राजस्थान के दौसा जिले में बाइक चोरी के संदेह में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. बांदीकुई के बसवा थाना क्षेत्र स्थित पंडितपुरा गांव में हुई इस घटना को लेकर प्रदेश के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है और इस जघन्य घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मेहंदीपुर
बालाजी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि समाज में
बढ़ती ऐसी प्रवृत्तियां बेहद चिंताजनक हैं, जहां लोग स्वयं ही अदालत और थानेदार की
भूमिका निभाने लगते हैं. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर किसी
अपराध का संदेह था तो उसे पुलिस के हवाले किया जाना चाहिए था, न कि भीड़ द्वारा सजा
देने की कोशिश की जानी चाहिए थी.
उन्होंने
कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन और न्याय व्यवस्था की जिम्मेदारी है. भीड़
द्वारा कानून हाथ में लेने की घटनाएं सभ्य समाज के लिए गंभीर खतरा हैं. राज्य सरकार
इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है और जांच पूरी होने के बाद किसी भी दोषी को
बख्शा नहीं जाएगा.
जानकारी
के अनुसार 28 मई को बांदीकुई निवासी 32 वर्षीय दिनेश मीणा घर से निकला था. इसी दौरान
पंडितपुरा गांव के पास कुछ लोगों ने उस पर बाइक चोरी का शक जताया. आरोप है कि युवक
को पकड़कर एक पेड़ से बांध दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई. सूचना मिलने पर पुलिस
मौके पर पहुंची और युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित
कर दिया. घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था.
बाइक
चोरी के शक में युवक को पेड़ से बांधकर पीटा
पुलिस
के अनुसार 28 मई को बांदीकुई निवासी 32 वर्षीय Dinesh Meena अपने घर से निकला था. इसी
दौरान पंडितपुरा गांव के पास कुछ लोगों ने उस पर बाइक चोरी का संदेह जताया. आरोप है
कि युवक को पकड़कर एक पेड़ से बांध दिया गया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई.
घटना
की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया
गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश
फैल गया और लोगों ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर
दिया.
वीडियो
वायरल होने के बाद हरकत में आया प्रशासन
मामला
उस समय और गंभीर हो गया जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वायरल वीडियो
में एक युवक को पेड़ से बांधकर रखा गया दिखाई दे रहा है. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस
प्रशासन ने विशेष जांच शुरू की और मामले की तह तक पहुंचने के लिए अलग-अलग टीमों का
गठन किया.
वीडियो
फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अब तक अशोक
सैनी, रिंकू सैनी, रायसिंह सैनी, महेंद्र सैनी और गिर्राज सैनी को गिरफ्तार किया है.
आरोपियों के खिलाफ हत्या, अवैध रूप से बंधक बनाने और एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न गंभीर
धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी
जांच कर रही है.
अहमदाबाद
से लौटा था दिनेश
जानकारी
के अनुसार दिनेश मीणा अहमदाबाद में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था और करीब दो
महीने पहले ही अपने गृह क्षेत्र बांदीकुई लौटा था. परिवार के मुताबिक वह सामान्य जीवन
जी रहा था और उसके खिलाफ किसी भी प्रकार का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. घटना के बाद मृतक
के परिजनों और समाज के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया था. परिजनों
ने दोषियों की गिरफ्तारी, आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर धरना दिया.
21
घंटे बाद खत्म हुआ धरना
करीब
21 घंटे तक चले धरने और वार्ता के बाद प्रशासन ने परिजनों की प्रमुख मांगों को स्वीकार
कर लिया. प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता, संविदा पर नौकरी तथा निष्पक्ष जांच का आश्वासन
दिए जाने के बाद धरना समाप्त किया गया. इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर
शव परिजनों को सौंप दिया गया.
इस
घटना ने एक बार फिर मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने
का दबाव बढ़ गया है.










