असम के गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और संगठन के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. CJP के मुताबिक, रांका और उनकी टीम रविवार को प्रस्तावित वॉलंटियर्स मीटिंग में शामिल होने पहुंची थी, लेकिन बैठक शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया. घटना को लेकर CJP ने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर सवाल उठाए हैं.
वॉलंटियर्स मीटिंग से पहले हिरासत
रिपोर्टों के मुताबिक, CJP की असम में पहली क्षेत्रीय वॉलंटियर्स मीटिंग आयोजित होनी थी. बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की योजना थी. पुलिस ने कार्यक्रम शुरू होने से पहले रांका समेत कई लोगों को हिरासत में लिया. कुछ रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 30 से अधिक बताई गई है, जबकि CJP की ओर से इससे ज्यादा संख्या का दावा किया गया है. हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. CJP की ओर से दावा किया गया कि कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के रास्ते में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी और कार्यकर्ताओं को बैठक में शामिल होने से रोक दिया गया. संगठन ने इसे शांतिपूर्ण बैठक पर कार्रवाई बताया है.
रांका ने हिमंत सरकार पर लगाए आरोप
हिरासत में लिए जाने से पहले आशुतोष रांका ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर गंभीर आरोप लगाए. रांका का कहना था कि सरकार को डर है कि यदि CJP की टीम असम के सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाती है तो इसकी जानकारी देशभर में पहुंचेगी. रांका ने असम के स्कूलों के अलावा काजीरंगा क्षेत्र में जमीन, जंगल और पानी से जुड़े अधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए. ये आरोप CJP नेताओं की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस समय उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है.
अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि पुलिस रांका और CJP की टीम को हिरासत में लेकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गई. संगठन ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है. कुछ रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने कई अन्य CJP कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया, हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में संख्या अलग-अलग बताई गई है.
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़ा है असम दौरा
आशुतोष रांका और CJP पिछले कुछ समय से सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर अभियान चला रहे हैं. हाल में संगठन ने राजस्थान के आदिवासी इलाकों में ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूलों का निरीक्षण किया था और वहां बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा था. CJP का कहना है कि इसी तरह असम में भी सरकारी स्कूलों और स्थानीय मुद्दों को समझने के लिए टीम जमीनी स्तर पर काम करना चाहती है. संगठन ने संकेत दिया है कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद उसका अभियान जारी रहेगा.
हिरासत के बाद बढ़ सकती है सियासी हलचल
गुवाहाटी में CJP की बैठक से पहले हुई हिरासत ने संगठन और असम सरकार के बीच टकराव को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है. एक तरफ CJP इसे शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधि को रोकने की कार्रवाई बता रही है, वहीं पुलिस की ओर से हिरासत के आधार और आगे की कानूनी स्थिति इस विवाद में अहम होगी.
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि रांका और अन्य कार्यकर्ताओं को किस आधार पर हिरासत में लिया गया, उन्हें कहां रखा गया और पुलिस की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक तौर पर क्या कारण बताया जाता है.










