धरियावद में राठौड़ ने जिंदा किया मुकाबला, अब गहलोत के ‘हनुमान’ की बारी तो वल्लभनगर में रोचक जंग

विधानसभा उपचुनाव का रण, चुनावी मुकाबले की तस्वीर हुई साफ, चुनावी रणनीतिकारों ने संभाला मोर्चा, वल्लभनगर में चतुष्कोणीय मुकाबले में फंसी भाजपा, RLP और भींडर ने बढ़ाई भाजपा की मुश्किल तो कांग्रेस सहानुभूति और गहलोत सरकार के भरोसे, तो धरियावद में दिग्गज राजेन्द्र राठौड़ ने बागी को मनाकर हारी बाजी को बदला मुकाबले में, लेकिन गहलोत के 'हनुमान' के लिए खड़ी हुई चुनौती

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विधानसभा उपचुनाव का रण
विधानसभा उपचुनाव का रण
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Politalks.News/Rajasthan. प्रदेश की दो विधानसभा सीटों धरियावद और वल्लभनगर पर होने वाले उपचुनाव का घमासान अब और तेज होता जा रहा है. विधानसभा उपचुनावों के लिए नाम वापसी का समय बुधवार को खत्म हो गया है. इसके बाद अब वल्लभनगर और धरियावद में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की स्थिति साफ हो गई है. वल्लभनगर में कांग्रेस की प्रत्याशी प्रीति शक्तावत, भाजपा के हिम्मत सिंह झाला, आरएलपी के उदयलाल डांगी और जनता सेना से दीपेंद्र कुंवर सहित 9 प्रत्याशी मैदान में हैं. वहीं धरियावद में भाजपा से खेतसिंह, कांग्रेस से नगराज मीणा और बीटीपी से गणेश लाल मीणा सहित 7 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं. ये तो बता हई चुनाव के चेहरों की, दूसरी तरफ असली प्रतिष्ठा की लड़ाई तो दोनों प्रमुख पार्टी के दिग्गजों, RLP के हनुमान बेनीवाल और बीटीपी के आला नेताओं की है. वल्लभनगर में तो रणधीर सिंह भींडर की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है. इधर भाजपा और कांग्रेस में असल सियासी मुकाबला उन रणनीतिकारों के बीच है जो यहां चुनावों संचालन की बागडोर संभाल रहे हैं.

धरियावद में राठौड़ दिखा चुके कौशल, अब ‘हनुमान’ को बारी का इंतजार
धरियावद में कांग्रेस के नगराज मीणा का मुकाबला भाजपा के खेतसिंह मीणा से हैं. वहीं बीटीपी के गणेशलाल ने भी ताल ठोक रखी है. धरियावद में भाजपा की रणनीति की कमान दिग्गज नेता राजेंद्र राठौड़ ने संभाल रखी है, वहीं कांग्रेस की ओर से सीएम गहलोत के ‘हनुमान’ कहे जाने वाले धर्मेन्द्र राठौड़ ने बागडोर संभाल रखी है. आपको बता दें कि ये दोनों ही रणनीतिकार हालही में सहाड़ा उपचुनावों में भी आमने-सामने हो चुके हैं. सहाड़ा में धर्मेन्द्र राठौड़ ने राजेन्द्र राठौड़ को जोरदार मात दी थी. वहां कांग्रेस प्रत्याशी गायत्री त्रिवेदी ने जीत दर्ज की थी. लेकिन इस बार राजेन्द्र राठौड़ ने अपनी रणनीति का कौशल दिखाते हुए भाजपा के पूर्व विधायक गौतम लाल मीणा के पुत्र कन्हैया लाल को बागी होने से रोक कर हारी हुई बाजी को वापस कड़े मुकाबले में बदल दिया है.

धरियावद में भाजपा के सामने सीट को बचाने की चुनौती है, क्योंकि पिछले तीन चुनावों में दो में भाजपा तो एक में कांग्रेस विजयी रही थी. 2008 में इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी नगराज मीणा जीते थे. वहीं 2013 और 2018 में भाजपा के गौतमलाल मीणा ने परचम फहराया था. अब 2021 के उपचुनाव में एक बार फिर कांग्रेस से नगराज मीणा मैदान में हैं, जबकि भाजपा ने खेतसिंह मीणा को पहली बार मैदान में उतारा है. वहीं दूसरी ओर बीजेपी-कांग्रेस के दिग्गजों के बीच बीटीपी यहां उपस्थिति दर्ज करवाने की तैयारी में है.

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वल्लभनगर में चतुष्कोणीय मुकाबला, कांग्रेस को सहानुभूति का सहारा

वल्लभनगर में कांग्रेस की ओर से प्रीति शक्तावत, भाजपा से हिम्मत सिंह झाला, RLP से उदयलाल डांगी और जनता सेना दीपेन्द्र कुंवर में चतुष्कोणीय मुकाबला है. कांग्रेस को सहानुभूति की लहर और गहलोत सरकार के कामकाज का सहारा है. यहां कांग्रेस के रणनीतिकारों में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और उदयलाल आंजना हैं. वहीं भाजपा के चुनाव की कमान गुलाबचंद कटारिया, सांसद सीपी जोशी जैसे दिग्गज नेताओं ने संभाल रखी है. कांग्रेस ने यहां दिवंगत विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत को मैदान में उतारा है. इस विश्वास में कि उन्हें यहां सहानुभूति की लहर का फायदा मिलेगा.

आपको बता दें, भाजपा वल्लभनगर और धरियावद सीट पर टिकट बंटवारे में शुरू से ही उलझी नजर आई. भींडर परिवार को अंतिम समय तक लटकाने के बाद भाजपा ने चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी की सिफारिश पर युवा हिम्मत सिंह झाला पर दांव खेला है. टिकट पर टकटकी लगाए बैठे भींडर परिवार और उदयलाल डांगी को भाजपा ने दरकिनार कर दिया. इधर भाजपा से नाराज बताए जा रहे प्रत्याशी उदय लाल डांगी को अपना टिकट देकर RLP ने मास्ट्रस्ट्रोक चल दिया है. वहीं भींडर परिवार भी मैदान में है. दीपेन्द्र कुंवर भींडर कांग्रेस-भाजपा की परेशानी बढ़ाने के लिए अकेली ही काफी हैं.

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दोनों जगहों पर विधायकों का हुआ था निधन

पिछले विधानसभा चुनावों में वल्लभनगर में कांग्रेस विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत और धरियावाद से भाजपा विधायक गौतमलाल चुने गए थे. दोनों विधायकों का निधन हो गया था. ऐसे में यहां अब उपचुनाव कराए जा रहे है. निर्वाचन विभाग के तय कार्यक्रम के अनुसार 30 अक्टूबर को दोनों सीटों पर मतदान कराया जाएगा और 2 नवंबर को नतीजे आएंगे. इससे पहले एक अक्टूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई थी. आठ अक्टूबर तक नामांकन भरे गए और 11 अक्टूबर को नामांकन की जांच की गई. कुछ उम्मीदवारों ने 13 अक्टूबर तक नाम वापस लिए थे.

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