बाबू सिंह कुशवाहा की जीवनी (Babu Singh Kushwaha Biography in Hindi)
Babu Singh Kushwaha Latest News - उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता कहे जाने वाले बाबू सिंह कुशवाहा समाजवादी पार्टी (सपा) के बड़े चेहरे के तौर पर भी जाने जाते है. वर्ष 2024 के आम चुनाव में कुशवाहा राज्य के जौनपुर सीट से जीतकर संसद भवन पहुंचे है. उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह को पराजित करके जौनपुर संसदीय क्षेत्र पर जीत हासिल की है. वर्तमान में वे लोकसभा में समाजवादी पार्टी के उपनेता हैं. इस लेख में हम आपको बाबू सिंह कुशवाहा के जीवन परिचय (Babu Singh Kushwaha Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
बाबू सिंह कुशवाहा जन्म और परिवार (Babu Singh Kushwaha Birth & Family)
बाबू सिंह कुशवाहा (Babu Singh Kushwaha) का जन्म 7 मई 1966 को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के पखरौली गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय श्री भागवत प्रसाद कुशवाहा (Late Bhagwat Prasad Kushwaha) और माता का नाम स्वर्गीय श्रीमती महादेवी (Late Mahadevi) हैं. उनके पिता पेशे से एक किसान थे.
उनका विवाह 19 मई 1982 को श्रीमती शिव कन्या (Shiv Kanya Kushwaha) से हुआ था. उन्हें एक बेटी है. चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी कृषि एवं व्यवसाय से जुड़ी है.
बाबू सिंह कुशवाहा हिन्दू है और जाति से कुशवाहा (OBC) हैं.
उनपर 25 आपराधिक मुकदमा दर्ज है. (स्रोत: myneta.info - 2024)
स्थायी पता : नईगंज, सिटी स्टेशन रोड, शुक्ला ट्रांसपोर्ट के पास, जौनपुर, उत्तर प्रदेश 222001
Phone: 05452-297840, Mob: 8739067732
वर्तमान पता : 502, गोदावरी, बाबा खड़क सिंह मार्ग, नई दिल्ली 110001
Phone: 011-23730210
बाबू सिंह कुशवाहा की शिक्षा (Babu Singh Kushwaha Education)
बाबू सिंह कुशवाहा ने ब्रह्म विज्ञान इंटर कॉलेज, अतारा बंदा, उत्तर प्रदेश बोर्ड, इलाहाबाद से वर्ष 1989 में इंटरमीडिएट किया.
बाबू सिंह कुशवाहा राजनीतिक करियर (Babu Singh Kushwaha Political Career)
बाबू सिंह कुशवाहा समाजवादी पार्टी के जमीनी नेता मानें जाते हैं. उनकी राजनीतिक यात्रा अस्सी के दशक में आरम्भ हुई थी. राजनीति में आने से पहले कुशवाहा ने अतारा में कचरा बीनकर अपना जीवन शुरू किया था. उनका शुरूआती जीवन बेहद गरीबी और संघर्षो से भरा रहा. इसी बीच कुशवाहा अप्रैल 1988 में बसपा संस्थापक कांशी राम के संपर्क में आए. तब के समय कांशी राम एक बड़े नेता के तौर पर जाने जाते थे. कांशी राम ने कुशवाहा को दिल्ली बुला लिया और उनकी प्रतिभा को पहचान लिया और उन्हें छह महीने के भीतर ही पदोन्नत कर लखनऊ कार्यालय में संगठनात्मक कार्य करने के लिए भेज दिया.
इसके बाद बाबू सिंह कुशवाहा ने फिर पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा. उन्हें वर्ष 1993 में बांदा के जिला अध्यक्ष बना दिया गया. फिर वर्ष 2003 में उन्हें बसपा सरकार में पंचायती राज मंत्री बनने का भी सौभाग्य प्राप्त हो गया. बसपा के शीर्ष नेता का विश्वास जीतने के बाद उन्हें वर्ष 2007 में, जब पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई, तब उन्हें खनिज, नियुक्ति और सहकारिता मंत्री बना दिया गया. वह समय बसपा का स्वर्णिम काल माना जाता है, और उसी दौर में बाबू सिंह पार्टी के शीर्ष नेता के तौर पर अपनी पहचान बना चुके थे. कुशवाहा मायावती के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के तीन शीर्ष नेताओं में गिने जाते थे, उनका स्थान स्वामी प्रसाद मौर्य और नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बाद तीसरा था. इसी क्रम में बसपा की सरकार में उन्हें परिवार कल्याण विभाग भी सौंप दिया गया.
बाद में, पार्टी में उनका कद और बढ़ गया, और उन्हें बहुजन समाज पार्टी में दूसरे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाने लगा. 27 वर्षों तक बहुजन समाज पार्टी के सदस्य रहे कुशवाहा वर्षों तक मायावती के सबसे करीबी माने जाते थे. लेकिन उनका जीवन विवादों से भी भरा रहा है. उनपर कई आपराधिक मामले दर्ज है. उनपर घोटाले का भी आरोप लगा है. कई मामले अब भी लंबित है. उसी समय वे भाजपा में शामिल हो गए, पर बाद में पार्टी के भीतर दागी नेता के आने से बगावत होने लगी, जिसके कारण उन्हें भाजपा से भी बाहर होना पड़ा. इसके बाद कुशवाहा ने वर्ष 2016 में जन अधिकार पार्टी नामक राजनीतिक दल का गठन किया. उनकी पत्नी शिवकन्या कुशवाहा ने 2014 में समाजवादी पार्टी (एसपी) से गाजीपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा पर भाजपा के मनोज सिन्हा से 32,452 वोटों से हार गईं.
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले वे समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. समाजवादी पार्टी (सपा) ने उन्हें 18वीं लोकसभा के आम चुनाव में जौनपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया. चूँकि इस आम चुनाव में सपा इंडी गठबंधन में शामिल था इसलिए उन्हें इस चुनाव में आसानी से जीत हासिल हो गई. वर्ष 2024 के आम चुनाव में बाबू सिंह कुशवाहा को कुल 5,09,130 मत प्राप्त हुए तो वही उनके प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह को 4,09,795 मत हासिल हुए. इस तरह इस आम चुनाव में उन्हें 99,335 वोटों के अंतराल से जीत हासिल हुई. वही मौजूदा सांसद और बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार श्याम सिंह यादव तीसरे स्थान पर रहे. लोकसभा में चुने जाने के तुरंत बाद, अखिलेश यादव ने बाबू सिंह कुशवाहा को लोकसभा में समाजवादी पार्टी का उपनेता बना दिया. वर्तमान में, कुशवाहा जौनपुर से 18वीं लोकसभा के संसद सदस्य होने के साथ ही लोकसभा में सपा के उपनेता के पद पर आसीन है.
बाबू सिंह कुशवाहा की संपत्ति (Babu Singh Kushwaha Property)
2024 में लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार बाबू सिंह कुशवाहा की कुल संपत्ति 20.01 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 2.85 करोड़ रूपये का कर्ज भी है.
इस लेख में हमने आपको बाबू सिंह कुशवाहा जीवनी (Babu Singh Kushwaha Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.












