विवाहों के पंजीकरण तथा जन्म रजिस्ट्रीकरण की प्रक्रिया बनेगी आसान, CM गहलोत ने दी स्वीकृति: राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2009 और राजस्थान जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2000 में संशोधन के प्रस्तावों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की स्वीकृति, जिसके तहत क्रमश सभी जिलों में विवाह रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के साथ-साथ अतिरिक्त जिला विवाह रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और ब्लाक विवाह रजिस्ट्रीकरण अधिकारी किए जाएंगे नियुक्त, वहीं बालक या बालिका के जन्म रजिस्ट्रीकरण को 15 वर्ष से अधिक हो जाने की स्थिति में भी रजिस्ट्रीकरण के नए नियमों के लागू होने के 5 वर्ष बाद तक नाम करवाए जा सकेंगे दर्ज, जन्म रजिस्ट्रीकरण को 15 वर्ष से अधिक हो जाने पर नाम दर्ज करवाने के लिए 5 रुपए देय होगा विलम्ब शुल्क

26 07 2020 Ashoka Gehlot 2020726 185241