PoliTalks News
बड़ी खबर

IAS शिखर अग्रवाल मामले में हनुमान बेनीवाल का बड़ा वार, CM भजनलाल से FIR दर्ज कर CBI और ED जांच की मांग

29 अक्टूबर 2026
साझा करें:
IAS शिखर अग्रवाल मामले में हनुमान बेनीवाल का बड़ा वार, CM भजनलाल से FIR दर्ज कर CBI और ED जांच की मांग

IAS शिखर अग्रवाल मामले में हनुमान बेनीवाल ने CM भजनलाल शर्मा से FIR दर्ज कराने, CBI जांच और ED जांच की मांग की. जानें पूरा मामला.

Rajasthan: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने वरिष्ठ IAS अधिकारी और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) रहे शिखर अग्रवाल से जुड़े मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है. सांसद बेनीवाल ने कहा कि यह मामला केवल कॉटेज-विला की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संपत्तियों के स्रोत, संपत्ति अर्जित करने के दौरान कथित तौर पर दिए गए अनुचित लाभ और संबंधित व्यक्तियों व कंपनियों की भूमिका की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार ने शिखर अग्रवाल को APO तो कर दिया है, लेकिन APO करना किसी जांच का विकल्प नहीं है और न ही इससे किसी की दोषसिद्धि होती है.

सांसद हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार ने विधायकों द्वारा कथित तौर पर रिश्वत लेकर विधायक कोष से राशि जारी करने से जुड़े मामले में भी जांच पूरी होने से पहले संबंधित विधायकों के फंड जारी कर दिए, जबकि अब एक वरिष्ठ IAS अधिकारी को केवल APO करके मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके साथ ही सांसद बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों के आधार पर FIR दर्ज करवाई जाए और मामले की विस्तृत व निष्पक्ष जांच के लिए इसे CBI को सौंपा जाए. साथ ही, शिखर अग्रवाल और उनके परिजनों व रिश्तेदारों की संपत्तियों की खरीद, वास्तविक बाजार मूल्य, भुगतान के स्रोत और लीज समझौतों की भी स्वतंत्र एजेंसियों से जांच करवाई जाए.

वही बेनीवाल ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और अपराध से अर्जित आय से जुड़े संभावित पहलुओं की जांच की मांग भी उठाई. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को जांच के लिए तत्काल पत्र लिखना चाहिए.  RLP सुप्रीमो ने दावा किया कि वह शिखर अग्रवाल की कार्यशैली और उनके कथित भ्रष्ट आचरण को लेकर पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन उनके मुताबिक मुख्यमंत्री के करीबी होने का लाभ मिलने के कारण आरोपों को गंभीरता से नहीं लिया गया. बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूरे प्रकरण में स्थिति स्पष्ट करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की.

आपको बता दें राजस्थान में वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल को 40 विला-कॉटेज खरीदने के मामले में राज्य सरकार ने APO कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अग्रवाल और उनके परिवार ने करीब ढाई साल में उदयपुर के बुझड़ा में 20 कॉटेज और अलवर के अजबगढ़ में 20 विला एक ही कंपनी से खरीदे थे.  इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 6.16 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि इन्हें उसी कंपनी को लीज पर देने से सालाना 1.80 करोड़ रुपये की आय होने की जानकारी सामने आई है. सरकार ने आदेश में प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया है.


Hanuman Beniwal, Shikhar Agarwal, Rajasthan News, RLP, Bhajanlal Sharma, CBI Investigation, ED Investigation

संबंधित समाचार

महत्वपूर्ण खबरें

PoliTalks News - Authoritative News Portal