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‘लाठी-गोली से नहीं डरते’- भैराणा धाम मुद्दे पर हनुमान बेनीवाल का सरकार को अल्टीमेटम, देखें क्या कहा?

01 जून 2026
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‘लाठी-गोली से नहीं डरते’- भैराणा धाम मुद्दे पर हनुमान बेनीवाल का सरकार को अल्टीमेटम, देखें क्या कहा?

हनुमान बेनीवाल का आर-पार का ऐलान: 'सत्ता की लाठी-गोली से नहीं डरती RLP', भैराणा धाम के रीको अधिग्रहण पर सरकार को दिया अल्टीमेटम!

Rajasthan: जयपुर जिले में स्थित दादूपंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भैराणा धाम को औद्योगिक क्षेत्र (रीको) के लिए अधिग्रहित किए जाने के विरोध में सियासत पूरी तरह गरमा गई है. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान की भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है. हनुमान बेनीवाल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि संत, सनातन और गौमाता के नाम पर सत्ता में आई भाजपा सरकार आज संतों की तपस्या और आस्था की घोर उपेक्षा कर रही है. राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए सनातन की भावनाओं को आहत किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

2 महीने से आंदोलनरत हैं संत, महापंचायत के बाद प्रशासन से हुआ था लिखित समझौता

सांसद हनुमान बेनीवाल ने बताया कि पवित्र स्थल और पर्यावरण की रक्षा के लिए संत समाज पिछले दो महीनों से इस भीषण गर्मी में संघर्ष और तपस्या कर रहा है. संतों के समर्थन में 27 मई को प्रदेशभर से आरएलपी कार्यकर्ता भैराणा धाम पहुंचे थे. वहां आयोजित महापंचायत और जयपुर कूच के ऐलान के बाद, मध्य रात्रि को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने संतों के साथ वार्ता की थी. इस दौरान प्रशासन ने जनता और मीडिया के सामने सार्वजनिक रूप से सहमति जताई थी कि भैराणा धाम से प्रस्तावित रीको परियोजना को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और एक संयुक्त समिति का गठन होगा, जिसके बाद जयपुर कूच स्थगित किया गया था.

आश्वासन के 5 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, सरकार की विश्वसनीयता पर उठे सवाल

वही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि 27 मई के समझौते को आज 1 जून हो गई है, लेकिन सरकार ने अपने आश्वासनों को अमल में लाने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से किए गए वादों से पीछे हटना सरकार की विश्वसनीयता को कमजोर करता है. बेनीवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार इस मामले का श्रेय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को नहीं देना चाहती तो न दे, क्योंकि आरएलपी के लिए श्रेय से बड़ा जनहित और संतों का सम्मान है.

कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे और संतों को डराने का लगाया आरोप

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सीधे संबोधित करते हुए आरएलपी सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि 27 मई को हुए समझौते के बाद से सरकार से जुड़े विभिन्न संगठन संतों पर अनैतिक दबाव बनाने और उन्हें भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं. इतना ही नहीं, मूल मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है. बेनीवाल ने कहा कि आरएलपी सत्ता की लाठी और गोली से डरने वाली पार्टी नहीं है.

समय रहते संभले सरकार, वरना कानून-व्यवस्था बिगड़ी तो जिम्मेदारी शासन की होगी

आखिर में चेतावनी देते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि सरकार समय रहते संभल जाए और समझौते के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करते हुए भैराणा धाम की पवित्रता और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित करे. यदि संतों की भावनाओं का अपमान जारी रहा, तो पूरे प्रदेश में भैराणा धाम को बचाने के लिए उग्र आंदोलन किए जाएंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि इस आंदोलन के दौरान यदि राजस्थान में किसी भी प्रकार से कानून-व्यवस्था बिगड़ती है, तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ भजनलाल सरकार की होगी.

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