PoliTalks News
बड़ी खबर

‘तुम मुझको कब तक रोकोगे….’ एमपी में चुनावी तैयारी के बीच कमलनाथ ने जारी किया वीडियो सन्देश

03 जून 2020
साझा करें:
‘तुम मुझको कब तक रोकोगे….’ एमपी में चुनावी तैयारी के बीच कमलनाथ ने जारी किया वीडियो सन्देश

पॉलिटॉक्स न्यूज़/मध्यप्रदेश. कोरोनकाल के बीच प्रदेश में राज्यसभा और विधानसभा की 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर यहां की राजनीति जबरदस्त गरमाई हुई है. बीजेपी और कांग्रेस दोनों खेमों ने हर स्तर पर मौर्चा खोल दिया है. इसी बीच कांग्रेस पार्टी की ओर से बुधवार को एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सन्देश जारी करते हुए दिखाया गया है. इसके साथ ही इस वीडियो में कविता के जरिए अपनी बात कही गई है. दरअसल, बुधवार को प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सैयद जाफर ने कमलनाथ एक वीडियो जारी किया है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि अब उनकी सरकार नहीं है और वे … Read more

पॉलिटॉक्स न्यूज़/मध्यप्रदेश. कोरोनकाल के बीच प्रदेश में राज्यसभा और विधानसभा की 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर यहां की राजनीति जबरदस्त गरमाई हुई है. बीजेपी और कांग्रेस दोनों खेमों ने हर स्तर पर मौर्चा खोल दिया है. इसी बीच कांग्रेस पार्टी की ओर से बुधवार को एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सन्देश जारी करते हुए दिखाया गया है. इसके साथ ही इस वीडियो में कविता के जरिए अपनी बात कही गई है.

दरअसल, बुधवार को प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सैयद जाफर ने कमलनाथ एक वीडियो जारी किया है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि अब उनकी सरकार नहीं है और वे प्रदेश को ज्यादा समय देंगे. वीडियो में इसके बाद प्रख्यात कवि विकास बंसल की अमिताभ बच्चन द्वारा गाई गई कविता- ‘मैं पत्थर पर लिखी इबारत हूं’ सुनाई गई है. खास बात यह है कि इस वीडियो में कमलनाथ के गुस्से से लेकर हंसते हुए तक के फोटो लगाए गए हैं. साथ ही वीडियो के अंत में कमलनाथ कह रहे हैं कि मध्य प्रदेश को लेकर उनका एक सपना था, उसे साकार करें.

बता दें, यह वीडियो मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सैय्यद जाफर ने सोशल मीडिया पर जारी किया है, और कमलनाथ का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. याद दिला दें, हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पिछले हफ्ते जब अपने छिंदवाड़ा दौरे पर थे, तब उन्होंने कहा था- “वर्तमान सरकार तो एक ‘इंटरवल’ के समान है, ‘पिक्चर’ तो अभी बाकी है”. अब पिक्चर किसकी बाकी है, ये तो उपचुनाव के बाद आए नतीजों पर ही पता पड़ेगा बीजेपी या कांग्रेस, साथ ही इस बार 15 अगस्त को झंडा कमलनाथ फेराएंगे या शिवराज?
https://twitter.com/amol_ghogre/status/1268028951840133121?s=20

गौरतलब है कि आने वाले महीनों में मध्यप्रदेश में 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा में बैठकों का दौर शुरू हो गया है. 22 सीटों पर भाजपा उन्हीं पूर्व विधायकों को मैदान में उतारेगी जो कमलनाथ सरकार की पतन का कारण बने थे. ऐसे में भाजपा को सिर्फ दो सीटों पर प्रत्याशियों का नाम तय करना है. वहीं, कांग्रेस के सामने अभी उम्मीदवारों का टोटा है. ऐसे में कांग्रेस की भाजपा के कुछ दिग्गज नेताओं पर नजर है और ऐसी संभावना जताई जा रही है कि उपचुनाव से पहले 22 विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा के बड़े नेता पार्टी को गच्चा दे सकते हैं.

यह भी पढ़ें: ग्वालियर-चंबल इलाके की 16 सीटें ही तय करेंगी प्रदेश में बीजेपी-कांग्रेस का क्या होगा सियासी भविष्य?

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता द्वारा जारी उक्त वीडियो में प्रख्यात कवि विकास बंसल की है ये कविता, “तुम मुझको कब तक रोकोगे…”, को अमिताभ की आवाज में इस प्रकार गाया गया है…..

मुठ्ठी में कुछ सपने लेकर, भरकर जेबों में आशाएं ।

दिल में है अरमान यही, कुछ कर जाएं… कुछ कर जाएं… । ।

सूरज-सा तेज नहीं मुझमें, दीपक-सा जलता देखोगे ।

सूरज-सा तेज नहीं मुझमें, दीपक-सा जलता देखोगे…

अपनी हद रौशन करने से, तुम मुझको कब तक रोकोगे…तुम मुझको कब तक रोकोगे… । ।

मैं उस माटी का वृक्ष नहीं जिसको नदियों ने सींचा है…

मैं उस माटी का वृक्ष नहीं जिसको नदियों ने सींचा है …

बंजर माटी में पलकर मैंने…मृत्यु से जीवन खींचा है… ।

मैं पत्थर पर लिखी इबारत हूं… मैं पत्थर पर लिखी इबारत हूं ..

शीशे से कब तक तोड़ोगे..

मिटने वाला मैं नाम नहीं… तुम मुझको कब तक रोकोगे… तुम मुझको कब तक रोकोगे…।।

इस जग में जितने ज़ुल्म नहीं, उतने सहने की ताकत है…

इस जग में जितने ज़ुल्म नहीं, उतने सहने की ताकत है ….

तानों के भी शोर में रहकर सच कहने की आदत है । ।

मैं सागर से भी गहरा हूँ.. मैं सागर से भी गहरा हूँ…

तुम कितने कंकड़ फेंकोगे ।

चुन-चुन कर आगे बढूँगा मैं… तुम मुझको कब तक रोकोगे…तुम मुझको कब तक रोकोगे..।।

झुक-झुककर सीधा खड़ा हुआ, अब फिर झुकने का शौक नहीं..

झुक-झुककर सीधा खड़ा हुआ, अब फिर झुकने का शौक नहीं..

अपने ही हाथों रचा स्वयं.. तुमसे मिटने का खौफ़ नहीं…

तुम हालातों की भट्टी में… जब-जब भी मुझको झोंकोगे…

तब तपकर सोना बनूंगा मैं… तुम मुझको कब तक रोकोगे…तुम मुझको कब तक रोकोगे…।।

PoliTalks News - Authoritative News Portal