PoliTalks News
बड़ी खबर

बंगाल में भी चला बुलडोजर: मंत्री के आदेश पर कई इलाकों में चला 'पीला पंजा'

17 मई 2026
साझा करें:
बंगाल में भी चला बुलडोजर: मंत्री के आदेश पर कई इलाकों में चला 'पीला पंजा'

हावड़ा में अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, मंत्री दिलीप घोष बोले - पूरे देश में चलेगा बुलडोजर


पश्चिम बंगाल में अवैध अतिक्रमण और गैरकानूनी निर्माणों के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई तेज कर दी है. उत्तर प्रदेश और असम के बाद अब बंगाल में भी सरकार का ‘पीला पंजा सक्रिय नजर आ रहा है. राज्य में बीजेपी सरकार बनने के बाद प्रशासन लगातार अवैध कब्जों और सरकारी जमीन पर किए गए निर्माणों के खिलाफ अभियान चला रहा है.


इसी कड़ी में हावड़ा स्टेशन के बाहर गंगा घाट और बस स्टैंड के आसपास बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई की गई. प्रशासन ने यहां कई अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को ध्वस्त किया. कार्रवाई के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला. बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके.


इस बीच राज्य सरकार में मंत्री दिलीप घोष का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सरकार अवैध निर्माणों और सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी. घोष ने कहा कि जहां कहीं भी गैरकानूनी निर्माण पाए जाएंगे, वहां बुलडोजर चलाया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.


दिलीप घोष के बयान के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है. बीजेपी नेताओं ने सरकार की कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है. पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सरकार किसी भी कार्रवाई से पहले उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रही है. उन्होंने बताया कि जिन निर्माणों को अवैध पाया जाएगा, उन्हें पहले नोटिस जारी किया जाएगा और संबंधित लोगों से वैध दस्तावेज मांगे जाएंगे. जिनके पास वैध कागजात नहीं होंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.


बीजेपी नेता रुद्रनील घोष ने भी बुलडोजर कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि बुलडोजर किसी राजनीतिक प्रतीक का नहीं बल्कि त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का माध्यम है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार के दौरान अवैध निर्माणों और कब्जों पर कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण कई इलाकों में गैरकानूनी निर्माण तेजी से बढ़े.



राज्य में जारी इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है. विपक्ष जहां इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि यह अभियान पूरी तरह कानून व्यवस्था और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है. आने वाले दिनों में राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना जताई जा रही है.

संबंधित समाचार

महत्वपूर्ण खबरें

PoliTalks News - Authoritative News Portal