Rajasthan: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के पेपर लीक मामले ने अब राजस्थान में एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है. कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के 'भाजपा कनेक्शन' को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक सुर में आरोप लगाया है कि पेपर लीक के तार सीधे तौर पर सत्ताधारी पार्टी के पदाधिकारियों से जुड़े हुए हैं.
अशोक गहलोत का हमला: 'भाजपा की पोल खुल गई'
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि NEET पेपर लीक में गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिंवाल भारतीय जनता पार्टी का पदाधिकारी है, क्या यही वजह है कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने NEET पेपर लीक को छिपाने का प्रयास किया एवं कोई FIR दर्ज नहीं की? मैं 11 मई से ही कह रहा था कि भाजपा सरकार FIR क्यों नहीं कर रही है? अब भाजपा की पोल खुल गई है. क्या अब भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले पेपर लीक माफिया को संरक्षण दे रही हैं.
डोटासरा का सनसनीखेज दावा: मंत्रियों और विधायकों से करीबी के आरोप
वही राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मामले को और भी गंभीर बताते हुए कहा कि ये बेहद गंभीर और चौंकाने वाला है कि NEET पेपर लीक में जयपुर के जिन 2 आरोपियों दिनेश बिंवाल और मांगीलाल का नाम सामने आ रहा हैं, वो जयपुर ग्रामीण में भाजपा पदाधिकारी और भाजपा सरकार के मंत्री व विधायकों के करीबी बताए जा रहे हैं. डोटासरा ने आगे कहा कि 22 लाख युवाओं के भविष्य को बेचने वाले आरोपियों की तस्वीरें भाजपा नेताओं के साथ वायरल हो रही हैं. कोई जमवारामगढ़ से भाजपा विधायक का करीबी बताया जा रहा है, तो कोई शिक्षा मंत्री और चौमूं से भाजपा के पूर्व विधायक का खास. दोनों आरोपियों के शिक्षा मंत्री के स्वजातीय होने और सियासी संरक्षण की भी चर्चा जोरों पर हैं. क्या यही कारण था कि पेपर लीक का मामला उजागर होने के बाद भी राज्य सरकार ने इनके खिलाफ FIR दर्ज नहीं की? आखिर ये सिर्फ संयोग है या फिर सत्ता संरक्षण का प्रयोग? ऐसे में सवाल और गंभीर हो जाता है कि आखिर भाजपा और पेपर लीक माफियाओं के बीच क्या रिश्ता है? देश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है, उनके सपनों को बेचा गया है, अगर भाजपा का इन आरोपियों से कोई संबंध नहीं, तो उन्हें आगे आकर स्पष्ट करना चाहिए.
टीकाराम जूली ने घेरा: '9 दिन तक क्यों छिपाई गई FIR?
वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार की मंशा पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि दिनेश बिंवाल की गिरफ्तारी ने साबित कर दिया है कि वह भाजपा का नेता है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी राजनैतिक दबाव के कारण सरकार ने 9 दिनों तक मामले को दबाए रखा. कांग्रेस ने अब इस मुद्दे को लेकर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है, जिससे प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है. सरकार की ओर से अभी इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया आना बाकी है.
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