Vinod Kumar Binny Latest News – विनोद कुमार बिन्नी का दिल्ली की क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा नाम हैं. उनकी राजनीतिक यात्रा उतार-चढ़ाव से भरी रही है. एक स्वतंत्र राजनेता के तौर पर अपनी यात्रा शुरू करने वाले बिन्नी ने समय के साथ भारतीय राजनीति के विभिन्न रंगो को बहुत ही करीब से देखा है, उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ काम करने के बाद अंततः भारतीय जनता पार्टी के विचारधारे को अपनाया, और उन्हें यह रास भी आयी, तभी तो 2015 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद वह लगातार पार्टी के साथ बने हुए है साथ ही पार्टी के दिशानिर्देश के अनुरूप काम भी कर रहे है. विनोद कुमार बिन्नी का एक पार्षद से विधायक बनने तक का सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है. वह दिल्ली के लक्ष्मी नगर से विधायक रहते क्षेत्र के लिए बहुत काम किया है. इस लेख में हम आपको श्री विनोद कुमार बिन्नी की जीवनी (Vinod Kumar Binny Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
विनोद कुमार बिन्नी की जीवनी (Vinod Kumar Binny Biography in Hindi)
| पूरा नाम |
विनोद कुमार बिन्नी |
| उम्र |
53 साल |
| जन्म तारीख |
3 जून 1973 |
| जन्म स्थान |
दिल्ली |
| शिक्षा |
बीए |
| कॉलेज |
दिल्ली विश्वविद्यालय |
| वर्तमान पद |
दिल्ली के लक्ष्मी नगर से पूर्व विधायक |
| व्यवसाय |
राजनेता |
| राजनीतिक दल |
भारतीय जनता पार्टी |
| वैवाहिक स्थिति |
विवाहिक |
| पिता का नाम |
रामपाल |
| माता का नाम |
- |
| पत्नी का नाम |
सुमन बाला |
| बच्चे |
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| बेटों के नाम |
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| बेटी का नाम |
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| स्थाई पता |
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| वर्तमान पता |
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| फोन नंबर |
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| ईमेल |
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विनोद कुमार बिन्नी का जन्म और परिवार (Vinod Kumar Binny Birth & Family)
विनोद कुमार बिन्नी का जन्म 3 जून 1973 को दिल्ली में हुआ था. उनके पिता का नाम रामपाल था. उनकी पत्नी का नाम सुमन बाला है, चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी गृहिणी सह पेशेवर है. उनके एक बच्चे है. विनोद कुमार बिन्नी हिन्दू है.
विनोद कुमार बिन्नी की शिक्षा (Vinod Kumar Binny Education)
विनोद कुमार बिन्नी ने वर्ष 1990 में सरकारी माध्यमिक विद्यालय राउज़ एवेन्यू स्कूल, सीबीएसई दिल्ली बोर्ड से इंटरमीडिएट (12वीं) किया और फिर वर्ष 1994 में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस स्थित मोतीलाल नेहरू कॉलेज से स्नातक (बीए) किया.
विनोद कुमार बिन्नी का राजनीतिक करियर (Vinod Kumar Binny Political Career)
पेशे से व्यवसायी रहे विनोद कुमार बिन्नी का राजनीतिक जीवन काफी संघर्ष पूर्ण रहा है. बिन्नी ने करीब दो दशक पहले दिल्ली की स्थानीय राजनीति में प्रवेश किया था. पहली बार उन्होंने 2007 में दिल्ली नगर निगम चुनाव में लक्ष्मी नगर से एक स्वतंत्र पार्षद के तौर पर जीत दर्ज की. दो वर्ष बाद, 2009 में बिन्नी कांग्रेस में शामिल हो गए, उन्ही दिनों केंद्र में यूपीए 2 केंद्रीय सत्ता में आ चुका था और इस कारण केंद्रीय राजनीति में कांग्रेस का दबदबा था. इसी दौरान बहती गंगा में हाथ धोने के लिए बिन्नी भी पार्टी में शामिल हो गए. पार्टी ने उन्हें दिल्ली प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने का भार सौंपा. लेकिन बदलाव की सोच में बिन्नी को लगा कि वह सही पार्टी के साथ नहीं है और इसी के बाद उन्होंने दो वर्ष 2011 में कांग्रेस छोड़ दी और अन्ना के आंदोलन 'इण्डिया अगेंस्ट करप्शन' में शामिल हो गए.
इसी के बाद अगले वर्ष 2012 में उन्होंने एक बार फिर से दिल्ली एमसीडी चुनाव में भाग्य आजमाया और एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लक्ष्मी नगर से जीत गए. इसी बीच दिल्ली की क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा फेर-बदल हो गया था और राज्य में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी अस्तित्व में आ गई थी. चूँकि बिन्नी का पहले से ही केजरीवाल से अच्छा रिस्ता था, इसलिए वह 2013 में आप में शामिल हो गए.
पहली बार बिन्नी वर्ष 2013 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर दिल्ली के लक्ष्मी नगर विधानसभा क्षेत्र से खड़े हुए और उन्हें केजरीवाल की लहर में बड़ी आसानी से जीत हासिल हो गई. उन्होंने कांग्रेस के अशोक कुमार वालिया को लगभग 8,000 वोटों से हराया था. इस चुनाव में बिन्नी को कुल 43,052 मत प्राप्त हुए थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के डॉ. अशोक कुमार वालिया 35,300 मत प्राप्त हुए थे.
लेकिन कुछ ही दिनों में उन्हें केजरीवाल से मतभेद हो गया. बिन्नी दिसंबर 2013 में पार्टी की एक बैठक से बाहर चले गए, जिसमें आम आदमी पार्टी ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों का चयन किया था. अगले महीने जनवरी 2014 में, बिन्नी ने केजरीवाल पर दिल्ली की जनता के साथ विश्वासघात करने और सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया. बिन्नी के इस बयान से केजरीवाल बिलबिला गए और 26 जनवरी 2014 को उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. इतना ही नहीं बिन्नी को आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई. केजरीवाल ने बिन्नी पर आरोप लगाया कि बिन्नी बीजेपी से मिले हुए है और बीजेपी के ईशारे पर ही उन्होंने पार्टी के विरुद्ध ऐसी हरकत की है. आम आदमी पार्टी से निकाले जाने के बाद, बिन्नी की विधायकी खतरे में पड़ गई. इसी कारण उन्होंने अपने विधायक अधिकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र विधायक के रूप में बने रहने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की.
2015 दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले, बिन्नी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. उन्होंने प्रदेश भाजपा नेताओ की उपस्थिति में 18 जनवरी 2015 को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की. इसी के बाद भाजपा ने उन्हें 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में पटपड़गंज से टिकट दिया. उस चुनाव में उनका मुकाबल आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पार्टी में केजरीवाल के बाद दूसरे नंबर पर आने वाले मनीष सिसोदिया से था. इस चुनाव में मनीष सिसोदिया 75,477 मत प्राप्त हुए जबकि दूसरे स्थान पर रहे भाजपा नेता बिन्नी को 46,716मत प्राप्त हुए. इस तरह बिन्नी सिसोदिया से 28,761 वोटों के अंतर से हार गए.
इस लेख में हमने आपको मुंबई दक्षिण के लोकसभा सांसद विनोद कुमार बिन्नी की जीवनी (Vinod Kumar Binny Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.