नागौर सांसद और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने SI भर्ती 2021 के री-एग्जाम से जुड़े अभ्यर्थियों की मांग को लेकर राजस्थान सरकार और RPSC पर निशाना साधा है. हनुमान बेनीवाल ने कहा कि 20 सितंबर को आयोजित री-एग्जाम से जुड़े अभ्यर्थी जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर आंदोलन कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने वहां से खदेड़ दिया. इसके बाद अभ्यर्थियों ने जयपुर स्थित उनके आवास पर मुलाकात कर अपनी पीड़ा से अवगत कराया और परीक्षा को दोबारा आयोजित करवाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा.
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि RPSC को समझना होगा कि प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य की जिम्मेदारी उसके कंधों पर है, ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को भर्ती संस्थाओं की कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने चाहिए, ताकि राजस्थान के युवाओं को बार-बार न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर न होना पड़े। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेताओं ने RPSC में व्याप्त भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए आयोग के पुनर्गठन की बात कही थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा अपने इस वादे को भूल गई.
नागौर सांसद बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल किया कि चुनाव से पहले किए गए वादे के अनुसार RPSC का पुनर्गठन आखिर कब किया जाएगा? उन्होंने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट भी RPSC की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठा चुका है, इसके बावजूद सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रही है. हनुमान बेनीवाल ने बताया कि SI भर्ती 2021 के री-एग्जाम से जुड़े अभ्यर्थियों ने परीक्षा दोबारा आयोजित करवाने की मांग की है और RPSC ने पेपर सेटर को नोटिस भी भेजा है. हनुमान बेनीवाल ने सरकार से अभ्यर्थियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए परीक्षा रद्द करने के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की और कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर सरकार के सक्षम स्तर पर भी बात की है.












