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राष्ट्रपति के अभिभाषण के बीच कृषि कानूनों के विरोध में बेनीवाल ने लगाए नारे, सदन से किया वाकआउट

29 जनवरी 2021
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राष्ट्रपति के अभिभाषण के बीच कृषि कानूनों के विरोध में बेनीवाल ने लगाए नारे, सदन से किया वाकआउट

Politalks.News/Rajasthan-Delhi. शुक्रवार से शुरू हुए लोकसभा के बजट सत्र में प्रथम दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति द्वारा कृषि के क्षेत्र में अपनी बात रखने के दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने पुरजोर तरीके से विरोध करते हुए देश में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की. इस दौरान सांसद बेनीवाल ने कृषि बिलों को वापिस लेने की मांग से जुड़े पोस्टर को भी सदन में खूब लहराया और उसके बाद सदन से वाक आउट करके बाहर आ गए. बेनीवाल यहीं नहीं रुके, सदन से बाहर आने के बाद भी कृषि बिलों को वापिस … Read more

Politalks.News/Rajasthan-Delhi. शुक्रवार से शुरू हुए लोकसभा के बजट सत्र में प्रथम दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति द्वारा कृषि के क्षेत्र में अपनी बात रखने के दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने पुरजोर तरीके से विरोध करते हुए देश में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की. इस दौरान सांसद बेनीवाल ने कृषि बिलों को वापिस लेने की मांग से जुड़े पोस्टर को भी सदन में खूब लहराया और उसके बाद सदन से वाक आउट करके बाहर आ गए. बेनीवाल यहीं नहीं रुके, सदन से बाहर आने के बाद भी कृषि बिलों को वापिस लेने की मांग को लेकर पोस्टर लहराए व मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी.

आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 2 माह से अधिक समय से देश के लाखों किसान आंदोलित हैं, ऐसे में शांतिपूर्वक चल रहे किसान आंदोलन को सरकार बलपूर्वक नहीं हटाए अन्यथा गंभीर परिणाम सरकार को भुगतने पड़ेंगे. इसके साथ ही सांसद बेनीवाल ने गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा की भी कड़े शब्दों में निंदा की. बेनीवाल ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार को अपनी जिद छोड़ कर देश में चल रहे आंदोलन की ओर ध्यान देते हुए तीनों किसान विरोधी बिलों को वापस लेने की जरूरत है.

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सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा गणतंत्र दिवस पर जो हुआ उसमें जो दोषी हैं उसकी जांच एनआईए करे, मगर उसकी आड़ में आन्दोलन को कुचलने का प्रयास किया या निर्दोष किसानों को गिरफ्तार किया गया तो देश के किसान अब चुप नहीं बैठेंगे और दुगुनी ताकत से दिल्ली का घेराव करेंगे. सांसद बेनीवाल ने कहा आंदोलन में बैठे किसान शांतिपूर्ण तरीके से ही लगातार कड़ाके की ठंड में अपने हक और अधिकार के लिए बैठे हैं. सांसद हनुमान बेनिवाल ने बताया कि शाहजहाँपुर बॉर्डर पर आरएलपी पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और वो स्वयं 26 दिसम्बर से पड़ाव डालकर शांतिपूर्वक रूप से बैठे हैं और जबतक तीनों काले कानून वापस नहीं होंगे, किसानों के समर्थन में बैठे रहेंगे.

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