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विधानसभा की कार्यवाही से न तो विधायकों और न अफसरों को है कोई सरोकार, एक-एक कर सब हुए पार

14 फ़रवरी 2021
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विधानसभा की कार्यवाही से न तो विधायकों और न अफसरों को है कोई सरोकार, एक-एक कर सब हुए पार

Politalks.News/RajasthanAssembly.15वीं विधानसभा के षष्ठम सत्र में लगातार तीसरे दिन शनिवार को शाम होने तक कांग्रेस विधायकों और सरकारी अफसरों के गायब होने मामले पर बीजेपी विधायकों ने विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया. दरअसल, कांग्रेस विधायक सदन में बैठने की जगह लॉबी में गपशप कर रहे थे. शाम 4:45 बजे सदन में कांग्रेस के केवल 8 विधायक मोजूद थे. कांग्रेस विधायकों की इतनी कम मौजूदगी पर उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने गंभीर आपत्ति करते हुए सभापति राजेंद्र पारीक से कहा कि जब सत्ताधारी पार्टी के विधायक, मंत्री ही सदन में नहीं हैं तो फिर हमारे यहां बैठने का क्या तुक? इसके बाद नाराज बीजेपी विधायकों ने सदन से … Read more

Politalks.News/RajasthanAssembly.15वीं विधानसभा के षष्ठम सत्र में लगातार तीसरे दिन शनिवार को शाम होने तक कांग्रेस विधायकों और सरकारी अफसरों के गायब होने मामले पर बीजेपी विधायकों ने विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया. दरअसल, कांग्रेस विधायक सदन में बैठने की जगह लॉबी में गपशप कर रहे थे. शाम 4:45 बजे सदन में कांग्रेस के केवल 8 विधायक मोजूद थे. कांग्रेस विधायकों की इतनी कम मौजूदगी पर उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने गंभीर आपत्ति करते हुए सभापति राजेंद्र पारीक से कहा कि जब सत्ताधारी पार्टी के विधायक, मंत्री ही सदन में नहीं हैं तो फिर हमारे यहां बैठने का क्या तुक? इसके बाद नाराज बीजेपी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया. इसके बाद शाम 7 बजे विधानसभा को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

दलित महिला पार्षद के थप्पड़ मारने का गुंजा मामला

कोटा में महिला पार्षद को थप्पड़ मारने का मामला शून्यकाल में विधानसभा में गूंजा. बीजेपी विधायक कल्पना देवी ने यह मामला उठाया. कल्पना देवी ने कहा कि एक महिला पार्षद को थप्पड़ मारे गए. एक महिला जनप्रतिनिधि ही अपनी बात नहीं रख सकती, यह कैसा लोकतंत्र है. महिला पार्षद को थप्पड़ मारने की घटना का वीडियो प्रमाण है. महिला पार्षद आईजी के पास भी गई लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई. इस मामले में बीजेपी विधायक मदन दिलावर सहित कई विधायकों ने बोलने की कोशिश की लेकिन स्पीकर ने बोलने की इजाजत नहीं दी. इस पर कुछ देर के लिए सदन में तनातनी भी हुई. स्पीकर सीपी जोशी ने तल्ख लहजे में दिलावर से कहा, आपने ठेका ले रखा है क्या; आपको अनुमति नहीं दी जाएगी,यही हाल रहा तो मैं आपको किसी मामले में बोलने की इजाजत नहीं दूंगा.

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जसोदा बेन और पीएम मोदी पर टिप्पणी पर हुआ हंगामा, लगे जय किसान और जय श्रीराम के नारे

राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक गोविंद मेघवाल की टिप्पणियों से विधानसभा में दो बार हंगामा हुआ. गोविंद मेघवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी और जसोदा बेन पर टिप्पणियां की जिसका बीजेपी विधायकों ने जमकर विरोध किया. जसोदा बेन को लेकर पीएम पर की गई टिप्पणी को सभापति ने विधानसभा की कार्यवाही से निकालने के निर्देश दिए. इसके कुछ ही देर बाद मेघवाल ने पीएम और केंद्र सरकार पर तल्ख टिप्पणियां की और कहा कि केंद्र सरकार दो औद्योगिक घरानों की कठपुतली है, छप्पन इंच का सीना होता तो चाइना को जवाब देते. इस टिप्पणी पर जमकर हंगामा हुआ. कांग्रेस विधायकों ने जय किसान और बीजेपी विधायकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए. सभापति ने गोविंद मेघवाल की जगह अगले वक्ता हमीर सिंह भायल का नाम पुकारा तब जाकर हंगामा शांत हुआ.

गोविंद मेघवाल की टिप्पणी पर बोले राजेंद्र राठौड़ आप पहले बीजेपी के तलवे चाटते थे, आपको फिर वापस यहीं आना पड़ेगा
गोविंद मेघवाल ने जब तल्ख अंदाज में केंद्र सरकार पर निशाना साधा तो उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मेघवाल से कहा- पहले आप बीजेपी के तलवे चाटते थे, आपको फिर वापस यहीं आना पड़ेगा, इस तरह की भाषा ठीक नहीं है. इसके बाद राजेन्द्र राठौड़ पर पलटवार करते हुए निर्दलीय संयम लोढ़ा ने कहा- राठौड़ साहब, बीजेपी में राजनीति करने के लिए किसके तलवे चाटने पड़ते हैं. आपको बता दें, गोविंद मेघवाल पहले बीजेपी में थे. सीएम वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में वे 2008 तक संसदीय सचिव थे. बाद में मेघवाल कांग्रेस में शामिल हो गए. राजेंद्र राठौड़ ने मेघवाल के बीजेपी का अतीत होने की वजह से ही पीएम और पार्टी नेताओं के प्रति तल्ख होने पर ताना मारा.

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स्पीकर से बोले भरत सिंह ने कहा- मैं मूर्ख नहीं, कि यहां सवाल लगाता

कोटा के वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी में दिगम्बर जैन महावीर संस्थान को भवन निर्माण की स्वीकृति से जुड़े सवाल पर स्पीकर ने कांग्रेस विधायक भरत सिंह की आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया. भरत सिंह ने धर्म प्रचार के लिए यूनिवर्सिटी कैंपस में जमीन देने और MLA फंड के पैसे का दुरुपोग करने का सवाल उठाया. स्पीकर ने आपत्ति खारिज की तो भरत सिंह ने यहां तक कह दिया, ‘मैं मूर्ख नहीं हूं कि यहां सवाल लगाता, मामला अलग है.’

सवाल के जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि दिगम्बर जैन महावीर संस्थान को भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है, संस्थान को भूमि आवंटित नहीं की गई है. संस्था के प्रस्ताव पर सभागार निर्माण को स्वीकृति दी गई है. स्वामित्व पूरी तरह विश्वविद्यालय का ही रहेगा. विश्वविद्यालय को किसी भी आयोजन के लिए प्राथमिकता रहेगी. इस पर स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने कहा, यह कोई ज्यादा मोटा प्रश्न नहीं है, विश्वविद्यालय ऐसा कर सकते हैं. इस पर विधायक भरत सिंह ने कहा, ‘मैं इतना मूर्ख नहीं हूं कि मैं प्रश्न लगाता. मैंने सवाल ही इसलिए लगाया है कि संस्था को धर्म के प्रचार के लिए जगह दी गई.

राहुल जी की मौसी के घर चोरी हुई उस पर ही कोई कार्रवाई नहीं

राहुल गांधी के रिश्तेदार काटजू परिवार के सचिवालय के पास स्थित घर पर चोरी होने का मामला आज शून्यकाल के दौरान विधानसभा में उठा. उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने विधायकों की सुरक्षा का मामला उठाते हुए इस मुद्दे का भी जिक्र किया. राठौड़ ने कहा ननी काटजू और नरेश काटजू के घर चोरी हुई. राहुल जी की मौसी के घर चोरी हो जाए और आज तक कार्रवाई नहीं हुई. राठौड़ ने मजाकिया लहजे में कहा, मैं राहुल जी से आपकी शिकायत करुंगा, उनके रिश्तेदार के घर दो बार चोरी हो गई और अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. जब राहुल गांधी के रिश्तेदार का यह हाल है तो बाकी जनता का क्या होगा.

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हमारे कई विधायकों की जान को खतरा, सरकार दे सुरक्षा – बीजेपी

उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने विधायकों को सुरक्षा देने की मांग की. राठौड़ ने परसों अलवर विधायक की कार को टक्कर मारकर तोड़ने की घटना का जिक्र किया. राठौड़ ने कहा कि हमारे कई विधायकों की सुरक्षा खतरे में है. मुंडावर विधायक को एक गैंगस्टर ने धमकी दी थी, ढाई माह बाद वह कुख्यात अपराधी पुलिस हिरासत से फरार हो गसा जैसे पपला फरार हुआ था. इस घटना के बाद मुंडावर विधायक के घर 48 जनवरी को कुछ लोग रैकी करते हैं. हिंडौन विधायक पर भी फायर हो चुका है. कुशलगढ विधायक की कार तोड़ दी. सांसद हनुमान बेनीवाल पर हमल हो गया. बहरोड में हमारे उम्मीदवार पर हमला हो गया. सीआई विष्णुदत्त के फांसी पर लटकने के मामले के बाद सादुलपुर विधायक को जेड सुरक्षा दे दी, उन्हें सुरक्षा दीजिए लेकिन जिन विधायकों की जान को खतरा है सरकार उन्हें भी सुरक्षा दे.

कांग्रेस विधायक सदन में बैठने से छोटे नहीं हो जाएंगे: सभापति
शाम होने तक जब सदन में केवल आठ कांग्रेसी विधायक ही रह गए तो बीजेपी विधायकों ने इसका जबरदस्त विरोध किया. बीजेपी विधायकों के उग्र तेवर देख सभापति राजेंद्र पारीक ने मुख्य सचतेक को नसीहत दी कि सदन के प्रति कांग्रेस विधायकों की अनदेखी ठीक नहीं है. आपके दल के विधायकों को सदन में बैठने से क्या आपत्ति है, इसे आप गंभीरता से लीजिए, सदन में बैठने से छोटे नहीं हो जाएंगे. यह पहला मौका नहीं है जब सत्तापक्ष के विधायक इतनी कम संख्या में सदन में मौजूद हों. शुक्रवार और गुरुवार को भी एक बार केवल 11 कांग्रेस विधायक ही सदन में थे, तब भी नेता प्रतिपक्ष और उपनेता प्रतिपक्ष ने नाराजगी जताई थी.

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विधायक ही नहीं अफसर गैलरी भी पूरी खाली
कांग्रेस विधायकों के सदन से नदारद रहने के मामले में हंगामा शांत हाने के 45 मिनट बाद ही सदन की ऑफिसर गैलरी खाली हो गई. शाम 5:30 बजे गैलरी में एक भी अफसर मौजूद नहीं था. इस पर बीजेपी विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की. नेता प्रतिपक्ष गुलाबंचद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि सदन की गरिमा इससे ज्यादा नहीं गिर सकती जब बहस चल रही हो और उस पर भी एक भी अफसर उस पर आए सुझावों को नहीं लिख रहा हो. यह गंभीर मामला है, जब कोई अफसर बहस के सुझाव ही नहीं लिखेगा तो फिर सरकार जवाब किसका देगी.

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