आईएएस लोकेश कुमार जाटव की जीवनी | IAS Lokesh Kumar Jatav Biography in Hindi

IAS Lokesh Kumar Jatav Biography in Hindi – इस लेख में हम आपको आईएएस अधिकारी लोकेश कुमार जाटव की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.

IAS Lokesh Kumar Jatav Latest News – लोकेश कुमार जाटव, 2004 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी (IAS) हैं. कुमार अपनी सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते है. उनकी पहचान ऐसे अफसर की रही जो सीधे तौर पर जनता से जुड़ा होता है. कुमार राज्य के राजगढ़, मंडला, रायसेन, नीमच और इंदौर जैसे जिलों में कलेक्टर रह चुके है. इस लेख में हम आपको आईएएस अधिकारी लोकेश कुमार जाटव की जीवनी (IAS Lokesh Kumar Jatav Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

आईएएस लोकेश कुमार जाटव की जीवनी (IAS Lokesh Kumar Jatav Biography in Hindi)

पूरा नामआईएएस लोकेश कुमार जाटव
उम्र45 साल
जन्म तारीख01 जून, 1981
जन्म स्थानबैतूल, मध्यप्रदेश
शिक्षाअर्थशास्त्र में स्नातक
कॉलेज
वर्तमान पदखाद्य व उपभोक्ता विभाग में सचिव
व्यवसायआईएएस अधिकारी
बैच2004
वैवाहिक स्थितिविवाहित
पिता का नाम
माता का नाम
पत्नी का नाम
बच्चे
स्थाई पता
वर्तमान पता
फोन नंबर
ईमेल

आईएएस लोकेश कुमार जाटव का जन्म, परिवार और शिक्षा (IAS Lokesh Kumar Jatav Birth, Education & Family)

आईएएस लोकेश कुमार जाटव का जन्म 1 जून, 1981 को मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के एक साधारण परिवार में हुआ था. उनके पिता आयकर विभाग में कार्यरत थे, जबकि माँ एक गृहणी थी. वे पांच भाई-बहन है. उन्होंने आरम्भिक पढाई राज्य के रीवा जिले के सैनिक स्कूल से की थी उन्होंने भोपाल से अर्थशास्त्र में स्नातक (Economics Honors) की डिग्री प्राप्त की है.

लोकेश कुमार जाटव का आईएएस करियर (IAS Lokesh Kumar Jatav Career)

आईएएस लोकेश कुमार जाटव (IAS Lokesh Kumar Jatav) 2004 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं. ग्रेजुएशन की पढाई करते हुए ही उन्होंने आईएएस की भी तैयारी शुरू कर दी थी. जिसका परिणाम यह हुआ कि उन्हें आईएएस जैसे देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी में अलग से समय नहीं देना पड़ा और इससे समय की बचत हुई.

कुमार 2007 से लेकर 2008 तक मध्यप्रदेश के सागर जिले के एसडीओ जूनियर स्केल के पद पर कार्यरत रहे. इसके बाद डिंडोरी में 2008 से लेकर 2010 तक पंचायत के सीईओ के पद पर आसीन रहे. इस पद पर रहकर उन्हें ग्रामीण समस्याओ को निकट से समझने का अवसर मिला. बाद में, अप्रैल 2010 में आठ महीने के लिए वे राजगढ़ के जिला कलेक्टर रहे. मई 2011 में उन्हें एक महीने के लिए दिंडोर का जिला कलेक्टर बनाया गया. जून 2011 से लेकर वर्ष के अंत तक वे नीमच के डीएम रहे. फिर 2013 से लेकर 2016 तक वे नीमच, मंडला और रायसेन के डीएम रहे, जबकि 2016 से लेकर जून 2018 तक राज्य की राजधानी भोपाल में शिक्षा विभाग में उप-सचिव रहे. इसी के बाद वे 2018 में छह महीने के लिए अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद पर आसीन रहे.

2019 से लेकर 2021 तक वे इंदौर के डीएम के पद पर कार्यरत रहे. यही वह समय था जब उन्हें ख्याति मिली. यह दौर भारत सहित पूरी दुनिया के लिए एक अभिशाप था, क्योकि इसी दौर में पूरी दुनिया कोविड महामारी से गुजर रही थी. इसी समय उन्हें जनता का विशेष सहयोग करने का अवसर मिला. इंदौर के डीएम रहते हुए उन्होंने वंचित रोगियों को आव्हान योजना के अंतर्गत एक लाख तक प्रति माह देने का प्रावधान सुनिश्चित किया, जिससे उन्हें उचित चिकित्सा मिल सके. बताया जाता है कि एक अधिकारी के तौर पर उनकी यह अनूठी पहल थी. इस योजना में चिकित्सा उपचार हेतु, सरकार की किसी भी कल्याणकारी योजना के तहत शामिल नहीं होने वाले, नागरिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए निजी अस्पतालों की सहमति से प्रत्येक रोगी को एक माह में एक लाख रूपए तक का चिकित्सा उपचार मुफ्त कराने हेतु रोगी आवंटित किए गए और संबंधित अस्पताल के द्वारा रोगी के 1 लाख रूपए तक मुफ्त इलाज प्रदान का प्रावधान रखा गया था.

2021 में उनका तबादला वित्त (वाणिज्यिक कर) विभाग में हो गया. फिर 24 मई, 2024 से वे वित्त विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत है. चूँकि आईएएस करने से पहले उन्होंने अर्थशास्त्र से ऑनर्स किया था, इसलिए उन्हें वित्त, कर और अर्थव्यवस्था जैसे जटित बिषयो की अच्छी जानकारी है. अब अप्रैल 2026 में मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें नयी जिम्मेदारी सौपी है. उन्हें खाद्य, नागरिक एवं नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण विभाग में सचिव का पद मिला है.

इस लेख में हमने आपको आईएएस अधिकारी लोकेश कुमार जाटव की जीवनी (IAS Lokesh Kumar Jatav Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.