नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव प्रक्रिया और मतपत्र से मतदान कराने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि बीजेपी को अपने चुनावी प्रदर्शन पर इतना भरोसा है, तो संसद भंग कर बैलेट पेपर से चुनाव करा लिए जाएं. खरगे का यह बयान कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद आया है. इस बीच, कांग्रेस ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर 1 नवंबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली आयोजित करने की तैयारी की है.
खरगे ने कहा कि विपक्ष बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग जारी रखेगा. उन्होंने तर्क दिया कि किसी चुनाव में जीत या हार के आधार पर किसी राजनीतिक दल की पकड़ का आकलन नहीं किया जा सकता. उन्होंने भाजपा को अपने चुनावी प्रदर्शन पर अहंकार नहीं करने की नसीहत देते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब पार्टी लोकसभा में केवल दो सीटों पर सिमट गई थी.
महंगाई, बेरोजगारी पर बहस की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों को प्रमुख मुद्दा बताते हुए इन पर गंभीर चर्चा की जरूरत जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इन विषयों के बजाय कांग्रेस के राजनीतिक अस्तित्व को लेकर बयान देते हैं. खरगे ने कहा कि जनता को केवल स्थानीय चुनावों के नतीजों के आधार पर संतुष्ट नहीं किया जा सकता, बल्कि वह न्याय और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता चाहती है.
‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन
कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठा रही है. पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी आरोप लगाए हैं और इस मुद्दे पर विरोध जारी रखने की बात कही है. कांग्रेस के अनुसार, 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली के जरिए मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया जाएगा.
वहीं, कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों के चुनाव में बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) ने जीत दर्ज की थी. इन चुनावों में मतपत्रों का इस्तेमाल हुआ था. इसी परिणाम के संदर्भ में खरगे ने दोहराया कि चुनावी नतीजे चाहे जो हों, उनकी पार्टी बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग से पीछे नहीं हटेगी.












