वीरांगनाएं हमारा गौरव, नाता प्रथा को लेकर टिप्पणी करना निंदनीय- दिव्या का धारीवाल पर हमला जारी

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17 Mar 2023
Divya Maderna's Attack on Shanti Dhariwal Continues: राजस्थान में वीरांगनाओं के मुद्दे को लेकर तेज होती सियासत के बीच विपक्ष के साथ-साथ गहलोत सरकार अब अपनी ही पार्टी के विधायकों से घिरती नजर आ रही है. बीते बुधवार को विधानसभा में ओसियां से कांग्रेस दबंग और तेज-तर्रार विधायक दिव्या मदेरणा ने मंत्री शांति धारीवाल के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला और वीरांगनाओं पर की गई टिप्पणी को लेकर धारीवाल पर जोरदार निशाना साधा था. ऐसे में गुरुवार को यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में दिव्या के आरोपों पर अपना स्पष्टीकरण दिया, लेकिन धारीवाल के इस स्पष्टीकरण को भी दिव्या मदेरणा ने निंदनीय करार दिया. विधायक दिव्या मदेरणा ने कहा की जो स्पष्टीकरण मंत्री शांति धारीवाल ने आज सदन में दिया है मैं उसकी निंदा करती हूं. मंजू जाट हमारे समाज की गौरव है, उनके खिलाफ की गई टिप्पणी पर मंत्री धारीवाल ने अपने शब्दों को वापस लिया है. वीरांगना का देवर शादीशुदा है या नहीं है, इस वक्तव्य से नौकरी का क्या लेना देना है? दिव्या ने कहा कि मंत्री धारीवाल आज सदन में वीरांगना सुंदरी देवी के बारे में ठोक ठोक कर कह रहे थे कि बताइए सुंदरी देवी नाते गई या नहीं, मैं इसका भी पुरजोर तरीके से विरोध करूंगी. https://youtu.be/yDsheS6fAJM अपमान करके मजाक में अपने बयानों को वापस लेना उनका अपना अलग पुराना अंदाज पॉलिटॉक्स न्यूज़ से खास बातचीत में कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा ने मंत्री शांति धारीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनको स्पष्टीकरण देने की जरूरत क्यों पड़ी, क्योंकि छींटाकशी करना उनकी आदत है. मंत्री धारीवाल ने पहले राजस्थान को मर्दों का प्रदेश कहा था फिर सफाई दी. इसके बाद हाईकमान को चुनौती देकर मीटिंग बुलाई, इस्तीफे करवाए फिर वापस लिए. तो अपमान करके अपने बयान को मजाक में वापस लेना उनका अपना पुराना अंदाज है. मदेरणा ने आगे कहा की मेरे मन में मंत्री धारीवाल के प्रति कोई कुंठा नहीं है, मैं कांग्रेस की इमानदार कार्यकर्ता हूं, लेकिन जो हाईकमान को चुनौती देगा उसके प्रति मैं कभी भी वफादार नहीं हो सकती हूं. यह भी पढ़ें: ERCP को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने से मुकरी केंद्र सरकार, बेनीवाल के सवाल के जवाब में किया इनकार नाता प्रथा के बारे में टिप्पणी करना निंदनीय विधायक दिव्या मदेरणा ने कहा कि मंत्री शांति धारीवाल द्वारा निकाह की नाते प्रथा पर टिप्पणी करना निंदनीय है. इस प्रथा को हमारे समाज ने अडॉप्ट किया है. जब हमारे देश में शिक्षा नहीं थी, उस दौरान विधवाओं की स्थिति दयनीय थी उसको देखते हुए भी समाज में इस प्रथा को अडॉप्ट किया गया, ताकि विधवा और उनके बच्चों को आर्थिक और पारिवारिक संभल मिल सके, उस प्रथा पर आप प्रसन्न चिन्ह कैसे लगा सकते हैं? यह भी पढ़ें: वीरांगनाओं के मुद्दे पर फिर हुआ विधानसभा में हंगामा, भिड़े धारीवाल और राठौड़ तो जोशी ने संभाला मोर्चा मंत्री धारीवाल के बयान की निंदा की तो मेरी विधानसभा क्षेत्र की 40 सड़कों को किया कैंसिल विधायक दिव्या मदेरणा ने आगे अपने आरोप को दोहराते हुए बताया कि मेरे ओसियां विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा 40 सड़कों का प्रस्ताव पास हुआ था. लेकिन जब मैंने मीणा समाज के बड़े नेता को आतंकी कहने वाले यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के बयान की निंदा की तो मेरे क्षेत्र की इन सड़कों को कैंसिल कर दिया गया. इस मामले में मैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से निवेदन करूंगी, मुझे पूरा विश्वास है वो इस मामले में इंटरवीन करेंगे. पहले भी उन्होंने जलदाय विभाग की पानी की टंकियों से जुड़े मामले में इंटरवीन किया था. मदेरणा ने आगे कहा कि जब आप दूसरों की मदद की राह पर चलते हैं तो बहुत सी कुर्बानियां देनी पड़ती है. मैं अपने दादा ओर पिता से विरासत का पाठ लेकर आई हूं, सार्वजनिक जीवन में एक आचरण होना चाहिए, मैंने उससे कोई समझौता नहीं किया. शांति धारीवाल ने 25 सितंबर को आलकमान के निर्देश पर CLP की मीटिंग के पैरेलल जो बैठक बुलाई थी मैंने उसका भी विरोध किया था और मैं आज भी उस स्टैंड पर कायम हूं.