भावंडा में ताड़ा हत्याकांड पर सियासत तेज, बेनीवाल बोले- सरकार और पुलिस का रवैया गैरजिम्मेदाराना

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल पहुंचे भावंडा पुलिस थाने, सुनील ताड़ा के शव के साथ धरने का दूसरा दिन, श्रद्धांजलि अर्पित कर परिजनों को बंधाया ढांढस, पुलिस पर लगाया मिलीभगत का आरोप, एक अक्टूबर को सुनील ताड़ा पर किया था बदमाशों ने हमला, इलाज के दौरान हुई मौत, शव के साथ ग्रामीण कर रहे है थाने का घेराव, पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं आरोपी

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भावंडा में सुनील हत्याकांड पर सियासत तेज
भावंडा में सुनील हत्याकांड पर सियासत तेज
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Politalks.News/Rajasthan. नागौर के भावंडा पुलिस थाने के बाहर सुनील ताड़ा के शव के साथ धरना दूसरे दिन भी जारी रहा. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल गुरुवार को खींवसर विधानसभा क्षेत्र में स्थित भावंडा पुलिस थाने के घेराव में पहुंचे, इस दौरान सांसद बेनीवाल ने दिवगंत सुनील उर्फ सोनू ताड़ा की पार्थिव देह पर श्रद्धांजलि अर्पित करके उनके परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया, सांसद बेनीवाल ने पुलिस और सरकार पर गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने और मिलीभगत का आरोप लगाया’. इधर, पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में भावंडा थानाप्रभारी शंकर लाल, हेड कांस्टेबल भगवाना राम और कांस्टेबल राधेश्याम को लाइन हाजिर कर दिया है. थाने के बाहर तनाव के हालात बने हुए हैं और पुलिस जाब्ता तैनात है.

भावंडा थाने के बाहर शव के साथ धरना जारी 
दरअसल नागौर के भावंडा में सुनील ताड़ा की मौत के बाद आज दूसरे दिन भी गतिरोध जारी है. परिजन थाने के बाहर शव के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं. ये लोग आरोपियों की गिरफ्तारी करने, मूंडवा सीओ को हटाने, भावण्डा एसएचओ को सस्पेंड करने, पूरे थाने के स्टाफ को लाइन हाजिर करने और बीस लाख मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं. पुलिस की 6 टीम कल से ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही हैं, लेकिन अभी तक उनके हाथ कोई सफलता नहीं लगी है.

बेनीवाल पहुंचे भावंडा थाने, सुनील ताड़ा को अर्पित की श्रद्धांजलि
इधर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल गुरुवार को खींवसर विधानसभा क्षेत्र में स्थित भावंडा पुलिस थाने के घेराव में पहुंचे, इस दौरान पर सांसद बेनीवाल ने दिवगंत सुनील उर्फ सोनू ताडा की पार्थिव देह पर श्रद्धांजलि अर्पित करके उनके परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया.

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‘सरकार और पुलिस का रवैया गैर जिम्मेदाराना’
इस दौरान सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि, ‘यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. सरकार और पुलिस के गैर जिम्मेदाराना रवैये के परिणाम यह है कि एक एक अक्टूबर को सोनू उर्फ सुनील ताडा को अगवा करके उसे जान से मारने की नीयत से जानलेवा हमला किया गया. घटना के 14 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है’. बेनीवाल ने पुलिस और सरकार पर गैर जिम्मेदाराना रवैये अपनाने का आरोप लगाया

‘मिले हुए हैं पुलिस और आरोपी’
सांसद बेनीवाल ने आरोप लगाया कि, ‘पुलिस ने जानलेवा हमले के गम्भीर मामले को धारा-308 में दर्ज किया जबकि मामला 307 के तहत दर्ज होना चाहिए था. घटना घटित होने के बाद थाना अधिकारी सहित कई पुलिस कर्मी आरोपियों के साथ लगातार संपर्क में है ऐसे में न्याय की अपेक्षा कैसे की जाए?‘. वही’ खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल ने कहा कि, ‘आजादी के दशकों बाद पहली बार भावण्डा थाने का घेराव हुआ है क्योंकि पुलिस ने क्षेत्र में अराजकता का माहौल बना कर रख दिया!

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एक अक्टूबर को बदमाशों ने किया था हमला
सुनील ताड़ा के परिजनों के मुताबिक एक अक्टूबर की रात गिरधर धर्मकांटे पर 20 से ज्यादा लोगों ने लाठी-सरियों से उस पर हमला बोल दिया और उसे गाड़ी में डाल कर ले गए. परिजनों का कहना है कि मारपीट के बाद हमलावर सुनील को अधमरी हालत में राधिका भट्टे के पास फेंककर फरार हो गए. गंभीर हालत में सुनील को इलाज के लिए अहमदाबाद ले जाया गया, जहां उसकी कल मौत हो गई. सुनील की मौत के बाद परिजन शव को लेकर थाने आ गए और थाने के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. परिजनों का कहना है कि एसएचओ की अपराधियों से मिलीभगत है और उन्हें बचाने के लिए हमले के 11 दिन बाद भी पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया.

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