बीजेपी ने शुरू की पंचायत चुनाव की तैयारियां, 25 दिसंबर से हो सकती है आचार संहिता लागू

केंद्र सरकार की सफल योजनाओं के नाम पर वोट मांगेगी भाजपा, प्रदेश कार्यालय में बैठकों का दौर तेज, जारी की सभी संभाग प्रभारियों की ​सूची

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पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के भाजपा मुख्यालय पर इन दिनों पंचायतीराज चुनावों (Panchayat Elections) की रूपरेखा तय करने के लिए बैठकों का दौर जारी है. प्रदेश के 49 निकायों में मिली करारी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आगामी पंचायत चुनाव के लिए कमर कस ली है. इससे पहले, नवंबर में हुए प्रदेश की 49 में से भाजपा महज 12 निकायों में बोर्ड बना पायी थी. पहले उपचुनाव और उसके बाद निकाय चुनावों में जिस तरह से भाजपा का जनाधार घटा है, उससे कहीं न कहीं पार्टी चितिंत है. यही वजह है कि बगैर समय गवाए पार्टी के तमाम पदाधिकारी एक के बाद बैठकें कर पंचायत चुनाव की पूरजोर तैयारियों में जुटे हुए हैं.

प्रदेश भाजपा मुख्यालय में हो रही इन मैराथन बैठकों में पंचायत चुनाव की रणनीति पर लंबी चर्चा हो रही है. पार्टी मुख्य रूप से पंचायत चुनाव में वोट मांगने के लिए गहलोत सरकार की विफलताओं को गांव-ढाणी तक जोरशोर से पहुंचाएगी. वहीं केंद्र की मोदी सरकार की किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए जो हितकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, उनको ग्रामीण मतदाताओं के सामने रख रिझाने की कोशिश करेगी.

पंचायत चुनावों (Panchayat Elections) को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के सभी सातों संभागों में प्रभारी व सह प्रभारी नियुक्त कर दिए है. बीकानेर में रामचरण बोहरा को प्रभारी व जसवंत विश्नोई और सुरेन्द्र पाल टीटी के साथ काशीराम गोदारा को सह प्रभारी बनाया गया है. जयपुर में ओंकार सिंह लाखावत को प्रभारी एवं महेंद्र यादव और स्वामी सुमेधानंद सरस्वती को सह प्रभारी की कमान संभालाई गई है. भरतपुर में राजेंद्र राठौड को प्रभारी व डॉ. किरोडीलाल मीणा और जवाहर सिंह बेढम को सह प्रभारी, अजमेर में अशोक परनामी को प्रभारी व रामलाल गुर्जर और पुखराज पहाडिया को सह प्रभारी, जोधपुर में अर्जुनराम मेघवाल प्रभारी व देवजी पटेल और महेंद्र बोहरा को सह प्रभारी, उदयपुर में धर्मनारायण जोशी को प्रभारी व सुशील कटारा और अर्जुन मीणा को सह प्रभारी, कोटा में अरूण चतुर्वेदी को प्रभारी व प्रभुलाल सैनी और मदन दिलावर को सह प्रभारी नियुक्त किया है.

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इस संबंध में बुधवार को राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री वी. सतीश की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी मोर्चों की प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया. इससे पहले प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया की अध्यक्षता में मंगलवार को पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ. इस बैठक में भाजपा की प्रदेश इकाई के तमाम पदाधिकारी सहित तमाम संभाग प्रभारी मौजूद रहे. इसी क्रम में गुरुवार को भाजपा किसान मोर्चा ने भी प्रदेश समन्वयक एवं संभाग प्रभारी/सह-प्रभारियों की सूची जारी कर दी. सूची के अनुसार,

  • जयपुर – ओमप्रकाश यादव (प्रदेश उपाध्यक्ष), रामस्वरूप सैनी (प्रदेश मंत्री)
  • भरतपुर – राजेन्द्र मीणा शेखपुरा (प्रदेश महामंत्री), भीमसिंह सोगरवाल (वरिष्ठ कार्यकर्ता)
  • अजमेर – माधोराम चौधरी (प्रदेश उपाध्यक्ष), पृथ्वीसिंह चौहान (प्रदेश मंत्री)
  • उदयपुर – श्रवण सिंह राव (प्रदेश उपाध्यक्ष) प्रभु पण्डया (प्रदेश उपाध्यक्ष)
  • बीकानेर – आत्माराम तरड़ (प्रदेश उपाध्यक्ष) गुरूपाल सिंह चठठा (वरिष्ठ कार्यकर्ता) गोपाल चौधरी (वरिष्ठ कार्यकर्ता)
  • जोधपुर – गिरधारी सिंह मंडली (प्रदेश उपाध्यक्ष) पूनाराम चैधरी (प्रदेश मंत्री), तोलाराम जाखड़ (प्रदेश कार्य. सदस्य)
  • कोटा – मुकुट बिहारी नागर (प्रदेश मंत्री), रामलाल मेहता (जिलाध्यक्ष-बारां)

पंचायती राज चुनाव (Panchayat Elections) के लिए सरकार ने अपने स्तर की लगभग सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है. प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर 25 दिसंबर से प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो सकती है. राज्य के प्रशासनिक सुधार विभाग ने फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी है, बस मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की हरी झंडी मिलने का इंतजार है. सूत्रों के अनुसार 25 दिसंबर से 7 फरवरी तक आचार संहिता प्रभावी रहेगी. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी.

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पंचायत चुनाव (Panchayat Elections) के लिए निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता लागू होने से पूर्व ही एक आदेश जारी कर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए चुनाव में अधिकतम खर्च की सीमा तय कर दी है. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जिला परिषद सदस्य के लिए डेढ़ लाख रुपए, पंचायत समिति सदस्य के लिए 75 हजार और सरपंच के लिए 50 हजार रूपये अधिकतम खर्च सीमा तय की गई है. किसी भी प्रत्याशी की खर्च सीमा से संबंधित शिकायत परिणामों के 15 दिन के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी या उसके द्वारा अधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी. शिकायत सही जाने पर सक्षम अधिकारी कोर्ट में परिवाद करेगा कोर्ट का निर्णय मान्य होगा.

गौरतलब है कि हाल ही में प्रदेश में ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के पुनर्गठन व परीसीमन का कार्य पूरा हो चुका है. इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है अधिसूचना के अनुसार प्रदेश में 1264 नई ग्राम पंचायतों और 48 पंचायत समितियों का गठन किया गया है. ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को पंचायत चुनाव का बेसब्री से इंतजार है वहीं राजनीतिक दल भी पंचायत चुनाव को लेकर अपनी अपनी रणनीति बना रहे है.

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