Bihar Politics: 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर RJD कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जुबान फिसलने पर बिहार की सियासत गरमा गई. भाषण की शुरुआत में तेजस्वी ने दशरथ मांझी की जगह वर्तमान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का नाम ले लिया. गलती सामने आते ही उन्होंने खुद को सुधारा, लेकिन तब तक राजनीतिक तंज का सिलसिला शुरू हो चुका था.
इस पर जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा, 'नशा कुछ भी करा सकता है. ऐसा लगा कि ‘बाबू साहब’ का रात वाला नशा अभी उतरा नहीं था, इसलिए उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही थी.' मांझी ने आगे तंज करते हुए कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले समय में तेजस्वी अपने पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी को भी जीते-जी श्रद्धांजलि दे सकते हैं.
कैसे हुई गलती?
दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि पर RJD कार्यालय के कर्पूरी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में तेजस्वी यादव पार्टी कार्यकर्ताओं और मुसहर समाज के लोगों को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कहा कि वह 'जीतन राम मांझी की श्रद्धांजलि सभा' में मौजूद सभी लोगों का आभार व्यक्त करना चाहते हैं. मंच और सभा में मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें टोका, जिसके बाद तेजस्वी ने अपनी गलती सुधारी और दशरथ मांझी का नाम लिया.
दशरथ मांझी के लिए भारत रत्न की मांग
गलती सुधारने के बाद तेजस्वी यादव ने दशरथ मांझी के संघर्ष और योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि अकेले पहाड़ काटकर रास्ता बनाने का उनका संकल्प समाज के लिए प्रेरणादायक मिसाल है. तेजस्वी ने केंद्र सरकार से दशरथ मांझी को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की. साथ ही पटना के प्रमुख चौराहे पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर आश्रम बनाने की भी मांग रखी.
सियासी तौर पर देखें तो एक छोटी-सी जुबानी चूक ने बिहार में तेजस्वी यादव और जीतन राम मांझी के बीच सियासी बयानबाजी को नया मुद्दा दे दिया है.












