शादी में दहेज लेने पर स्कूल लेक्चरर सस्पेंड, झूठे शपथ-पत्र से खुला मामला

सरकारी सेवा में गलत जानकारी देना पड़ा भारी, कुंडेरा थाने में केस दर्ज, अब विभाग ने भी लिया सख्त एक्शन

राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग ने राजनीति विज्ञान के स्कूल लेक्चरर दीपक कुमार शर्मा को दहेज लेने के आरोप में निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई उनकी पत्नी द्वारा दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराने के बाद की गई. बताया जा रहा है कि लेक्चरर ने न केवल शादी में दहेज लिया, बल्कि सरकारी सेवा में जॉइनिंग के समय विभाग को गलत जानकारी देते हुए झूठा शपथ-पत्र भी प्रस्तुत किया.

आरोपी दीपक झालावाड़ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनी भवानीमंडी में कार्यरत था. निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा, चूरू निर्धारित किया गया है. उसे उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी.

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पत्नी ने पुलिस और विभाग दोनों में की शिकायत

मामला सवाई माधोपुर के कुंडेरा थाने से शुरू हुआ, जहां 10 जुलाई 2025 को पत्नी वंदना शर्मा ने अपने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया. यह मामला वर्तमान में कोर्ट में विचाराधीन है. इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग में भी शिकायत दी, जिस पर विभाग ने संज्ञान लिया.

विभागीय जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने 9 अप्रैल को दीपक शर्मा के निलंबन के आदेश जारी किए.

झूठे एफिडेविट ने बढ़ाई मुश्किलें

सरकारी सेवा में शामिल होते समय कर्मचारियों को यह शपथ देनी होती है कि उन्होंने शादी में दहेज नहीं लिया.

दीपक शर्मा ने 1 मार्च 2024 को जॉइनिंग के दौरान ऐसा ही शपथ-पत्र दिया था, जिसमें दहेज न लेने का दावा किया गया था. लेकिन जांच में यह जानकारी गलत पाई गई, जो सेवा नियमों का उल्लंघन है.