Biplab Mitra Latest News - बिप्लब मित्रा बंगाल की राजनीति के मंझे हुए नेता है. तृणमूल कांग्रेस से जुड़कर राज्य की राजनीति में शिखर तक पहुंचने वाले मित्रा राज्य की ममता सरकार में उपभोक्ता मामलों के मंत्री रहे है. बंगाल की हरिरामपुर विधानसभा सीट से वे दो बार विधायक रह चुके है जबकि 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में वे एक बार फिर से यही से चुनाव लड़ रहे है. इस बार उन्हें बीजेपी के देबब्रता मजूमदार से कड़े टक्कर का सामना करना पड़ रहा है. इस लेख में हम आपको बिप्लब मित्रा के जीवन परिचय (Biplab Mitra Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
बिप्लब मित्रा जन्म और परिवार (Biplab Mitra Birth & Family)
बिप्लब मित्रा (Biplab Mitra) का जन्म पश्चिम बंगाल में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय स्वर्णकामा मित्रा (Late Swarnakamal Mitra) है. वे शादी-शुदा है. उनकी पत्नी 'मौसमी कृषि उत्पादों' का स्टॉक व्यवसायी है.
बिप्लब मित्रा धर्म से हिन्दू है. उनपर 0 आपराधिक मामलें दर्ज है.
बिप्लब मित्रा शिक्षा (Biplab Mitra Education)
बिप्लब मित्रा ने 1978 में कलकत्ता विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 'विधि महाविद्यालय' से एलएलबी किया.
बिप्लब मित्रा राजनीतिक करियर (Biplab Mitra Political Career)
बिप्लब मित्रा बंगाल की राजनीति के मंझे हुए नेता माने जाते है. मुख्य रूप से उनकी राजनीतिक यात्रा 2011 के पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव के साथ शुरू हुई. यही वह समय था जब राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य में तीन दशक से भी अधिक समय से चले आ रहे वामपंथी पार्टी के विरुद्ध आवाज बुलंद हुई. दरअसल पश्चिम बंगाल में CPI(M) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे का 34 वर्षों का शासन विश्व में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई कम्युनिस्ट-नेतृत्व वाली सबसे लंबी सरकार का इतिहास माना जाता है. इतना ही नहीं, उस समय ये पार्टियां केंद्र में भी निर्णायक भूमिका में आ गयी थी. आजादी के बाद यह पहला दौर था जब 2004 के राष्ट्रीय चुनावों में यह संसद की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. लेकिन बंगाल में बदलाव की हवा तेज थी और इसी में बिप्लब मित्रा नवनिर्मित राजनीतिक पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. टीएमसी ने उन्हें राज्य की नवनिर्मित 'हरिरामपुर विधानसभा क्षेत्र' से अपना उम्मीदवार घोषित किया. बंगाल की हरिरामपुर विधानसभा सीट राज्य के दक्षिण दिनाजपुर जिले में पड़ती है और 2008 के परिसीमन के बाद पहली बार यहां 2011 में एक विधानसभा के तौर पर चुनाव हुआ.
इस चुनाव में बिप्लब मित्रा का मुख्य मुकाबला भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के उम्मीदवार नारायण बिस्वास से था. चुनाव में मित्रा को कुल 65,099 वोट प्राप्त जबकि बिस्वास को 58,032 वोट मिला. इस तरह से 2011 के बंगाल चुनाव में मित्रा ने 7,067 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. इसके बाद, 2016 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से उन्हें हरिरामपुर से टीएमसी का उम्मीदवार घोषित किया गया, लेकिन चुनाव में हार मिली. इस चुनाव में मित्रा को कुल 66,943 वोट मिले जबकि सीपीआई (एम) के उम्मीदवार रफीकुल इस्लाम को 71,447 वोट मिला. इस तरह मित्र की 4,504 वोटों के अंतर से हार हुई.
2019 के लोकसभा चुनाव के बाद बिप्लब मित्रा जून में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए लेकिन मात्र एक वर्ष बाद, जुलाई 2020 में भाजपा छोड़ दी और फिर से टीएमसी में शामिल हो गए. पार्टी में शामिल होने के बाद 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने उन्हें फिर से हरिरामपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया. इस बार उनकी जीत हुई. उन्होंने भाजपा के निलंजन रॉय को 22,672 वोटों के अंतर हराया.
मित्रा का ध्यान अब केंद्रीय राजनीति में गया और 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने टीएमसी के टिकट पर बालुरघाट लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा. लेकिन भाजपा के सुकांता मजूमदार से पराजित हो गए. अब 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने उन्हें एक बार फिर से हरिरामपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है. इस चुनाव में उनका मुख्य मुकाबला भाजपा के देबब्रता मजूमदार से है.
बिप्लब मित्रा संपत्ति (Biplab Mitra Property)
2024 में लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार बिप्लब मित्रा की कुल संपत्ति 2 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 12 लाख रूपये का कर्ज भी हैं.
इस लेख में हमने आपको बिप्लब मित्रा जीवनी (Biplab Mitra Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.












