब दिया. वहीं, अमित शाह की टिप्पणियों से नाराज विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया. हंगामे के बीच से ध्वनिमत से वोटिंग कराई गई और अविश्वास प्रस्ताव गिर गया. 10 घंटे की चर्चा में अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर (Loksabha Speaker) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लिया. गृहमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी बजट सत्रों में अकसर विदेश दौरे पर चले जाते हैं. अमित शाह ने राहुल गांधी के लोकसभा कार्यवाही के दौरान हुए घटनाक्रमों और वायरल हुए वीडियो को लेकर भी करारा हमला किया. अमित शाह ने कहा- ये PM मोदी से आकर गले लग जाते हैं. कभी आंख मारते हैं कभी फ्लाइंग किस देते हैं. किस तरह से ये आचरण की बात करते हैं.

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सदन है मेला नहीं, नियमों से चलना पड़ेगा
अमित शाह के जवाब और राहुल गांधी पर टिप्पणियों से भड़के विपक्षी दलों के सांसद हंगामा करते हुए वेल में आ गए और ‘अमित शाह माफी मांगो’ के नारे लगाते रहे. अमित शाह ने कहा कि विपक्ष नहीं बोलने देने का आरोप लगाता है. उन्होंने 17वीं और 18वीं लोकसभा में कांग्रेस को आंवटित समय का ब्यौरा देते हुए कहा कि कांग्रेस को बीजेपी से भी कई गुना समय दिया गया. शाह ने कहा कि बोलने का समय दिया जाता है लेकिन नियमों के मुताबिक ही बोलने की अनुमति दी जाएगी. अमित शाह ने उदाहरण देकर कहा कि नियमों के उल्लंघन करने पर मंत्री का भी माइक बंद कर दिया जाता है. अमित शाह ने तल्ख स्वर में कहा कि सदन कोई मेला नहीं है. यहां नियमों के अनुसार ही चलना पड़ता है. कोई सदन के नियमों को नजर अंदाज करेगा तो उसे रोकने का दायित्व स्पीकर का है. ये नियम हमने नहीं बनाया बल्कि नेहरू के समय से है.

BJP के विरोध से भारत के विरोध तक पहुंची कांग्रेस
अमित शाह ने AI समिट में यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर जोरदार हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस अब भाजपा का विरोध करते-करते भारत का विरोध करने लगी है. अमेरिका के साथ ट्रेड डील में किसानों की अनदेखी के आरोपों पर भी अमित शाह ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि ट्रेड डील में भारत के किसानों का कोई नुकसान नहीं हुआ बल्कि किसानों का नुकसान 2013 में कांग्रेस ने किया था. लोकसभा में चर्चित हुई नरवणे की किताब पर चर्चा की कांग्रेस की मांग पर अमित शाह ने जवाब दिया. शाह ने कहा कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है इसलिए उस पर चर्चा की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि अक्साई चीन का 38 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र कांग्रेस के समय में हड़पा गया और तब नेहरू ने विपक्ष को कहा था कि वहां घास का एक तिनका भी नहीं उगता है.

हंगामे के बीच पीठासीन जगदंबिका पाल ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वाले सांसद मोहम्मद जावेद का नाम लिया तो उन्होंने अमित शाह से माफी मांगने की मांग की. वहीं, विपक्ष का हंगामा जारी रहा. शोर शराबे के बीच पीठासीन जगदंबिका पाल ने ध्वनिमत से वोटिंग कराई और लोकसभा स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव गिर गया.

वहीं, मंगलवार को लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए उपनेता प्रतिपक्ष गौरव गोगोई ने आरोप लगाये थे कि जब भी विपक्ष अहम मुद्दे उठाता हैं स्पीकर ओम बिरला रोक देते हैं. जब भी विपक्षी सदस्य बोलते हैं स्पीकर उनका माइक बंद कर देते हैं. लोकसभा स्पीकर के पक्षपातपूर्ण व्यवहार से संविधान और सदन की गरिमा को खतरा है. सदन की गरिमा और संविधान की रक्षा करना हमारी ड्यूटी है. वहीं, अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का मुद्दा उठाया.