किशोरी लाल शर्मा की जीवनी (Kishori Lal Sharma Biography in Hindi)
Kishori Lal Sharma Latest News - किशोरी लाल शर्मा उत्तर प्रदेश व देश की राजनीति में कांग्रेस के एक बेहद समर्पित, निष्ठावान और जमीनी नेता हैं, जो वर्तमान में 18वीं लोकसभा में राज्य की सबसे चर्चित सीटों में से एक अमेठी से सांसद हैं. अमेठी को हमेशा से गांधी परिवार की पारंपरिक सीट की तरह देखा जाता रहा है. कारण हैं, इसी सीट से संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और फिर बाद में राहुल गांधी सांसद चुने जा चुके हैं. हालांकि, वर्ष 2019 के आम चुनाव में भाजपा की स्मृति ईरानी ने इसी सीट पर राहुल गांधी को पराजित किया था, लेकिन वर्ष 2024 में वह यह किला नहीं बचा सकीं. उन्हें किशोरी लाल शर्मा ने एक बड़े अंतर से मात दे दी और इस प्रतिष्ठित सीट को फिर से एक बार कांग्रेस की झोली में डाल दिया. इस लेख में हम आपको किशोरी लाल शर्मा के जीवन परिचय (Kishori Lal Sharma Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
किशोरी लाल शर्मा जन्म और परिवार (Kishori Lal Sharma Birth & Family)
किशोरी लाल शर्मा (Kishori Lal Sharma) का जन्म 15 दिसंबर 1960 को पंजाब के होशियारपुर जिले में हुआ था. उनके पिता का नाम अमर नाथ (Amar Nath) और माता का नाम सीता देवी (Sita Devi) हैं.
उनका विवाह 26 नवंबर 1992 को किरण बाला ( Kiran Bala) से हुआ था. उन्हें दो बेटियां हैं. बेटे नहीं है. चुनाव में जमा किये गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी व्यवसायी है.
किशोरी लाल शर्मा हिन्दू है और जाति से सटीक (सामान्य वर्ग) हैं.
उनपर 0 आपराधिक मुकदमा दर्ज है. (स्रोत: myneta.info - 2024)
स्थायी पता : मकान नंबर 3946, गली 11, शिवाजी नगर, समराला रोड, लुधियाना, पंजाब 141008 9811608001
वर्तमान पता : फ्लैट नंबर 701, हुगली, बीकेएस मार्ग, नई दिल्ली 110001
किशोरी लाल शर्मा की शिक्षा (Kishori Lal Sharma Education)
किशोरी लाल शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा पंजाब के लुधियाना से हुई. उन्होंने वर्ष 1982 में आर्य कॉलेज, लुधियाना, पंजाब विश्वविद्यालय स्नातक (बीए) किया.
किशोरी लाल शर्मा राजनीतिक करियर (Kishori Lal Sharma Political Career)
अमेठी से कांग्रेस के सांसद किशोरी लाल शर्मा गांधी परिवार के सबसे खास लोगो में से एक हैं. वह राजीव गांधी के दोस्त रह चुके हैं. कांग्रेस संगठन से जुड़े किशोरी लाल की राजनीतिक यात्रा अस्सी के दशक से आरम्भ हुई. मूल रूप से पंजाब के लुधियाना में पले-बढ़े शर्मा की पहली मुलाकात वर्ष 1983 में तब के कांग्रेस प्रमुख व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे राजीव गांधी से हुई. वर्ष 1987 में राजीव गांधी ने कांग्रेस की ओर से निर्वाचन क्षेत्र में कार्यों की निगरानी और समीक्षा के लिए शर्मा को अमेठी भेजा था. इसके बाद वे अमेठी में संगठन की देखभाल में लग गए.
वर्ष 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद, सतीश शर्मा अमेठी से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार बनाये गए और किशोरी लाल शर्मा ने निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के कार्यों का प्रबंधन व समन्वय जारी रखा. यह सिलसिला तब भी जारी रहा जब सोनिया गांधी वर्ष 1999 के आम चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार बनीं. वर्ष 2004 के आम चुनाव में सोनिया गांधी रायबरेली से कांग्रेस की उम्मीदवार बनीं और राहुल गांधी अमेठी से कांग्रेस के उम्मीदवार बने, इसलिए इसके बाद शर्मा ने दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस के कार्यों का प्रबंधन और समन्वय करना आरम्भ कर दिया. इतना ही नहीं उन्हें कांग्रेस बिहार का भी प्रभारी बनाया गया.
वही अगर अमेठी लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो उत्तर प्रदेश का यह लोकसभा क्षेत्र देश के उन चुनिंदा कांग्रेस के गढ़ों में शामिल हैं, जहाँ 1967 से आज तक कांग्रेस का एकछत्र राज्य कायम हैं. हवा किसी की भी रही हो, पर जीत कांग्रेस की ही हुई. वर्ष 1969 से लेकर वर्ष 2024 तक में हुए कुल 17 लोकसभा चुनावों में केवल तीन बार दूसरी पार्टियों की यहाँ से जीत हुई, जबकि बाकि 14 बार अकेले कांग्रेस ने यहाँ से जीत कायम रखा. कांग्रेस के अलावे वर्ष 1977 में जनता पार्टी के नेता रवींद्र प्रताप सिंह सहित दो बार भारतीय जनता पार्टी ने यहाँ जीत दर्ज किया. भाजपा से वर्ष 1998 में संजय सिंह और वर्ष 2019 में स्मृति ईरानी की यहाँ से जीत हुई थी.
वर्ष 2019 में हुए 17वीं लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को यहाँ से बड़ी निराशा हाथ लगी. यहाँ से भाजपा की दिग्गज नेत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को लगभग पचपन हजार वोटों के अंतर से पराजित किया था. लेकिन ईरानी 2024 के आम चुनाव में वह जीत कायम नहीं रख पायी. इसके कई कारण माने जाते हैं, पर उनमें एक कारण कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा का संगठन को मजबूत करने का हुनर रहा हैं. अस्सी के दशक से आज तक क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले किशोरी लाल क्षेत्र की राजनीति और जनता की नब्ज को अच्छी तरह से पहचानते हैं. हालांकि 2019 में कांग्रेस ने शर्मा पर अमेठी में जातिवादी नेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों को नाराज करने का आरोप लगाया, जिसे 2019 के आम चुनाव में भाजपा द्वारा राहुल गांधी को हराने का एक कारण माना गया.
18वीं लोकसभा चुनाव में किशोरी लाल शर्मा को अमेठी सीट से कांग्रेस-इंडी (Congress-INDIA alliance) गठबंधन का उम्मीदवार बनाया गया और वे जीत गए. इस चुनाव में उनका सीधा मुकाबला भाजपा की दिग्गज नेत्री व निवर्तमान सांसद स्मृति ईरानी से था. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में किशोरी लाल शर्मा को कुल 539,288 मत प्राप्त हुए तो वही स्मृति ईरानी को 3,72,032 मत हासिल हुए. इस तरह किशोरी लाल ने स्मृति ईरानी को 1,67,196 वोटों के अंतर से हराया. वर्तमान में, किशोरी लाल शर्मा अमेठी से सांसद हैं.
किशोरी लाल शर्मा की संपत्ति (Kishori Lal Sharma Property)
2024 में लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार किशोरी लाल शर्मा की कुल संपत्ति 12.76 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 4.71 करोड़ रूपये का कर्ज भी है.
इस लेख में हमने आपको किशोरी लाल शर्मा जीवनी (Kishori Lal Sharma Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.












