कुलदीप सिंह सेंगर की जीवनी | Kuldeep Singh Sengar Biography in Hindi

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Kuldeep Singh Sengar Latest News कुलदीप सिंह सेंगर उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक हैं. उनपर बलात्कार का आरोप लगा और इस कारण उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा. बाद में, उन्हें जेल हो गई. सात वर्ष तक जेल में रहने के बाद उनकी रिहाई को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है, क्योकि सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय की रिहाई के आदेश को निलंबित कर दिया है. कांग्रेस से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने वाले कुलदीप सिंह सेंगर बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य रह चुके है. अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने सबसे अधिक समय समाजवादी पार्टी के साथ बिताया था. वे एक बार बसपा से, दो बार सपा से तो एक बार भाजपा से विधायक रह चुके है. इस लेख में हम आपको उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जीवनी (Kuldeep Singh Sengar Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

कुलदीप सिंह सेंगर की जीवनी (Kuldeep Singh Sengar Biography in Hindi)

पूरा नामकुलदीप सिंह सेंगर
उम्र59 साल
जन्म तारीख20 मार्च 1966
जन्म स्थानफ़तेहपुर, उत्तर प्रदेश
शिक्षा12वीं पास
कॉलेजराजा शंकर सहाय इंटर कॉलेज, उन्नाव
वर्तमान पदउत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक
व्यवसायराजनीतिक
राजनीतिक दलकांग्रेस
वैवाहिक स्थितिविवाहित
पिता का नामकमल सिंह उर्फ मुलायम सिंह
माता का नाम
पत्नी का नामसंगीता सिंह
बेटें का नाम
बेटी का नाम
स्थाई पता
वर्तमान पता
फोन नंबर
ईमेल

कुलदीप सिंह सेंगर का जन्म और परिवार (Kuldeep Singh Sengar Birth & Family)

कुलदीप सिंह सेंगर का जन्म 20 मार्च 1966 को फ़तेहपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था. उनके पिता का नाम कमल सिंह उर्फ मुलायम सिंह था. सेंगर विवाहित है. उनकी पत्नी का नाम संगीता सिंह है और वह गृहणी है.

कुलदीप सिंह सेंगर की शिक्षा (Kuldeep Singh Sengar Education)

कुलदीप सिंह सेंगर ने वर्ष 1982 में उत्तर प्रदेश बोर्ड से राजा शंकर सहाय इंटर कॉलेज, उन्नाव से 12वीं पास किया.

कुलदीप सिंह सेंगर का राजनीतिक करियर (Kuldeep Singh Sengar Political Career)

कुलदीप सिंह सेंगर ने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत नब्बे के दशक में कांग्रेस पार्टी के साथ की. बाद में, सेंगर बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए और पार्टी ने उन्हें 2002 में, उन्नाव से अपना उम्मीदवार बनाया. अपने पहले चुनाव में उनकी जीत हुई और उन्हें कुल मत का लगभग 24 प्रतिशत मत पड़े. कुलदीप सिंह सेंगर उन्नाव से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर जीतने वाले पहले और अब तक के अंतिम उम्मीदवार भी है, क्योकि पार्टी इससे पहले और फिर बाद में यहाँ से कभी जीत दर्ज नहीं कर पायी है.

बाद में, बसपा ने उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित कर दिया, जिसके बाद सेंगर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. सपा में वे अपने करियर के सबसे लंबे समय तक रहे और 2007 से लेकर   2017 तक पुरे दस वर्ष इसके साथ बने रहे. पहली बार कुलदीप सिंह सेंगर को समाजवादी पार्टी ने 2007 में बंगरमऊ से अपना उम्मीदवार बनाया. उस चुनाव में उनकी जीत हुई. इस बार उन्हें कुल मत का 28 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए. फिर वे राज्य के अगले विधानसभा चुनाव तक सपा के साथ लगातार बने रहे. इसके बाद समाजवादी पार्टी ने उन्हें 2012 में भगवंत नगर से टिकट दिया और सीट बदलने के बाद भी उनकी जीत हुई. इस बार उन्हें कुल मत के 33 प्रतिशत वोट पड़े. इस तरह वे 2017 तक यही से विधायक रहे.

हालांकि, इस बीच समाजवादी पार्टी से उनका संबंध अच्छा नहीं रहा. कारण यह था कि 2015 में, उनकी पत्नी संगीता सिंह ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जिला पंचायत प्रमुख का चुनाव जीता, जिसके बाद पार्टी ने उनसे संबंध तोड़ लिए और उन्हें बागी के रूप में देखने लगी. 2017 तक राज्य में राजनैतिक समीकरण बदल गया था. इसका एक प्रमुख कारण 2014 के लोकसभा चुनाव में केंद्र में भाजपा की प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापसी थी. यूपी से बड़ी संख्या में भाजपा सांसद चुने गए थे. इसलिए विधानसभा चुनाव से पहले अनुमान लग गया था कि राज्य में अगला शासन भाजपा का आने वाला है. इसलिए सेंगर 2017 से पहले भाजपा में शामिल हो गए. 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बंगरमऊ से अपना उम्मीदवार बनाया और वे फिर से जीत गए. इस सीट पर भाजपा ने इससे पहले कभी जीत दर्ज नहीं की थी. इस बार उन्हें कुल मत के 43 प्रतिशत वोट मिले, जो उनके अब तक के चुनाव में मिले मत से सबसे अधिक थी.

इस तरह वे कुल चार बार विधानसभा चुनाव में जीतकर विधायक बन चुके है. पार्टी भले ही अलग हो पर जीत उनकी पक्की रही. ये सभी उन्नाव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीट है और हर बार उन्हें जीत मिली.

लेकिन सेंगर अपना यह कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएं. सेंगर पर 4 जून 2017 को उन्नाव में एक 16 वर्षीय लड़की ने बलात्कार का आरोप लगा दिया और फिर उन्हें पद छोड़ना पड़ा. बाद में, भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें निष्काषित कर दिया.

आरोप के बाद सेंगर को सीबीआई के जांच से गुजरना पड़ा. सीबीआईं ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उनका जीवन जेल में बीता. इसी क्रम में 23 दिसंबर 2025 को कुलदीप की सजा को दिल्ली उच्च न्यायालय ने निलंबित कर दिया. हाईकोर्ट ने कहा कि सेंगर पहले ही सात साल और पांच महीने जेल में बिता चुके है. बाद में, पीड़ित की ओर से जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लाया गया तब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली उच्च न्यायलय के आदेश को निलंबित कर दिया. फिलहाल उन्नाव रेप पीड़िता से संबंधित कुलदीप सेंगर का मामला कोर्ट के अधीन विचाराधीन है.

इस लेख में हमने आपको उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जीवनी (Kuldeep Singh Sengar Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.

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