जयपुर में जन्माष्टमी की छुट्टी पर गैरजरूरी राजनीतिक विवाद

इस बार जयपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर एक नया विवाद सामने आया है और इसको लेकर भाजपा समर्थकों ने कांग्रेस की गहलोत सरकार पर को निशाने पर लिया है. यह कहा जा रहा है कि कांग्रेस की गहलोत सरकार हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है. यह अत्यंत हास्यास्पद आरोप है. गहलोत सरकार ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की छुट्टी 23 अगस्त को घोषित की. वैष्णव संप्रदाय के लोग 24 अगस्त को श्रीजन्माष्टमी मना रहे हैं. जबकि दोनों ही दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने के सही कारण हैं. राज्य सरकार से गलती सिर्फ यह हुई कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पूर्व निर्धारित अवकाश शनिवार 24 अगस्त को था, जिसे सरकार ने … Read more

आखिर राजस्थान में क्यों नहीं हो पा रही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति?

राजस्थान में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नियुक्त करने की प्रक्रिया बगैर किसी शोर शराबे के चुपचाप चल रही है. मदन लाल सैनी के निधन के बाद करीब दो महीने से राजस्थान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पद खाली है. इसके बाद से ही कई नाम चल रहे थे. भाजपा हाईकमान अपने स्तर पर राज्य में सर्वे करवा रहा था. सूत्रों ने बताया कि नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश के तहत पांच नामों की सूची बन चुकी है, जिनमें से किसी एक के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने की संभावना है. ये हैं नारायण पंचारिया, सतीश पूनिया, राजेन्द्र सिंह राठौड़, वासुदेव देवनानी और मदन दिलावर.

नारायण पंचारिया फिलहाल राज्यसभा सदस्य हैं और मारवाड़ के संघ पृष्ठभूमि के हैं. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव के नजदीक हैं. बताया जाता है कि पंचारिया को राज्यसभा में भेजने में भूपेन्द्र यादव की प्रमुख भूमिका रही है. सतीश पूनिया राजस्थान में पहली बार विधायक बने हैं, लेकिन संगठन में काम करने का उनका लंबा अनुभव है. फिलहाल वह भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता भी हैं. पार्टी के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर पूनिया का समर्थन कर रहे हैं.

राजेन्द्र सिंह राठौड़ लगातार सात बार विधायक बने हैं जिसमे से छह बार उन्होंने बीजेपी के बैनर पर जीत दर्ज की है. राठौड़ तीन बार भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके है और वर्तमान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हैं. बीजेपी हाईकमान राजस्थान में राजपूत समाज को साधने के लिए राठौड़ को प्रदेश अध्यक्ष बना सकता है. हालांकि लोकसभा सांसद राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ भी प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में थे लेकिन सूत्रों की मानें तो अनुभव के आधार पर उनका नाम इस लिस्ट से बाहर हो चुका है.

वासुदेव देवनानी लगातार चौथी बार अजमेर से विधायक बने हैं और दो बार भाजपा की सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके हैं. हमेशा संघ की पृष्ठभूमि के आधार पर काम करते हैं. मदन दिलावर पार्टी के दलित नेता हैं. भाजपा लंबे समय से दलितों को अपने साथ जोड़ने के लिए प्रयासरत है. प्रदेश अध्यक्ष के लिए संघ भी उनका नाम आगे कर चुका है.

बड़ी खबर: भाजपा का प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन, कांग्रेस ने बताया ‘फ्लॉप-शो’

यह साफ है कि भाजपा राजस्थान में आसानी से प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त नहीं कर पा रही है. इसमें कई पेच मालूम पड़ते हैं. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदनलाल सैनी का निधन 24 जून को एम्स, दिल्ली में हुआ था. उसके बाद से प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए संघ और भाजपा में नेताओं की लंबी कतार लगी है. पार्टी हाईकमान के लिए सर्वसम्मति से कोई नाम तय करना मुश्किल लग रहा है. पहले भाजपा ने तय किया था कि जुलाई के दूसरे हफ्ते में प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हो जाएगी, लेकिन अब अगस्त का तीसरा हफ्ता शुरू हो रहा है.

भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर तो जेपी नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर नियमित कामकाज शुरू कर दिया है, लेकिन राजस्थान में न तो कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति हुई है, न ही स्थायी अध्यक्ष की. पार्टी के संगठन चुनाव की घोषणा हो चुकी है, लेकिन अब तक अंतरिम अध्यक्ष भी तय नहीं हो पाया है. दो माह बाद नवंबर में प्रदेश में स्थानीय निकाय के चुनाव होंगे. अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने से पार्टी तय नहीं कर पा रही है किसके नाम पर चुनाव लड़े. प्रदेश अध्यक्ष होना जरूरी है.

पहले यह विचार चल रहा था कि जातिवाद को बढ़ावा न देते हुए किसी योग्य कार्यकर्ता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप देनी चाहिए. लेकिन इस विचार पर अमल नहीं हुआ. अब बताया जाता है कि पार्टी जातिगत गणित में उलझ गई है. इससे प्रदेश अध्यक्ष तय करने में दिक्कत हो रही है. अब भाजपा के लिए जातीय समीकरण भी बड़ी समस्या बन गया है.

बड़ी खबर: गहलोत सरकार पर भाजपा नेताओं का हल्ला बोल

भाजपा के लिए राजस्थान ही संभवत: एकमात्र राज्य है जहां प्रदेशाध्यक्ष का पद खाली है. पार्टी सूत्रों के अनुसार अब तक यही माना जा रहा था कि संसद का बजट सत्र खत्म होने के बाद पार्टी संगठनात्मक बदलाव पर ध्यान देगी और खाली पदों पर नियुक्तियां करेगी. लेकिन संसद सत्र समाप्त हुए भी लगभग दो सप्ताह का समय हो चुका है लेकिन राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पर आलाकमान किसी एक नाम पर सहमित नहीं बना पाया है. हालांकि पार्टी के स्थानीय नेता किसी भी तरह का कयास लगाने से बच रहे हैं. उनके अनुसार शीर्ष नेतृत्व यहां भी कुछ ‘सरप्राइज’ दे सकता है.

दिल्ली में मोदी सरकार पर जमकर बरसे सीएम गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से मुखातिब होकर कहा कि नीति आयोग उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने अर्थव्यवस्था को लेकर जिस तरह के संकेत दिए हैं, वो देश के लिए चिंताजनक है. कोई भी सैक्टर हो, सभी की हालत ख़राब है. लाखों लोगों की नौकरियां जा रही हैं. मंदी का दौर है. आम जनता पूछना चाहती है कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की तरफ सरकार कब ध्यान देगी.

दरअसल राजीव कुमार ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि देश में 70 साल में अब तक नकदी का ऐसा संकट नहीं देखा गया. सरकार के लिए यह अप्रत्याशित समस्या है. कोई भी किसी पर यकीन नहीं कर रहा है. मार्केट में कैश खत्म हो गया है. ये सब नोटबंदी और जीएसटी के बाद हुआ है.

मनमोहन सिंह छठी बार पहुंचे राज्यसभा, सदस्यता की ली शपथ

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली. राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने मनमोहन सिंह को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई. मनमोहन सिंह छठी बार राज्यसभा में पहुंचे हैं. वे राजस्थान से निर्विरोध राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. राजस्थान में बीजेपी ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया. सिंह के शपथ ग्रहण के मौके पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और आनंद शर्मा समेत कांग्रेस के कई शीर्ष नेता मौजूद रहे. इससे पहले मनमोहन सिंह ने लंबे समय तक राज्यसभा में असम का प्रतिनिधित्व किया. उच्च सदन में उनका … Read more

भाजपा का प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन, कांग्रेस ने बताया ‘फ्लॉप-शो’

राजस्थान में सरकार की नाकामी के चलते बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया. जिसमें भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष, विभिन्न मोर्चे एवं प्रमुख नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे. इससे पहले गुरुवार बीजेपी से राज्यसभा सांसद डॉ किरोडी लाल मीना ने भी पिछले दिनों राजधानी में कावड़ियों पर हुए हमले के खिलाफ अपने समर्थकों के साथ जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की. शुक्रवार को राजधानी जयपुर में कलेक्टरेट सर्किल पर भाजपा नेताओं द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें … Read more

गहलोत सरकार पर भाजपा नेताओं का हल्ला बोल

राजस्थान की गहलोत सरकार में बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश के भाजपा नेताओं का हल्ला बोल शुरू हो गया है. बीजेपी से राज्यसभा सांसद और मीना समाज के कद्दावर नेता डॉ किरोडी लाल मीना ने पिछले दिनों राजधानी में कावड़ियों पर हुए हमले के खिलाफ गुरुवार को अपने समर्थकों के साथ पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की तो वहीं प्रदेश में बिगडी कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश भर में शुक्रवार को भाजपा नेताओं द्वारा जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा. अपराधियों के खिलाफ किरोडी लाल मीणा का ज्ञापन राजधानी जयपुर में कांवड़ियों पर हुए पथराव की घटना के कुछ … Read more

पायलट की बढ़ती सक्रियता

राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति नया मोड़ लेगी. सचिन पायलट की सक्रियता से इसके आसार दिखने लगे हैं. अगर गहलोत गांधी परिवार के निकट हैं तो पायलट भी गांधी परिवार से दूर नहीं है. राजीव गांधी जयंती पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुए कार्यक्रम में संगठन के महत्व पर जोरदार तरीके से प्रकाश डालते हुए उन्होंने संकेत दे दिया था वह अब चुपचाप उप-मुख्यमंत्री बने नहीं रह सकते. शायद वह सोच रहे होंगे, गहलोत अकेले सरकार नहीं चलाएंगे, मैं भी कुछ न कुछ करूंगा.

राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति में फिर नया मोड़

राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति नया मोड़ लेगी. सचिन पायलट की सक्रियता से इसके आसार दिखने लगे हैं. अगर गहलोत गांधी परिवार के निकट हैं तो पायलट भी गांधी परिवार से दूर नहीं है. राजीव गांधी जयंती पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुए कार्यक्रम में संगठन के महत्व पर जोरदार तरीके से प्रकाश डालते हुए उन्होंने संकेत दे दिया था वह अब चुपचाप उप-मुख्यमंत्री बने नहीं रह सकते. शायद वह सोच रहे होंगे, गहलोत अकेले सरकार नहीं चलाएंगे, मैं भी कुछ न कुछ करूंगा.

सचिन पायलट बुधवार को अलवर जिले के झिवाणा पहुंच गए और हरीश जाटव, रतिराम जाटव के परिवार से मिले. हरीश जाटव की एक हादसे में मौत हो गई थी. उसके पिता रतिराम ने आरोप लगाया था कि हरीश की मौत भीड़ की पिटाई से हुई है. लेकिन पुलिस ने इस मामले को मॉब लिंचिंग नहीं माना ना ही आरोपियों के खिलाफ आज तक कुछ कर पाई है. पुलिस के इस रवैये से दुखी होकर रतिराम ने स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को जहर खाकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद यह मामला मीडिया की चर्चा में आया था. सचिन पायलट ने जाटव परिवार से मिलने के बाद घोषणा की कि यह घटना मॉब लिंचिंग है या नहीं, इसकी नए सिरे से जांच भिवाड़ी के नए एसपी डॉ. अमनदीप सिंह करेंगे.

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने पहलू खां की मौत के मामले में गहलोत सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पहलू खां मामले में यदि आठ माह पहले सरकार बनते ही एसआईटी का गठन कर जांच करवाई जाती तो अदालत का फैसला कुछ और होता. हालांकि अदालत के फैसले के बाद सरकार ने एसआईटी गठित कर दी है. अब कोई दोषी बच नहीं पाएगा. पायलट ने अलवर में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सभी के लिए आत्मचिंतन का विषय है. कानून हर जाति, समुदाय के लिए बराबर है.

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रतिराम जाटव की मौत के बाद दलित समाज के लोगों और भाजपा नेताओं ने टपूकड़ा सीएचसी के सामने तीन दिन तक धरना दिया था. इसके बाद यह मामला मीडिया में उछला और भाजपा ने कांग्रेस पर तीखे हमले शुरू कर दिए थे. भाजपा का आरोप था कि कांग्रेस के नेता हरीश जाटव के परिवार से मिलने तक नहीं गए. सरकार सिर्फ पहलू खां मामले में ही जुटी है. इसके बाद सचिन पायलट कांग्रेस की तरफ से सबसे पहले झिवाणा पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाया.

पायलट के पहुंचते ही हरीश जाटव की पत्नी रेखा उनके पैरों से लिपट गई और न्याय की गुहार करने लगी. पायलट ने रेखा की चारों बेटियों के लालन-पालन, पढ़ाई और अन्य आर्थिक मदद के लिए सरकार से हर संभव सहायता दिलवाने की बात कही. हरीश के परिजनों ने पायलट से एफआईआर के आधार पर जांच कराने और दोषी पुलिस कर्मियों को हटाने की मांग की. पायलट ने आश्वासन दिया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. पायलट के साथ राज्य के श्रम मंत्री टीकाराम जूली, जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह, अलवर एसपी परिघ देशमुख सहित कई अधिकारी और स्थानीय नेता मौजूद थे.

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इस बीच पुलिस ने रतिराम जाटव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी कर दी है, लेकिन उसमें मौत का कारण का खुलासा नहीं है. डॉक्टरों का कहना है कि फोरेंसिक जांच होने के बाद मौत के कारणों का खुलासा होगा. रतिराम की मौत 15 अगस्त की शाम को जहरीला पदार्थ खाने से हुई थी. इसके बाद दलित समाज के लोगों ने टपूकड़ा में धरना देते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था. धरने को भाजपा का भी समर्थन था. तीन दिन बाद धरना खत्म होने के बाद रतिराम का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया था. अब एफएसएल से विसरा की रिपोर्ट का इंतजार है.

चट मंगनी पट ब्याह की तर्ज पर जयपुर-अलीगढ़ वोल्वो बस शुरू

अगर कोई यह कहे कि गहलोत सरकार ठीक से काम नहीं कर रही है, तो वह गलत है. सरकार कोई सी भी हो, यह आरोप आम तौर पर लगता रहता है कि वह मांगें मंजूर नहीं करती या बहुत ही धीमी गति से उसके फैसले होते हैं. लेकिन कई बार कुछ मांगें आश्चर्यजनक रूप से विद्युत गति से पूरी की जाती है, यह उदाहरण जयपुर में मंगलवार को दिखा. परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सुबह अलीगढ़ के लिए वोल्वो शुरू करने के आदेश दिए और दोपहर करीब ढाई-तीन बजे उन्होंने सिंधी कैंप पहुंचकर बस को हरी झंडी दिखा दी. यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अलीगढ़ के लिए … Read more

पायलट ने मंत्री धारीवाल और मेयर लाटा पर कसा तंज

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 75वीं जयंती पर मंगलवार को एक कार्यक्रम में राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने यूडीएच मिनिस्टर शांति धारीवाल और जयपुर मेयर विष्णु लाटा पर तंज कसते हुए वहां बैठे तमाम नेताओं को चौंका दिया. धारीवाल पर तंज कसते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि पायलट ने यूडीएच मिनिस्टर पर निशाना साधते हुए कहा, ‘धारीवालजी, आज भाषण के दौरान पूरे मूड में थे. आप इतना जोर अगर एक-डेढ साल पहले लगाते तो हाडौती में पांच से सात सीटें ज्यादा जीत लेते.’ उसके तुरंत बाद पायलट ने जयपुर शहर के महापौर विष्णु लाटा को लेकर कहा, ‘लाटाजी बहुत एक्टिव है. लाटा ने आज जोरदार और लंबा भाषण दिया है. चुनाव आ रहे है. आपका लंबा भाषण तो बनता है. परिसीमन में पता नहीं कब महिला सीट आ जाए.’

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डिप्टी सीएम और प्रदेशाध्यक्ष पायलट के बदले सुर देखकर वहां मौजूद सभी नेता और कार्यकर्ता एक दूसरे का मुंह ताकने लगे. दरअसल पायलट बिडला सभागार में दो दिवसीय कार्यक्रम ‘सूचना क्रांति एवं स्टार्ट अप’ में पंचायतीराज एवं स्वायत्त शासन विभाग द्वारा एक संगोष्ठी कार्यक्रम में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. बता दें, राजस्थान सरकार ने राजीव गांधी की जयंती पूरे सालभर मनाने का निर्णय लिया है. इसके तहत पूरे राज्य में विभिन्न कार्यक्रम सालभर में आयोजित कराए जाएंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, यूडीएच मंत्री शांति धारिवाल, जयपुर मेयर विष्णु लाटा सहित अन्य नेता मौजूद रहे.

जनता के सुझावों के लिए द्वार हमेशा खुले
समारोह को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि आने वाला समय राजस्थान की जनता का है. जनता ने जो मेंडेट विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को दिया, उस पर सरकार खरा उतरेगी. राजस्थान की जनता अगर कोई सुझाव हमें देना चाहती है तो हम तक पहुंचाए. हमारे दरवाजे प्रदेश की जनता के लिए हमेशा खुले हुए है.

सीएम गहलोत ने साधा पीएम मोदी पर निशाना
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू देश की आजादी के लिए कई सालों तक जेल में रहे लेकिन सत्ता में बैठे लोग आज नेहरू के लिए क्या—क्या बोल रहे है? देश में सोशियल मीडिया के माध्यम से षडयंत्र रचा जा रहा है. लोगों को गुमराह किया जा रहा है. इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकडे कर दिए. 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को सरेंडर करवाया. वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे तो हमने कारगिल युद्ध जीता, इस पर हमें गर्व है. आज सैनिकों के नाम राजनीति की जा रही है जो गलत है. देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि जैसे जो कुछ देश में हुआ वो 2014 के बाद ही हुआ. पीएम मोदी ने कभी भी नहीं कहा कि नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए क्या किया लेकिन जनता सब जानती है. इतिहास गवाह है, जब जब जनता चाहती है सत्ता पलट जाती है. इस दौरान गहलोत ने राजीव गांधी को डिजिटल क्रांति का जनक बताया.

शैक्षणिक योग्यता पर वसुंधरा सरकार को घेरा
सीएम गहलोत ने पिछली सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछली सरकार ने सरपंच चुनाव के लिए जो शैक्षणिक योग्यता तय की, वो गलत थी. अगर योग्यता तय करनी ही थी तो बड़े चुनावो में करते. जब अनपढ़ विधायक बन सकता है तो सरपंच क्यों नहीं. हमने सरकार बनते ही इसको हटाया. साथ ही निकाय चुनावों के लिए एक अहम फैसला लिया जिसमें निकाय अध्यक्ष का चुनाव अब सीधे जनता करेगी.