राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) द्वारा स्थानीय निकायों में अध्यक्ष, सभापति और महापौर के चुनाव में हाईब्रिड फॉर्मूले को लागू करने के एक दिन बाद बदलाव के खिलाफ अब सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस में ही बगावत के सुर उठने लगे. खुद गहलाेत सरकार (Gehlot Government) के दाे मंत्री, खाद्य नागरिक-आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा (Ramesh Meena) और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariyawas) ने पार्षद का चुनाव लड़े बिना या हारे हुए प्रत्याशी काे मेयर या सभापति बनाए जाने के फैसले का विराेध किया.
गहलोत सरकार का एक ओर चौंकाने वाला फैसला, जयपुर, कोटा और जोधपुर में अब होंगे दो-दो निगम और महापौर
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने प्रदेश में होने वाले निकाय चुनावों को लेकर पिछले चार दिन में एक के बाद एक तीन बड़े फैसले लेकर सबको चौंका दिया है. पहले प्रत्यक्ष चुनाव के फैसले पर यू टर्न लेते हुए अप्रत्यक्ष चुनाव का फैसला, फिर हाईब्रिड फैसले द्वारा पार्षद का चुनाव लडे बिना या हारे हुए प्रत्याशी का सीधे मेयर या नगर अध्यक्ष का चुनाव लड़ने का फैसला लिया गया. अब राज्य सरकार ने एक और चौंकाने वाला निर्णय लेते हुए जयपुर, कोटा और जोधपुर में दो-दो नगर निगम और दो-दो महापौर की घोषणा कर दी है. इनमें जयपुर में पहला हेरिटेज निगम कहलाएगा, जबकि दूसरा ग्रेटर जयपुर … Read more