शंकर मलाकर की जीवनी (Sankar Malakar Biography in Hindi)
Sankar Malakar Latest News - शंकर मलाकर बंगाल के वरिष्ठ नेता है. वे राज्य के आरक्षित सीट 'मतिगारा-नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र' से लगातार दो बार चुने जा चुके है. कांग्रेस से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने वाले शंकर मलाकर लगभग डेढ़ दशक तक पार्टी की निष्ठां में जुटे रहने के बाद 2025 में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए. टीएमसी ने उन्हें 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में इसी सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है, जहाँ उनका भारतीय जनता पार्टी के आनंदमय बर्मन से बहुत कड़ा मुकाबला है. इस लेख में हम आपको शंकर मलाकर के जीवन परिचय (Sankar Malakar Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
शंकर मलाकर जन्म और परिवार (Sankar Malakar Birth & Family)
शंकर मलाकर (Sankar Malakar) का जन्म 1954 को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय राजेंद्र मलाकर है. वे शादी-शुदा है. उनकी पत्नी का पेशा व्यवसाय और कृषि है. शंकर मलाकर धर्म से हिन्दू है और जाति से अति पिछड़ा (एससी) वर्ग से है. उनपर 5 आपराधिक मामलें दर्ज है.
शंकर मलाकर शिक्षा (Sankar Malakar Education)
शंकर मलाकर ने 2017 से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय में ओपन स्कूलिंग सिस्टम के तहत बीए की पढ़ाई की.
शंकर मलाकर राजनीतिक करियर (Sankar Malakar Political Career)
शंकर मलाकर की राजनीतिक यात्रा 2011 में पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव के साथ शुरू हुई. इसी समय वे बंगाल कांग्रेस में शामिल हो गए. कांग्रेस ने उन्हें राज्य के मतिगारा-नक्सलबारी विधानसभा क्षेत्र से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया. मतिगारा-नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में स्थित एक अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित सीट है. इस चुनाव में शंकर मलाकर का मुख्य मुकाबला सीपीआई (एम) उम्मीदवार झारेन रॉय से था. बंगाल की यह विधानसभा सीट 2008 के बाद अस्तित्व में आयी है. इस कारण 2011 में इस नवनिर्मित सीट पर पहली बार विधान सभा के चुनाव हुए. राज्य की यह विधानसभा सीट दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है.
अपने पहले ही चुनाव में शंकर मलाकर की जीत हुई. इस चुनाव में शंकर मलाकर ने 74,334 वोट प्राप्त किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के झारेन रॉय को 6,833 वोटों के अंतर से हराया. इस जीत के साथ वह पहली बार बंगाल विधानसभा पहुंचे. इसके बाद 2016 के बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें इसी सीट से दोबारा अपना उम्मीदवार बनाया और इस बार उन्हें फिर से जीत हासिल हुई. इस बार उन्होंने 86,441 वोट प्राप्त किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, तृणमूल कांग्रेस के अमर को 18,627 वोटों के अंतर से हराया.
लेकिन 2021 में वे अपनी जीत को कायम रखने में नाकामयाब रहे. उन्हें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार आनंदमय बर्मन ने बहुत भारी बहुमत से पराजित किया. वे तीसरे स्थान पर रहे. इस चुनाव में दूसरे स्थान पर टीएमसी के राजेन सुंदास रहे. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के विजेता उम्मीदवार आनंदमय बर्मन को 139,785 मत आये, वही दूसरे स्थान पर रहे टीएमसी के राजेन सुंदास को 68,937 मत आये जबकि शंकर मलाकर को मात्र 23,060 मत आये.
हालांकि मलाकर की यह पहली बार की शर्मनाक हार नहीं थी. उन्होंने 2019 में दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र से भी चुनाव लड़ा था और बहुत बुरी तरह से हार गए थे. इस चुनाव में वे तीसरे स्थान पर रहे. 2019 में दार्जिलिंग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 750,067 मत के साथ भाजपा के राजू बिस्ता की जीत हुई थी. वही 3,36,624 मत लाकर तृणमूल कांग्रेस के अमर सिंह राय दूसरे स्थान पर रहे जबकि शंकर मलाकर को मात्र 65,186 आये. राज्य की राजनीति में बुरी तरह से पिछड़ने के बाद मलाकर 4 जून 2025 को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए.
अब तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें 2026 के बंगाल विधानसभा के चुनाव में मतिगारा-नक्सलबारी विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है. शंकर मलाकर की यह पसंदीदा सीट है. वे इस सीट से दो बार विधायक रह चुके है. हालांकि 2021 में उन्हें भाजपा के आनंदमय बर्मन ने बुरी तरह से पराजित किया था. लेकिन तब के समय वे कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ रहे थे, जबकि इस बार वे टीएमसी के टिकट पर चुनावी मैदान में है.
शंकर मलाकर संपत्ति (Sankar Malakar Property)
2021 में विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार शंकर मलाकर की कुल संपत्ति 3.78 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर कोई कर्ज नहीं है.
इस लेख में हमने आपको शंकर मलाकर जीवनी (Sankar Malakar Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.












