Cockroach Janta Party: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आम लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से 'क्या बोलती पब्लिक' नामक नए जनसंपर्क अभियान की घोषणा की है. इस अभियान के तहत वह विभिन्न शहरों और राज्यों में जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का दावा करेंगे.
दीपके ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक गतिविधियां करना नहीं है, बल्कि आम लोगों की वास्तविक परेशानियों को समझना और उन्हें उचित मंच तक पहुंचाना है. उनका कहना है कि आज शिक्षा, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दे सीधे तौर पर हर परिवार को प्रभावित कर रहे हैं, लेकिन इन पर आम लोगों की आवाज़ पर्याप्त रूप से नहीं सुनी जा रही.
शिक्षा की बढ़ती लागत पर जताई चिंता
अभिजीत दीपके ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आम परिवारों की पहुंच से लगातार दूर होती जा रही है. निजी स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस ने अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है. उन्होंने दावा किया कि कई निजी स्कूलों में पहली कक्षा से ही फीस लाखों रुपये तक पहुंच रही है, जबकि एडमिशन फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य खर्च अलग से वहन करने पड़ते हैं.
उन्होंने कहा कि सिर्फ स्कूली शिक्षा ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी लगातार महंगी होती जा रही है. ऐसे में कई परिवार बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए कर्ज लेने को मजबूर हैं. उनके अनुसार, आर्थिक स्थिति किसी भी छात्र की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए.
रोजगार, महंगाई समेत अन्य मुद्दों पर भी होगा संवाद
दीपके ने बताया कि 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान के दौरान उनकी पार्टी शिक्षा के साथ-साथ रोजगार, महंगाई और आम नागरिकों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी लोगों की राय लेगी. उनका कहना है कि इन सुझावों और समस्याओं को व्यवस्थित रूप से संबंधित मंचों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा.
डॉ. आंबेडकर के विचारों का किया उल्लेख
अभिजीत दीपके ने डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम है. उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा लगातार महंगी होती गई तो इसका सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ेगा.
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जंतर-मंतर पर अपने आंदोलनों के कारण युवाओं के बीच पहचान बनाने वाले अभिजीत दीपके का 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान जनता के बीच कितना प्रभाव छोड़ता है और इसे कितना जनसमर्थन मिलता है.













