नागौर सांसद एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे, विशेष रूप से दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे और अमृतसर–जामनगर एक्सप्रेसवे पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, वाहनों में आग लगने की घटनाओं और लगातार बढ़ रही मौतों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया. सांसद बेनीवाल ने केंद्र सरकार से पिछले तीन वर्षों और वर्तमान वर्ष के दौरान हुई दुर्घटनाओं, मृतकों और घायलों की संख्या के साथ-साथ एक्सप्रेसवे पर उपलब्ध आपातकालीन सेवाओं और ट्रॉमा केयर सुविधाओं की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी.
वही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने जवाब में बताया कि दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर वर्ष 2023 में 71 सड़क दुर्घटनाओं में 50 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 31 जुलाई 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 165 दुर्घटनाएं और 133 मौतों तक पहुंच गया. वहीं अमृतसर–जामनगर एक्सप्रेसवे पर वर्ष 2023 में 41 दुर्घटनाओं में 30 लोगों की जान गई थी, जो 2026 में बढ़कर 57 दुर्घटनाएं और 67 मौतों तक पहुंच गई. इन आंकड़ों को सामने रखते हुए बेनीवाल ने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि केवल आधुनिक और हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों का स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट कराने, हर 50 किलोमीटर पर आधुनिक ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करने, एम्बुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम की निगरानी करने तथा दुर्घटना पीड़ितों के परिवारों को त्वरित सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की. बेनीवाल ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में यह मुद्दा देशभर के यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है और केंद्र सरकार से सड़क परियोजनाओं के साथ मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया.














