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'कांच के घरों में रहने वाले दूसरों पर पत्थर न फेंकें'- मदन राठौड़ का गहलोत-डोटासरा पर तीखा पलटवार

16 मई 2026
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'कांच के घरों में रहने वाले दूसरों पर पत्थर न फेंकें'- मदन राठौड़ का गहलोत-डोटासरा पर तीखा पलटवार

गहलोत-डोटासरा पर गरजे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़: 'कांच के घरों में रहने वाले दूसरों पर न फेंकें पत्थर, कांग्रेस राज में 17 पेपर लीक ने बर्बाद किया लाखों युवाओं का भविष्य'

Rajasthan Politics: राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं, विशेषकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर तीखा पलटवार किया है. बीजेपी नेता मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस नेताओं को अपने कार्यकाल की याद करनी चाहिए, जब राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था का पूरी तरह मजाक बना दिया गया था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिनके स्वयं के घर कांच के होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते। कांग्रेस के राज में लगातार हुए पेपर लीक ने प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने का काम किया था.


मदन राठौड़ ने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में 17 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन तत्कालीन सरकार ने न तो निष्पक्ष जांच करवाई और न ही दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की. रीट-2021 भर्ती परीक्षा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा संकुल से पेपर चोरी होने जैसी गंभीर घटना पूरे देश में कलंक बनी थी. कांग्रेस सरकार ने खुद माना कि पेपर लीक हुआ, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से केवल एक लेवल की परीक्षा रद्द की, जबकि दूसरे लेवल का परिणाम जारी कर नियुक्तियां दे दी गईं। यह युवाओं के प्रति कांग्रेस की दोहरी नीति और असंवेदनशीलता का सबसे बड़ा प्रमाण था.


एसआई (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह परीक्षा भी कांग्रेस शासनकाल में ही आयोजित हुई थी. उस समय बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के बावजूद पेपर लीक तक स्वीकार नहीं किया गया और आनन-फानन में नियुक्तियां दे दी गईं. इसके विपरीत, वर्तमान भजनलाल सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है. हालिया राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में अनियमितता की सूचना मिलते ही केंद्र सरकार और एनटीए (NTA) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द की और नई तिथि भी घोषित कर दी. इस पूरे मामले की निष्पक्षता से सीबीआई जांच चल रही है और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है.


बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने आरएएस (RAS) भर्ती प्रक्रिया का जिक्र करते हुए गोविंद सिंह डोटासरा को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान डोटासरा के परिजनों को इंटरव्यू में अन्य योग्य अभ्यर्थियों से अधिक अंक दिए जाने का मामला पूरे प्रदेश में गूंजा था. उस समय पारदर्शिता और निष्पक्षता की धज्जियां उड़ाने वाले नेता आज युवाओं के नाम पर राजनीति करने का ढोंग कर रहे हैं. कांग्रेस द्वारा जेपीसी (JPC) जांच की मांग पर उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार में जांच एजेंसियां पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष हैं, इसलिए जब सीबीआई जांच कर रही है तो किसी जेपीसी की कोई आवश्यकता नहीं है.


कांग्रेस नेताओं द्वारा एनटीए को "नॉन ट्रस्ट एजेंसी" कहे जाने पर पलटवार करते हुए राठौड़ ने सवाल दागा कि अगर देश की प्रतिष्ठित एजेंसी पर भरोसा नहीं है, तो फिर जनता किस पर ट्रस्ट करे—गहलोत, डोटासरा या पायलट पर? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है. गड़बड़ी सामने आते ही पूरे देश में दोषियों की गिरफ्तारी और पेपर लीक के नेटवर्क को तोड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक और कड़े नीतिगत फैसले भी लिए हैं.


पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने कहा कि गहलोत को पहले अपने कार्यकाल में बढ़ाए गए भारी-भरकम वैट और टैक्स का हिसाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विषम वैश्विक परिस्थितियों में भी देश के लिए निरंतर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं. इसके लिए विपक्ष को पीएम मोदी का धन्यवाद देना चाहिए. राठौड़ ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर कांग्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक के समय प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया होता, तो आज उनकी राजनीतिक स्थिति इतनी दयनीय नहीं होती। विपक्ष सकारात्मक सोच के बजाय सिर्फ आलोचना की ओछी राजनीति कर रहा है.


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