महाराष्ट्र में उद्दव ठाकरे के ‘हाथ’ में आई ‘घड़ी’, 169 विधायकों का समर्थन मिला बहुमत परीक्षण में

विधानसभा में उद्दव सरकार ने पास किया फ्लोर टेस्ट, बीजेपी विधायकों ने किया सदन से वॉकआउट, MNS AIMIM और CPM के 4 विधायक रहे तटस्थ

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पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्दव ठाकरे के ‘हाथ’ में आखिर ‘घड़ी’ आ ही गई. उद्दव सरकार ने आज विधानसभा में बहुमत साबित करते हुए 288 में से 169 विधायकों के समर्थन से फ्लोर टेस्ट (Uddhav Floor Test) पास कर लिया है. उद्दव ठाकरे के भाई राज ठाकरे की पार्टी मनसे और सीपीएम के एक- एक एवं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के दो विधायकों सहित कुल चार विधायकों ने किसी के पक्ष में वोटिंग नहीं करते हुए तटस्थ रहे. वहीं विपक्ष की पार्टी बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सदन का वॉकआउट कर दिया और सदन के बाहर जमकर नारेबाजी की. बता दें, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सदन की पूरी कार्यवाही का लाइव टेलीकास्ट किया गया है.

दोपहर दो बजे शुरु हुए सदन की शुरुआत ही हंगामेदार हुई. फडणवीस सहित बीजेपी के विधायकों ने सदन की शुरुआत वंदे मातरम से न करने, शपथ ग्रहण के दौरान महापुरुषों के नाम लेने और ओपन पद्धति से फ्लोर टेस्ट कराने का विरोध किया. पूर्व सीएम फडणवीस ने ये भी सवाल उठाया कि संविधान को ताक पर रखकर प्रोटेम स्पीकर को हटाया गया और दूसरे प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति में बहुमत परीक्षण कराना कहां तक सही है.

फडणवीस ने ये भी कहा कि तब तक विश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता जब तक स्थायी स्पीकर की नियुक्ति न हो, जो अभी तक नियुक्त नहीं हुआ. बहुमत परीक्षण के लिए हमेशा बंद पद्धति का इस्तेमाल किया जाता है. इस विधानसभा में नियमों को और संविधान को तोड़ा गया है. जो सभा संविधान के हिसाब से नहीं चलता उसमें हम शामिल नहीं हो सकते. इतना कहकर फडणवीस सहित तमाम 105 बीजेपी विधायक सदन छोड़कर बाहर चले गए और जमकर नारेबाजी की. (Uddhav Floor Test)

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मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नियमों को और संविधान को तोड़ा गया है. संविधान के नियमों को उल्लंघन हुआ है इसलिए राज्यपाल को यह कार्यवाही रद्द करनी चाहिए. हम राज्यपाल के पास जाएंगे और उनको अनियमितता का पत्र देंगे.

बीजेपी के विधायकों के बाहर चले जाने के बाद प्रोटेम स्पीकर दिलीप वल्से पाटिल ने सदन के सभी दरवाजे बंद कराकर हैड काउंट करके फ्लोर टेस्ट कराया. फ्लोर टेस्ट में शिवसेना के 56, एनसीपी के 55 और कांग्रेस के 44 विधायकों ने सरकार को समर्थन दिया. तीनों पार्टियों के 155 के अलावा 14 अन्य पार्टियों और निर्दलीय विधायकों ने महाविकास अघाड़ी को समर्थन दिया. विपक्ष में एक भी वोट नहीं पड़ा. मनसे, सीपीएम और AIMIM के चार विधायक तटस्थ रहे.

महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट (Uddhav Floor Test) पास करने के बदा उद्दव ठाकरे ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे सदन के कामकाज का अनुभव नहीं है. मैं मैदान में लड़ने वाले आदमी हूं. मैंने शिवाजी महाराज और अन्य महापुरुषों का नाम लेकर शपथ ग्रहण की, इसमें क्या गुनाह है. मैं दुबारा भी उनका नाम लेकर ही शपथ लूंगा. उन्होंने फडणवीस की ओर इशारा करते हुए कहा कि वैचारिक मतभेद रखने का अलग तरीका होता है. सदन में वैचारिक मतभेदों को गलत तरीके से रखा गया. यह महाराष्ट्र की परंपरा नहीं है. मुझे गर्व है कि मैंने अपने आदर्शों का नाम लेकर शपथ ली. (Uddhav Floor Test)

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सदन में एनसीपी के विधायक दल के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि शपथ में अगर बड़े नेताओं और हमारे भगवान का नाम लिया तो क्या गलत किया. अगर सम्मान दिया तो क्या गलत किया. फडणवीस को क्या दिक्कत है. विपक्ष ने हंगामा करने की कोशिश की.

वहीं छगन भुजबल ने पूर्व सीएम फडणवीस पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें विपक्ष का नेता बनने में प्रतिस्पर्धा नजर आ रही है. वे अभी तक यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि विपक्ष के नेता फडणवीस होंगे या चंद्रकांत पाटिल.

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