कांग्रेस के गढ़ ग्वालियर में भाजपा ने जलाई उपचुनाव की ‘ज्योति’, सिंधिया का हुआ जबरदस्त विरोध

ज्योतिरादित्य सिंधिया

Politalks.News/MadhyaPradesh. आज पूरे देश में गणेश चतुर्थी उत्सव पूरे धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. हमारे देश में आमतौर पर किसी अच्छे और शुभ कार्य करने के लिए श्री गणेशाय नमः लिखा जाता है. वैसे भी आज गणेश उत्सव की शुरुआत हुई है. आज मध्य प्रदेश में भाजपा के लिए बप्पा गणपति ने वर्षों पुरानी ‘कसक’ दूर कर दी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के रजवाड़े में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ‘चुनावी मिलन’ का गेम खेला. आइए आज आपको मध्यप्रदेश के शहर ग्वालियर लिए चलते हैं. देश की राजनीति में ग्वालियर क्षेत्र को मध्यप्रदेश कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है. माधवराव सिंधिया ने ग्वालियर और आसपास के … Read more

सिंधिया को कहा ‘गद्दार’ तो पूर्व दस्यु सम्राट मलखान सिंह ने याद दिलाई ‘फटा झोला और टूटी साइकिल’

Malkhan Singh Vs Dr Govind Singh Mla Congress

Politalks.news/MP. कांग्रेस के पूर्व मंत्री और लहार विधायक डॉ.गोविंद सिंह (Dr. Govind Singh) को ज्योतिरादित्य सिंधिया को ‘गद्दार’ कहना उस वक्त भारी पड़ गया, जब पूर्व दस्यु सम्राट मलखान सिंह ने विधायक महोदय को पुराने गरीबी दिनों की याद दिला दी. चंबल के पूर्व दस्यु सम्राट ने कहा, ‘मुझे तुम्हरी औकात पता है. एक टूटी सी झोपड़ी, एक टूटी सी मड़ैया, जरा सी आयुर्वेदिक दवाई और झोला फटा हुआ…एक टूटी हुई साइकिल और आज हजारों बीघा जमीन अवैध घेर-घेर के ट्यूबबेल लगाए, ये क्या गद्दारी नहीं है.’ डॉ. गोविंद सिंह चंबल इलाके की लहार विधानसभा सीट से विधायक हैं और पिछली कमलनाथ सरकार में सहकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. डॉ.गोविंद लहार विधानसभा सीट से सातवीं बार विधायक बने हैं.

कांग्रेस के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता डॉ.गोविंद सिंह ने दिए गए बयान में सिंधिया को गद्दार बताया था. उसी बयान को लेकर चंबल के पूर्व दस्यु सम्राट मलखान सिंह (Malkhan Singh) ने विधायक का नाम लिए बगैर जमकर प्रहार किया और खूब खरी-खोटी सुनाई. मलखान सिंह ने कहा कि टूटी झोपड़ी में रहने वाले, फटे झोले में दवाई लेकर टूटी साइकिल से इंजेक्शन लगाने वालों पर आज हजारों बीघा जमीन कहां से आ गई.

मलखान सिंह ने कहा, ‘जिनके पास कुछ साधन नहीं था और जो मेरे समय में एक टूटी साइकिल लेकर डेढ़ रुपये में गांव-गांव जाकर इंजेक्शन लगाते थे, आज बढ़-बढ़ कर बातें कर रहे हैं. जो सिंधिया के खिलाफ बात करते हैं, बगावत करते हैं, ये अच्छी बात नहीं है. ये बड़े-बड़े नेताओं की बात है. इसमें बड़े नेता सिंधिया जी का मुकाबला करें तो अच्छी बात है और अच्छा लगता है.’

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चंबल के पूर्व दस्यु सम्राट ने आगे कहा, ‘आज दिग्विजयसिंह सिंह है, कमलनाथ हैं, या दोनों तरफ के नेता हों तो इनकी बात अलग है. उनके बीच में हमको नहीं बोलना चाहिए. अब छोटे दल के जो नेता हैं, इनकी व्यवस्थाएं सबको पता हैं. आज कोई गद्दार कहता है, कोई कुछ कहता है, ये सब बकवास है. किसी को गद्दार कहना, किसी को अच्छा बुरा कहना, ये गलत बात है.’

पूर्व मंत्री पर निशाना साधते हुए मलखान सिंह ने कहा, ‘तुम्हारे पास एक बीघा जमीन नहीं थी लेकिन आज हजारों बीघा जमीन पड़ी है. मैं उस वक्त बागी था लेकिन मुझे तुम्हरी औकात पता है. एक टूटी सी झोपड़ी, एक टूटी सी मड़ैया, जरा सी आयुर्वेदिक दवाई और झोला फटा हुआ…एक टूटी हुई साइकिल और आज हजारों बीघा जमीन अवैध घेर-घेर के ट्यूबबेल लगवाए. ये गद्दारी नहीं है.’

बता दें, डॉ.गोविंद सिंह चंबल इलाके की लहार विधानसभा सीट से विधायक हैं और कमलनाथ सरकार में सहकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं. डॉ.गोविंद लहार विधानसभा सीट से सात बार विधायक बने हैं. वहीं, पूर्व दस्यु सम्राट मलखान सिंह की कभी तूती बोलती थी और वे चंबल में खौफ का पर्याय थे. चंबल में 18 सालों तक उसकी बादशाहत चली और चंबल के 6 जिलों में उसका आतंक था. 1982 में हथियार डालकर वे अध्यात्म की राह पर चले और अब सामाजिक कामों में सक्रिय हैं.

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याद दिला दें, हाल में प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने भी सिंधिया और उनके साथ बीजेपी में शामिल हुए सभी बागियों को गद्दार कहा था. छिदवाड़ा के अपने निजी दौरे पर गए दिग्गी राजा ने एक तरफ कमलनाथ की जमकर तारीफ की, वहीं दूसरी ओर सिंधिया और सभी बागियों को गद्दार बताया, साथ ही उप चुनावों में जनता द्वारा सबक सिखाने की बात भी कही.

शिवराज का स्थानीय नागरिकों को शत प्रतिशत आरक्षण देने का ऐलान, कांग्रेस ने बताया ‘चुनावी घोषणा’

Shivraj Singh And Madhyapradesh

Politalks.News/MP. ‘मामा’ शिवराज ने अपने प्यारे भांजे भांजियों को रक्षाबंधन का रिटर्न गिफ्ट देते हुए एक बड़ा ऐलान किया है. अब प्रदेश की सभी सरकारी नौकरियां स्थानीय युवाओं को ही मिलेंगी. इनमें किसी भी बाहरी व्यक्ति या उम्मीदवार को शामिल नहीं किया जाएगा.मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने आज एक बड़ा ऐलान करते हुए प्रदेश में सभी सरकारी नौकरियों में स्थानीय नागरिकों को शत प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की. अब सरकार की सभी नौकरियां अब एमपी डोमिसाइल रखने वालों के लिए आरक्षित होगी. इसके साथ ही आदिवासियों को साहुकारों के चुंगल के बचाने के लिए एक नया कानून लाने की बात भी कही. सीएम … Read more

पटवारी का सिंधिया पर जबरदस्त हमला- ‘जनता के लिए सड़क पर उतरने वाले घर में छिपकर बैठे हैं’

Jitu Patwari Vs Jyotiraditya Scinda

PoliTalks.news/MP. बीजेपी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) पर कांग्रेस नेताओं की भड़ास अभी तक पूरी तरह से निकली नहीं है. यही वजह है कि रह रहकर एमपी कांग्रेस के नेता सिंधिया के खिलाफ अपने मन के गुबार निकालते रहते हैं. कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने एक बार फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जबरदस्त हमला बोलते हुए उन्हें आड़े हाथ लिया, साथ ही कहा कि जनता के लिए सड़क पर उतरने वाले अब घर पर छिपकर क्यों बैठे हैं. पटवारी ने सिंधिया के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर भी निशाना साधा. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने सिंधिया पर तीखा वार … Read more

कैबिनेट बैठक में मंत्रियों से बोले शिवराज- ‘न मैं चैन से बैठूंगा और न आपको बैठने दूंगा’, दिए 10 टास्क

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Politalks.News/मध्यप्रदेश. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट विस्तार के बाद अपने नए मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ पहली बैठक की. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट बैठक की शुरुआत ”वक्रतुंड महाकाय…” श्लोक के साथ की. बैठक की शुरुआत में सीएम शिवराज ने अपने सभी नए सहयोगियों को बधाई दी. साथ ही उन्होंने कैबिनेट को एक परिवार की तरह बताया. शिवराज ने प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए अपने मंत्रियों को स्वागत-समारोह के फेर में न पड़ने की सलाह भी दी. यह भी पढ़ें: महामंथन का पूरा ‘अमृत’ मिल गया सिंधिया को, शिवराज ही नहीं पूरी भाजपा को पीना पड़ सकता है ‘विष’ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कैबिनेट … Read more

महामंथन का पूरा ‘अमृत’ मिल गया सिंधिया को, शिवराज ही नहीं पूरी भाजपा को पीना पड़ सकता है ‘विष’

शिवराज सिंह चौहान के मंत्रीमंडल का विस्तार

Politalks.News/मध्यप्रदेश. मंथन पर मंथन और फिर महामंथन के बाद आखिरकार शिवराज सिंह चौहान के मंत्रीमंडल का विस्तार हो ही गया. तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के 12 पूर्व विधायक मंत्री बने. इनमें से तीन कांग्रेस की पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार में भी मंत्री थे. बीजेपी के 16 विधायक मंत्री बने. मंत्रीमंडल की पूरी गणित देखें तो कांग्रेस से आए 22 में से 14 यानि आधे से भी अधिक बाजी मार ले गए. वहीं भाजपा के 107 विधायकों में से केवल 19 ही मंत्री बन पाए. अगर प्रतिशत की दृष्टि से देखें तो कांग्रेस से आए 60 प्रतिशत विधायक मंत्री बने. वहीं बीजेपी के 18 … Read more

एमपी में सिंधिया का कम होता प्रभाव बना बीजेपी की चिंता, कमलनाथ ने चुनाव के लिए कसी कमर

सिंधिया

पाॅलिटाॅक्स न्यूज/एमपी. साल 2020 मध्य प्रदेश की सियासत का बहुत रोचक साल रहने वाला है. बहुमत के साथ सत्ता में काबिज हुई कमलनाथ की सरकार बीजेपी के सियासी खेल के चलते 2020 की शुरूआती महीनों में ही धाराशाही हो गई. 15 साल बाद मध्य प्रदेश की सत्ता में लौटी कांग्रेस का गढ़ खुद कांग्रेसियों ने ही ढहा दिया. ग्वालियर खानदान के युवराज बीजेपी के साथ क्या गए कमलनाथ की सरकार ही चली गई. भाजपा के लिए तो सोने पर सुहागा वाली बात हो गई. सत्ता से दूर हुए शिवराज के सिर फिर से मुख्यमंत्री का ताज सज गया. भले ही यह जनादेश जनता का नहीं था लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी कांग्रेस और कमलनाथ दोनों को महंगी पड़ गई.

ज्योतिरादित्य सहित 22 विधायकों का विद्रोह कांग्रेस के लिए काला अध्याय बन गया. बीजेपी को बैठे बैठाए दिग्गज कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं की फौज तो मिली ही, मुख्यमंत्री और सरकार पर भी भाजपा की सील लग गई. एमपी में सियासी ड्रामेबाजी के बीच कोरोना की भी एंट्री हो गई. सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शिवराज सिंह ने चंद लोगों के बीच मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. शायद भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था, इसलिए मुख्यमंत्री बनने के बाद भी शिवराज सिंह के माथे पर चिंता की लकीरे साफ नजर आई जो अभी भी साफ नहीं हुई है.

जल्दी प्रदेश की 24 सीटों पर उपचुनाव के सर्वे रिपोर्ट शिवराज सिंह की नींद उड़ाने के लिए काफी है. इन सर्वे रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि जनता का मूड भाजपा के साथ नहीं है. जनता इस बात को महसूस कर रही है कि कमलनाथ और कांग्रेस के साथ अच्छा नहीं हुआ. इन सर्वे रिपोर्ट में ग्वालियर-चंबल इलाके की 16 सीटों पर दबदबा रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव भी कम होता बताया जा रहा है. यानि की पहले कांग्रेस के लिए जनता से वोट मांगे. फिर कांग्रेस से किनारा कर भाजपा की सरकार बनाई गई. जनता इसे अपने साथ किए गए छल के रूप में देख और महसूस कर रही है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित 22 विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला रोचक होना बताया जा रहा है. हालांकि चुनाव अगस्त या उसके बाद होने हैं लेकिन मध्य प्रदेश में सियासी पारा चढ़ हुआ है. कमलनाथ पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहे हैं और वो कहने से नहीं चूके कि जनता के साथ छल और कांग्रेस के साथ हुए विश्वासघात का जवाब उपचुनावों में जनता खुद देगी. इन सभी 22 सीटों के अलावा दो और सीटों पर चुनाव होने हैं. इसी के चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने राजनीतिक समीकरणों पर काम कर रही हैं.

उपचुनाव में कोरोना का प्रभाव पड़ना स्वभाविक

चुनाव पर कोरोना का प्रभाव भी पड़ने वाला है. कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल शिवराज सरकार को कोरोना की लड़ाई में पूरी तरह नाकाम बता रहे हैं. कांग्रेस का आरोप है कि शिवराजसिंह की सरकार ने जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया है. संकट के इस समय में केंद्र और राज्य की सरकार ने लोगों को वो मदद नहीं पहुंचाई, जिसकी जनता का जरूरत है. उपचुनाव वाले क्षेत्रों में इस बात का जोर शोर से प्रचार किया जा रहा है.

पार्टी बदली तो ज्योतिरादित्य सिंधिया भी बदल गए

कांग्रेस में रहकर जितनी आजादी से ज्योतिरादित्य सिंधिया राजनीति कर रहे थे, अब भाजपा में आकर उन्हें कई नियमों और अनुशासन का पालन करना पड़ रहा है. कांग्रेस कार्यालयों सहित सड़कों पर ‘एमपी का मुख्यमंत्री कैसा हो, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसा हो’ के नारों से पटे होर्डिंग बैनर अब नजर नहीं आते. ना ही कोई सिंधिया समर्थक उनको मुख्यमंत्री बनाने की मांग करता नजर आ रहा है. यह बदलाव साफ दिखाता है कि ज्योतिरादित्य कांग्रेस में जितने मुखर होकर राजनीति कर रहे थे, उतने मुखर वो अब नहीं रहे. राजनीतिक विशेषज्ञों का आंकलन है कि ज्योतिरादित्य भाजपा पर लगातार दबाव बनाने की राजनीति नहीं कर सकते.

बसपा लड़ी तो कांग्रेस को नुकसान

यूं तो बहुजन समाज पार्टी का मध्य प्रदेश में बहुत बड़ा प्रभाव नहीं है लेकिन ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों के एससी एसटी वर्ग में बीएसपी की अच्छी पकड़ है. 2018 के चुनाव में बसपा ने इन क्षेत्रों में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस के प्रत्याशियों को हुआ था. बाद में कमलनाथ सरकार को भी बीएसपी ने समर्थन दिया. लेकिन अब परिस्थितियां करवट ले चुकी है. बसपा ने सभी 24 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है. बसपा इन विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के चयन में जुट गई है. भले ही बसपा के प्रत्याशियों को चुनाव में सीधी जीत न मिले लेकिन कांग्रेस को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. यानि की बसपा का 24 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय भाजपा का फायदा पहुंचाने वाला होगा.

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कमलनाथ ने संभाला उपचुनाव का मोर्चा

मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनावों की तैयारियां शुरु हो चुकी है जिसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कमर कस ली है. 24 सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए उन्होंने एक कोर टीम का गठन किया है. ये टीम उप चुनाव को किस तरह से लड़ा जाए, इसके लिए रणनीति बनाएगी. कमलनाथ की कोर टीम शिवराज सरकार की नाकामियों को जनता के बीच लेकर जाएगी. कांग्रेस ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण और बढ़ते अपराध को भी मुद्दा बनाने का फैसला किया है.

ग्वालियर-चंबल इलाके की 16 सीटें ही तय करेंगी प्रदेश में बीजेपी-कांग्रेस का क्या होगा सियासी भविष्य?

कमलनाथ-सिंधिया-शिवराज

पॉलिटॉक्स न्यूज़/एमपी. मध्यप्रदेश में 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस से बागी होकर बीजेपी में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभुत्व वाली ग्वालियर चंबल इलाके की 16 सीटें ही तय करेंगी कि प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस का सियासी भविष्य क्या होगा? क्या शिवराज सिंह का ताज बचा रहेगा या जैसा कि कांग्रेस ने दावा किया हुआ है कि इस बार 15 अगस्त को झंडा तो कमलनाथ ही फहराएंगे? मध्यप्रदेश के राजनीतिक समीकरण में ग्वालियर-चंबल इलाके में जीत दर्ज करने वाले को सत्ता की चाभी मिलना तय माना जाता है. यही वजह है कि ग्वालियर-चंबल की 16 विधानसभा सीटें बीजेपी और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन … Read more

कमलनाथ ने लगाए शिवराज सरकार पर किसानों का दमन करने के आरोप, सड़क से सदन तक विरोध की दी चेतावनी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ

पॉलिटॉक्स न्यूज़/मध्यप्रदेश. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के साथ-साथ मध्यप्रदेश में सियासी बवाल भी लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश के श्योपुर जिले के सायलो केन्द्र सलमान्या पर शनिवार को हुई किसानों और प्रशासन के बीच की झड़प ने अब सियासी रंग ले लिया है. घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार दमनकारी नीति का आरोप लगाते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है. वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो बीजेपी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपशब्द बोलते हुए नजर आ रहे हैं. दरअसल, प्रदेश के श्योपुर के सायलो केन्द्र सलमान्या पर शनिवार … Read more