Sanjay Nirupam Latest News – संजय निरुपम ने हाल ही में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के मेल को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि उद्धव ठाकरे वोट बैंक के लिए हिंदुत्व को पूरी तरह से त्याग दिया और वे मुंबई की डेमोग्राफी बदलवाने वाले जिहादी गैंग से मिल गए है. उन्होंने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे को केवल उत्तर भारतीय से दिक्क्त है, पर खान से नहीं. उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीय कमजोर नहीं है.
शिव सेना से अपने राजनीतिक करियर कि शुरुआत करने वाले संजय निरुपम महाराष्ट्र के कद्दावर नेता है. वे एक बार राज्यसभा तो एक बार लोकसभा सांसद के रूप में काम कर चुके है. संजय निरुपम ने 2009 से लेकर 2014 तक उत्तरी मुंबई लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था. इस लेख में हम आपको पूर्व सांसद संजय निरुपम की जीवनी (Sanjay Nirupam Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
संजय निरुपम की जीवनी (Sanjay Nirupam Biography in Hindi)
| पूरा नाम | संजय निरुपम |
| उम्र | 60 साल |
| जन्म तारीख | 5 फरवरी 1965 |
| जन्म स्थान | रोहतास, बिहार |
| शिक्षा | बीए |
| कॉलेज | ए.एन. कॉलेज, पटना |
| वर्तमान पद | पूर्व सांसद |
| व्यवसाय | राजनीतिक |
| राजनीतिक दल | कांग्रेस |
| वैवाहिक स्थिति | विवाहित |
| पिता का नाम | बृजकिशोर लाल निरुपम |
| माता का नाम | प्रेम देवी |
| पत्नी का नाम | गीता निरुपम |
| बेटें का नाम | – |
| बेटी का नाम | 1 बेटी |
| स्थाई पता | 2304, बेवर्ली हिल, शास्त्री नगर, लोखंडवाला, अंधेरी पश्चिम, मुंबई |
| वर्तमान पता | – |
| फोन नंबर | – |
| ईमेल | – |
संजय निरुपम का जन्म और परिवार (Sanjay Nirupam Birth & Family)
संजय निरुपम का जन्म 6 फरवरी 1965 को बिहार के रोहतास जिले के तिलौथू ब्लॉक के बकनौरा गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम बृजकिशोर लाल निरुपम था. उनके तीन भाई और दो बहने है. संजय निरुपम हिन्दू है और वह जाति से कायस्थ (सामान्य वर्ग) है. उनपर चार आपराधिक मामले दर्ज है.
संजय निरुपम की शिक्षा (Sanjay Nirupam Education)
संजय निरुपम ने वर्ष 1984 में मगध विश्वविद्यालय के ए.एन. कॉलेज, पटना से स्नातक (बीए) किया है.
संजय निरुपम का शुरुआती जीवन (Sanjay Nirupam Early Life)
आज के महाराष्ट्र के कद्दावर नेता संजय निरुपम बिहार के एक सामान्य परिवार से आते है. उनका शुरुआती जीवन बिहार में ही गुजरा. मैट्रिक तक की पढाई उन्होंने रोहतास से की और बाद में, कॉलेज की पढाई के लिए वे अपने बड़े भाई के पास चले गए, जो पटना में रहते थे.
दूसरे नेताओ की भांति संजय किसी छात्र राजनीति में सक्रिय नहीं रहे है. शुरुआत में, उन्हें स्क्रिप्ट राइटर बनने की लालसा थी और वे आर्टिकल, स्क्रिप्ट आदि लिखा करते थे. वे अखबारों और विभिन्न पत्र पत्रिकाओं के लिए भी लिखा करते थे. उन्होंने कुछ कम बजट वाले मराठी फिल्मो के लेखन में भी समय दिया पर अथक प्रयास के बाद भी उन्हें इस क्षेत्र में ज्यादा सफलता नहीं मिली. लेकिन इससे इतना हुआ कि उन्हें तब के शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे से निकटता हो गई. उन्होंने शिवसेना की पत्रिका सामना में लिखना शुरू कर दिया और फिर इसी के बाद उन्हें 1993 में ‘सामना’ के मुख्य संपादक बना दिया गया, जो उस समय शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के स्वामित्व में था. बाद में, उनकी लेखनी से प्रभावित होकर बाला साहेब ने उन्हें शिव सेना ज्यॉइन करने को कहा और फिर इसी के बाद संजय निरुपम शिव सेना में शामिल हो गए. यही से उनकी राजनीति यात्रा आरम्भ हो गई.
संजय निरुपम का राजनीतिक करियर (Sanjay Nirupam Political Career)
संजय निरुपम 1996 में शिव सेना के टिकट पर जीतकर संसद सदस्य बने. उस समय शिव सेना भाजपा की सहयोगी पार्टी हुआ करती थी. निरुपम ने 2005 में शिव सेना छोड़ दी. इसका कारण उन्होंने उत्तर भारतीयों के विरुद्ध शिव सेना का आतंक बताया था. इसी के बाद अगले लोकसभा चुनाव से पहले निरुपम कांग्रेस में शामिल हो गए और कांग्रेस ने उन्हें 2009 के लोकसभा चुनाव में ‘मुंबई उत्तर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र’ से अपना उम्मीदवार बनाया और वे जीत गए. ध्यान रहे, इससे पहले इस सीट से कांग्रेस से फिल्म स्टार गोविंदा सांसद थे.
लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में इसी सीट से संजय निरुपम की बहुत भारी बहुमत से हार हुई. उन्हें भाजपा के गोपाल शेट्टी से हराया. इस चुनाव में संजय निरुपम को कुल 217,422 पड़े जबकि भाजपा के गोपाल शेट्टी को 664,004 मत पड़े. इस तरह संजय निरुपम 2014 के लोकसभा चुनाव में 446582 मत से हार हुई. इस हार के बाद संजय निरुपम लगातार पराजित होते रहे. 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें मुंबई उत्तर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से टिकट न देकर फिल्म अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर को टिकट दे दी. हालांकि उर्मिला की भी यहाँ से हार हो गई और एक बार फिर से यहाँ से भाजपा की जीत हुई.
चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद 2017 में बीएमसी चुनावों में निरुपम ने मुंबई के लिए कांग्रेस पार्टी के प्रमुख के रूप में अपना इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद 4 अप्रैल 2024 को उन्हें पार्टी अनुशासनहीनता के लिए कांग्रेस द्वारा 6 साल के लिए निलंबित कर दिया गया. उसी दिन बाद में, उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी ने उन्हें पहले निलंबित किया था या फिर संजय निरुपम ने पहले इस्तीफा दिया था.
संजय निरुपम भले ही केंद्र में मंत्री नहीं रहे है पर इससे इंकार नहीं किया जा सकता है कि महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी एक अलग पहचान है. संजय निरुपम एक बार राज्यसभा सांसद के रूप में भी चुने गए है और दिल्ली की राजनीति में भी अपना दबदबा रखते है.
संजय निरुपम की संपत्ति (Sanjay Nirupam Property)
2024 के लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार संजय निरुपम की कुल संपत्ति 12 करोड़ 39 लाख रूपये है जबकि उनपर 32 लाख का कर्ज भी है.
इस लेख में हमने आपको पूर्व सांसद संजय निरुपम की जीवनी (Sanjay Nirupam Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.



























