Rajasthan: लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर की गई टिप्पणी को लेकर देश की सियासत गरमा गई है. राजस्थान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राहुल गांधी के बयान की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उन पर तीखा हमला बोला है. मदन राठौड़ (Madan Rathore) ने कहा कि देश में कांग्रेस की स्वीकार्यता लगातार घटती जा रही है और अब हाशिए पर पहुंची कांग्रेस (Congress) को देखकर राहुल गांधी हताशा में घटिया शब्दावली पर उतर आए हैं. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करने वाले राहुल गांधी को अब किसी मनोचिकित्सक को दिखवाना चाहिए. यह बयान उनकी हताशा की पराकाष्ठा है, जिसे आदर्श लोकतंत्र में देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी.
मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेतृत्व पर संस्कारों के अभाव का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी के 'नागरिक बहिष्कार' की मांग कर डाली. उन्होंने कहा कि जो प्रधानमंत्री देश को समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए दिन-रात अथक प्रयास कर रहे हैं, उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करना बेहद शर्मनाक है. राठौड़ ने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है; इससे पहले सोनिया गांधी और मणिशंकर अय्यर जैसे कांग्रेस नेता भी पीएम मोदी के लिए निम्न स्तर की भाषा का प्रयोग कर चुके हैं. इसी अमर्यादित रवैए के चलते देश की जनता ने कांग्रेस को हाशिए पर धकेल दिया है और वह बंगाल तथा पुडुचेरी सहित देश के अधिकांश राज्यों की सत्ता से बाहर हो चुकी है.
राहुल गांधी के नेतृत्व को देश द्वारा नकारे जाने की बात कहते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती ताकत का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को दुनिया की महाशक्तियों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. मोदी सरकार ने रेलवे, एयर कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, चिकित्सा सुविधाओं और किसानों की आय बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं. चंद्रयान मिशन, सर्जिकल स्ट्राइक और "ऑपरेशन सिंदूर" जैसे अभियानों ने पूरी दुनिया में भारत की ताकत का लोहा मनवाया है. इसके बावजूद विपक्ष द्वारा की जा रही हल्के स्तर की राजनीति और घटिया शब्दावली को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ (मीडिया) और देश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.
इसके साथ ही, मदन राठौड़ ने पेट्रोल, डीजल और गैस संकट को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर भी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि देश में इन ईंधनों की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है और कमी को लेकर जनता के बीच अनावश्यक भय फैलाया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने हमेशा संसाधनों के संतुलित, जिम्मेदार और मितव्ययी उपयोग की बात कही है, और ऐसी सही सलाह देना कहीं से भी गलत नहीं है. राठौड़ ने अंत में सभी राजनीतिक दलों को नसीहत देते हुए कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन मर्यादित और संयमित भाषा की रक्षा करना हर नेता की जिम्मेदारी है. ऐसी ओछी राजनीति का जवाब देश की जनता खुद कांग्रेस को देगी.













