राम शंकर कठेरिया की जीवनी (Ram Shankar Katheria Biography in Hindi)
Ram Shankar Katheria Latest News - राम शंकर कठेरिया भाजपा उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता हैं. संघ की पृष्भूमि से आने वाले कठेरिया पूर्व में पेशे से प्रोफ़ेसर रहे हैं. उन्होंने अब तक कई पुस्तकें भी लिखी हैं. लगभग दो दशक पहले राजनीति में कदम रखने वाले कठेरिया तीन बार के सांसद हैं. इनमें दो बार वे आगरा से, जबकि एक बार राज्य की इटावा सीट से भाजपा के टिकट पर लोकसभा के लिए चुने गए. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके कठेरिया वर्ष 2014 में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री भी रह चुके हैं. इस लेख में हम आपको राम शंकर कठेरिया के जीवन परिचय (Ram Shankar Katheria biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
राम शंकर कठेरिया जन्म और परिवार (Ram Shankar Katheria Birth & Family)
राम शंकर कठेरिया (Ram Shankar Katheria) का जन्म 21 सितंबर 1964 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के नगरियासरावा गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम श्री सोने लाल (Shri Sone Lal) और माता का नाम श्रीमती शांति देवी (Smt. Shanti Devi) हैं.
उनका विवाह 3 दिसंबर 1995 को डॉ. मृदुला कठेरिया (Dr. Mridula Katheriya) से हुआ था. उन्हें तीन संतान हैं. उन्हें दो बेटे और एक बेटी हैं.
वे धर्म से हिन्दू हैं, और जाति से धानुक (SC) हैं.
उनपर 3 आपराधिक मुकदमा दर्ज है. (स्रोत: myneta.info - 2024)
स्थायी पता: टीचर्स होम यूनिवर्सिटी कैंपस, खंडारी, आगरा-282002, उत्तर प्रदेश
टेलीफैक्स: (0562) 2527988
मोबाइल: 09412750008, 09013180116, 09958934353
वर्तमान पता: 29, पं. रविशंकर शुक्ला लेन (कैनिंग लेन), नई दिल्ली - 110001
दूरभाष: (011) 23073466, 23073473,
मोबाइल: 09958755098
राम शंकर कठेरिया की शिक्षा (Ram Shankar Katheria Education)
डॉ. राम शंकर कठेरिया ने वर्ष 1988 में कानपुर विश्वविद्यालय, कानपुर, उत्तर प्रदेश से एमए और वर्ष 1993 में यही से पीएच.डी. (डॉक्टरेट) की.
राम शंकर कठेरिया का आरंभिक जीवन (Ram Shankar Katheria Early Life)
राम शंकर कठेरिया पेशे से लेखक, प्रोफेसर और शिक्षाविद रहे हैं. राजनीति में आने से पहले उन्होंने आगरा में आरएसएस के प्रचारक के रूप में 13 वर्षों तक कार्य किया और उन्ही अवधि में वे आगरा विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर भी रहे हैं, जहाँ उन्होंने दलित चेतना (दलित उत्थान) पढ़ाया एवं इस विषय पर कई किताबें लिखीं.
राम शंकर कठेरिया का राजनीतिक करियर (Ram Shankar Katheria Political career)
राम शंकर कठेरिया का राजनीतिक करियर वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के साथ शुरू हुआ. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें आगरा लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया. अपने पहले ही चुनाव में उन्हें जीत हासिल हुई. उन्होंने 2,03,697 वोट लाकर बहुजन समाज पार्टी के कुंवर चंद को 9,715 मतों के अंतर से हराया. इस जीत के साथ वे 15वीं लोकसभा के सदस्य बने. इसके बाद उन्हें शहरी विकास संबंधी स्थायी समिति, सदन के पटल पर रखे गए पत्रों संबंधी समिति, याचिका समिति और ग्रामीण विकास संबंधी परामर्शदात्री समिति का सदस्य बनाया गया.
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर से राम शंकर कठेरिया को आगरा से टिकट दिया. यह वह समय था जब पुरे देश में मोदी लहर जोरो पर थी और भाजपा अपने अब तक के इतिहास के सबसे शीर्ष दौर से गुजर रही थी. इसका असर कठेरिया के चुनाव परिणाम पर भी पड़ा और वे अपने पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार के चुनाव में दोगुने से भी अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की. इस चुनाव में उन्होंने 5,83,716 वोट हासिल किए और बहुजन समाज पार्टी के नारायण सिंह सुमन को 3,00,263 मतों के बड़े अंतर से हराकर लगातार दूसरी बार लोकसभा चुनाव जीता. इस जीत के साथ वे 16वीं लोकसभा के सदस्य बने. लोकसभा में दूसरी बार पहुंचने के बाद वर्ष 2014 में राम शंकर कठेरिया को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया. लोकसभा की आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 9 नवंबर 2014 से लेकर 5 जुलाई 2016 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली. इसी दौरान अगस्त 2014 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया और बाद में छत्तीसगढ़ तथा पंजाब का प्रभारी भी नियुक्त किया गया.
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कठेरिया को आगरा के बदले इटावा लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया. इस चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के कमलेश कठेरिया को 64,437 मतों के अंतर से हराया. राम शंकर कठेरिया को 5,22,119 वोट मिले, जबकि कमलेश कठेरिया को 4,57,682 मत प्राप्त हुए. इस जीत के साथ वे तीसरी बार लोकसभा के सदस्य बने. वर्ष 2024 में हुए 18वीं लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राम शंकर कठेरिया को एक बार फिर से उत्तर प्रदेश की इटावा सीट से मैदान में उतारा. पर इस बार भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया और वे समाजवादी पार्टी (सपा) क़े जितेंद्र कुमार दोहरे से 58,419 वोटों के अंतर से हार गए. चुनाव में जितेंद्र कुमार दोहरे को 4,90,747 वोट मिले, जबकि राम शंकर कठेरिया को 4,32,328 मत प्राप्त हुए. इस प्रकार राम शंकर कठेरिया का अब तक का राजनीतिक सफर आगरा से दो बार लोकसभा सांसद बनने, केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभालने, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष बनने और इटावा से तीसरी बार लोकसभा पहुंचने तक का रहा है.
राम शंकर कठेरिया की संपत्ति (Ram Shankar Katheria Property)
2024 में लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार राम शंकर कठेरिया की कुल संपत्ति 4.04 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 4.66 करोड़ रूपये का कर्ज भी है.
इस लेख में हमने आपको राम शंकर कठेरिया जीवनी (Ram Shankar Katheria Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.












