गहलोत केबिनेट का फैसला- पार्षद ही चुनेंगे महापौर, बीजेपी ने बताया- थूंककर चाटने वाला कदम

Gehlot Cabinet

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में गहलोत सरकार ने निकाय चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण फैसले पर यू-टर्न लेते हुए नया फैसला लिया कि अब पार्षद ही करेंगे महापौर और निकाय प्रमुख का चुनाव. सोमवार को हुई गहलोत केबिनेट (Gehlot Cabinet) की एक अहम बैठक में ये फैसला लिया गया. सीएम गहलोत के पिछले कार्यकाल में बने महापौर के प्रत्यक्ष चुनाव के कानून को पिछ्ली वसुंधरा राजे सरकार ने सत्ता में आने के बाद खत्म कर दिया था मगर राज्य में एक बार फिर से मुख्यमंत्री बनने के बाद गहलोत सरकार दोबारा विधानसभा में यह कानून ले आई थी. इसी साल यह कानून बनाया गया था जिसके तहत मेयर का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाएगा. वहीं बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने गहलोत सरकार के इस फैसले पर कहा कि निकाय चुनाव में हार के डर से सरकार ने यू-टर्न लिया है. पूर्व मंत्री और मालवीय नगर विधायक कालीचरण सर्राफ ने बताया थूंककर चाटने वाला कदम.

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गहलोत मंत्रिमंडल की बैठक (Gehlot Cabinet) में पिछली सरकार के निकाय चुनावों में अप्रत्यक्ष प्रणाली को जारी रखते हुए बैठक में अप्रत्यक्ष प्रणाली से निकाय चुनाव (Nikay Chunav) कराने पर सहमति बनी है. इससे पहले 2009 में राजस्थान की गहलोत सरकार ने प्रत्यक्ष निकाय चुनाव आयोजित कराए थे जिसे वसुंधरा सरकार ने बदल दिया था. मगर राज्य में एक बार फिर से मुख्यमंत्री बनने के बाद गहलोत सरकार दोबारा विधानसभा में यह कानून ले आई थी. प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री धारीवाल ने बताया कि अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव इसलिए भी जारी रखा गया है ताकि अगर किसी वार्ड में साम्प्रदायिक माहौल बिगड़े तो वो केवल एक ही इलाके में बिगड़े, उससे आगे न बढ़े. इसी प्रकार किसी एक वार्ड में कोई समस्या होती है तो वो अन्य वार्डो में न फैले. धारीवाल ने इसे लोकतांत्रिक पद्धति बताया.

यूडीएच मिनिस्टर शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि पार्षद और पूर्व पार्षदों से चर्चा कर नवंबर में होने वाले नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम के चुनावों को अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने का फैसला मंत्रीमंडल की बैठक में लिया गया. धारीवाल ने बताया कि मौजूदा समय में विपक्ष द्वारा जनता के बीच भय, आक्रोश, असहिष्णुता और साम्प्रदायिक माहौल पैदा किया जा रहा है, उन परिस्थितियों में प्रत्यक्ष चुनाव कराना कतैई सही नहीं है.

उन्होंने कहा कि हमने वर्तमान और पूर्व पाषदों के साथ उन संभावित लोगों से भी बात की जो पार्षद का चुनाव लड़ने वाले हैं, उन सभी ने एक स्वर में निकाय चुनावों में अप्रत्यक्ष प्रणाली का समर्थन किया. उक्त का कहना है कि प्रत्यक्ष प्रणाली द्वारा जीतकर आने वाले व्यक्ति के सामने पार्षद अपने आपको कमजोर महसूस करते हैं. दोनों के बीच तालमेल की कमी भी रहती है. ऐसे में अगर बहुमत ज्यादा हो लेकिन जीतकर आया प्रमुख व्यक्ति दूसरी पार्टी का हो तो विकास का मुद्दा गौण हो जाता है.

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सरकार के इस फैसले पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार केवल डर और तबादलों की आड में निकाय चुनावों में जीत का ख्वाब देख रही है जो मुंगेरीलाल के हसीन सपने से ज्यादा कुछ भी नहीं. पूनिया ने कहा कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में ये साफ-साफ लिखा है कि सरकार में आने के बाद निकाय चुनाव प्रत्यक्ष पद्धति से कराए जाएंगे लेकिन सरकार ने निकाय चुनाव में हार के डर से यु-टर्न लेकर प्रदेश की जनता को ठगा है.

वहीं पूर्ववर्ती सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे कालीचरण सर्राफ ने भी निकाय चुनाव में अप्रत्यक्ष प्रणाली पर गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा. सर्राफ़ ने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने के बाद सरकार ने विपक्ष के विरोध के बावजूद बिल को विधानसभा में पास कराया था. (Gehlot Cabinet) अब अपने ही लिए गए फैसले पर यू टर्न लेना न सिर्फ जनता को धोखा देना है, बल्कि ये एक थूक कर चाटने जैसा कदम है.

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वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डूडी ने कहा कि मैंने जाट नेता के रुप में 20 साल तक जाट समाज और किसानों के लिए संघर्ष किया, पिछले पांच साल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मैंने किसानों की आवाज उठाई है, मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश हुई है

रामेश्वर डूडी अब सोनिया और राहुल गांधी से मिलकर बताएंगे RCA चुनाव की हकीकत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) अध्यक्ष बनने के बाद से गहलोत विरोधी खेमा सक्रिय हो गया है. RCA अध्यक्ष का चुनाव लड़ने से वंचित रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) ने अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा है. सूत्रों के अनुसार डूडी RCA चुनाव में खुद के साथ हुए घटनाक्रम की पूरी जानकारी से आलाकमान को अवगत करायेंगे.

सूत्रों के मुताबिक रामेश्वर डूडी ने दो दिन पहले ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी के कार्यालय से मिलने के लिए समय मांगा है. डूडी कांग्रेस अध्यक्ष एवम पूर्व अध्यक्ष को राजस्थान की हकीकत बयां करेंगे. इस मामले ने रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) का कहना है कि मैंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक माह पहले ही मिलकर बता दिया था कि मैं RCA के अध्यक्ष का चुनाव लड़ना चाहता हूं और उस समय खुद गहलोत ने मुझे RCA का चुनाव लड़ने के लिए कहा था, लेकिन गहलोत ने धृतराष्ट्र बनकर पुत्रमोह में अपने बेटे वैभव गहलोत को मैदान में उतार दिया और सरकारी मशीनरी का पूरा दुरुपयोग करते हुए मुझे और मेरे समर्थक जिला क्रिकेट संघों को चुनाव अधिकारी से अयोग्य घोषित करवा दिया.

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनाव अधिकारी आर.आर. रश्मी को अपने पुत्र वैभव के पक्ष में करने के लिए सरकार में उच्चस्तर से मुख्य सचिव डीबी गुप्ता और सरकार के कृषिमंत्री लालचंद कटारिया को जिम्मा सौंपा गया. अब रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) ने अपने समर्थकों के साथ मीटिंग करके यह तय किया है कि पहले पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात करके उन्हें RCA के घटनाक्रम से अवगत करवाया जाएगा और तब भी सुनवाई नहीं होती है तो उसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा.

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डूडी ने कहा कि मैंने जाट नेता के रुप में 20 साल तक जाट समाज और किसानों के लिए संघर्ष किया है. पिछले पांच साल विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मैंने किसानों की आवाज उठाई है. अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहे डूडी ने यहां तक कहा कि जो नेता आज राज कर रहे हैं, वे पांच साल विधानसभा में आए भी नहीं थे, मैंने  भाजपा के खिलाफ संघर्ष किया और जनता की आवाज उठाई थी. अब मेरे खिलाफ साजिश करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी की शह पर मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने पुत्र वैभव को RCA अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में उतारा, जबकि उन्होंने पहले मुझसे वादा किया था.

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प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच की अदावत किसी से छुपी नहीं है. अब RCA चुनाव को लेकर रामेश्वर डूडी ने जिस तरह से गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोला है, उससे पायलट खेमें में खुशी है. पायलट समर्थक कैबिनेट मंत्री भंवरलाल मेघवाल, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक वेदप्रकाश सोलंकी, दानिश अबरार, पीआर मीणा और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष गोपाल सिंह व सचिव प्रशांत शर्मा लगातार डूडी के संपर्क में हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार RCA चुनाव में रामेश्वर डूडी के पैनल के लोगों ने गुरुवार शाम भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया से मुलाकात की है. प्रदेश भाजपा मुख्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान वैभव गहलोत के सामने RCA अध्यक्ष का चुनाव हारे जोधपुर जिला क्रिकेट संघ के रामप्रकाश चौधरी ने अपने मोबाइल से सतीश पूनिया की रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) से बात भी कराई है.

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इस सब के बीच अपने लम्बे राजनीतिक जीवन में अपनी छवि के प्रति एक्स्ट्रा सजग रहने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पुत्र वैभव गहलोत के RCA अध्यक्ष बनने के बाद किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते. इसी के चलते सबसे पहले उन्होंने वैभव गहलोत को जयपुर में अलग घर में शिफ्ट कर दिया. दो दिन पहले जोधपुर में पत्रकारों से बात करते हुए गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वैभव मेरे बेटे जरूर हैं, लेकिन वे मेरे साथ नहीं रहते हैं, वे किराए के मकान में रहते हैं. राजनीति को लेकर मेरा उनसे कोई रिश्ता नहीं जोड़ा जाए. साथ ही रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) की नाराजगी पर उन्होंने कहा कि डूडी मेरे बहुत करीब थे, मगर अब करीब हैं या नहीं इसका पता नहीं.

विवादित बयान पर मंत्री भंवरलाल मेघवाल का यू-टर्न, बीजेपी ने बताया शर्मनाक बयान

मंत्री Bhanwarlal Meghwal

राजस्थान की गहलोत सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के केबिनेट मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल (Bhanwarlal Meghwal) ने खुद के दिए विवादित बयान पर यू-टर्न लेते हुए कहा कि मेरे द्वारा एक सभा में मज़ाक-मज़ाक में कही गई बात का वीडियो बनाकर वायरल किया जा रहा है. मेघवाल ने इसे राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया. अपने बड़बोलेपन के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने मंडावा में हो रहे उपचुनाव को लेकर गुरुवार को अपने विधानसभा क्षेत्र सुजानगढ़ में एक कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैंने मुख्यमंत्री से कह दिया कि अगर आप कहें तो चुनाव हरा दूंगा और आप कहें … Read more

वीडियो खबर: सचिन पायलट ने दिया सतीश पुनिया को करारा जवाब

Sachin Pilot

नरेन्द्र मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत के नारे के बाद राजस्थान के नवनियुक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पुनिया ने अपने भाषण में कहा कि हम राजस्थान को कांग्रेस मुक्त प्रदेश बना देंगे. इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने गुरुवार को अपने आवास पर जनसुनवाई के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जनता के जनादेश के अपमान किसी को नहीं करना चाहिए. प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी हुई है, ऐसे में पुनिया अपनी पार्टी में अपनी साख बनाने के लिए इस तह के बड़े-बोल बोल रहे हैं.

वीडियो खबर: RCA में वैभव गहलोत जीते या फिर जीती सरकार?

लगभग एक महीने चले घमासान के बाद आखिर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव सम्पन्न हो गए. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत RCA के अध्यक्ष चुन लिए गए और अब वे BCCI में राजस्थान क्रिकेट का प्रतिनिधित्व करेंगे. लेकिन असल में RCA चुनाव में चले इस घमासान में आखिर कौन जीता? वैभव गहलोत (Vaibhav Gehlot) की जीत हुई या सरकार की? बेनीवाल ने सच में डूडी की मदद की या खुद का राजनीतिक फायदा उठाया? ये कुछ ऐसे सवाल है जो RCA चुनाव के बाद अब मुंह बाए खड़े हैं.

 

वीडियो खबर: हरेन्द्र मिर्धा कभी अपने साले से मिलने जेल गए क्या? – बेनीवाल

खींवसर उपचुनाव में अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. बेनीवाल ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी हरेन्द्र जी अपने 58 सेकंड या 1 से डेढ़ मिनिट के भाषण में बोल रहे हैं कि ये मेरा आखिरी चुनाव है, अब जब आखिरी ही चुनाव लड़ रहे हैं तो आप समझ सकते काम क्या करेंगे, आखिरी चुनाव लड़ने वाला जितने के बाद काम करता है क्या, आराम करता है और जब आराम ही करना है तो चुनाव लड़ने की जरूरत ही क्या है.

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खींवसर उपचुनाव: मेरा मुकाबला हरेन्द्र मिर्धा से नहीं अशोक गहलोत से है- हनुमान बेनीवाल

राजस्थान (Rajasthan) में विधानसभा उपचुनाव (Assembly By-Poll Election) के मद्देनजर राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज हो गया है. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने कहा है कि खींवसर में मेरा मुकाबला हरेंद्र मिर्धा (Harendra Mirdha) से नहीं है बल्कि इस चुनाव में मेरा मुकाबला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) से है, वहीं मंडावा में यह मुकाबला किसानों और गहलोत के बीच है. इसके साथ ही बेनीवाल ने कहा कि अशोक गहलोत इस उपचुनाव में पुलिस के दम पर मतदान करवाने की सोच रहे हैं तो मैं यह चेतावनी देना चाहता हूं कि ऐसी गलती मत करना, नहीं तो इसका खामियाजा पूरे राजस्थान में सरकार को भुगतना पडेगा.

बेनीवाल ने नागौर जिले में कानून की स्थिति पर बोलते हुए कहा कि जिले में कानून की स्थिति पूरी तरह से बिगडी हुई है जिसके लिए गहलोत सरकार जिम्मेदार है. साथ ही पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव की आड में पुलिस खुले आम गुंडागर्दी कर रही है. पिछले तीन चार महिनों से अपराध का ग्राफ बढा है, इसके लिए यहां के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक व एसडीएम जिम्मेदार हैं. बेनीवाल ने यह भी कहा कि खींवसर विधानसभा क्षेत्र के रालोपा के ऐसे कार्यकर्ताओं को हिस्ट्रीसीटर घोषित किया जा रहा है जिनके उपर एक भी मुकदमा दर्ज नहीं है. इस पर बेनीवाल ने मुख्यचुनाव आयुक्त को अपील करते हुए कहा कि नागौर जिले में जितने भी अपराधी हैं उन पर पुलिस चालान करे और उनको इस चुनाव के दौरान थानों में बंद करे.

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सांसद हनुमान बेनीवाल ने आगे कहा कि जिस तरह लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री गहलोत के बेटे की विदाई हमने जोधपुर से की थी उसी तरह खींवसर व मंडावा उपचुनाव जीतकर अशोक गहलोत की विदाई भी राजस्थान से कर देंगे. वैभव गहलोत के आरसीए अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने पर बेनिवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सत्ता के दम पर अपने बेटे को आरसीए का अध्यक्ष तो बनवा सकते है लेकिन विधायक या सांसद नहीं बनवा सकते, इसके लिए जनता के बीच जाना पडता है जनता की सुननी पडती है.

खींवसर से कांग्रेस प्रत्याशी हरेंद्र मिर्धा के लिए बेनीवाल ने कहा कि जिले में पुलिस अधिक्षक, कलेक्टर व एसडीएम सभी इन दिनों हरेंद्र मिर्धा के कहने पर काम कर रहे हैं और उनके कहने पर रालोपा के कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है, उन पर मुकदमें दर्ज किये जा रहे है. साथ ही बेनीवाल ने रालोपा से जुडे कार्यकताओं के क्षेत्र से दूर ट्रांसफर करने के भी सरकार पर आरोप लगाये.

वैभव अपना निर्णय लेने में सक्षम, चुनाव में सारे हथकंडे अपनाने पड़ते हैं- RCA पर बोले गहलोत

आखिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) ने अपने पुत्र वैभव गहलोत के राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के अध्यक्ष बनने पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनके पुत्र वैभव गहलोत (Vaibhav Gehlot) अलग किराए के मकान रहते हैं और अपने निर्णय लेने में वो खुद सक्षम हैं. मैनें कभी उन्हें प्रमोट नहीं किया है, बल्कि वे अपनी राजनीति करते है और मैं अपनी राजनीति करता हूं. वहीं रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) के आरोपों पर गहलोत ने कहा कि चुनाव लडऩा हो तो सारे हथकंडे अपनाने पड़ते हैं. दो दिवसीय जोधपुर दौरे पर रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार देर शाम होटल रेडिएशन ब्लू में पत्रकारों द्वारा उनके पुत्र वैभव … Read more

वीडियो खबर: डूडी को दिलवाकर रहेंगे उनका हक-बेनीवाल

खींवसर के आकला गांव में जनसंपर्क के लिए पहुंचे RLP चीफ हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि रामेश्वर डूडी एक किसान का बेटा है इसलिए हम उनके साथ हैं. प्रदेश सरकार ने उनके साथ अन्याय किया है. वे RCA अध्यक्ष बनने के हकदार थे लेकिन उन्हें पर्चा तक भरने नहीं दिया गया. उनके इस संघर्ष में आरएलपी उनके साथ है और डूडी को उनका हक दिलाने का प्रयास किया जाएगा.