गहलोत सरकार के एक साल के कार्यकाल को बीजेपी ने बताया विफल, वादाखिलाफी के 52 सप्ताह की चार्जशीट की जारी

Failure of Gehlot government One Year Term

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में गहलोत सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल (Gehlot government One Year Term) पूरा होने पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर कांग्रेस सरकार के एक साल के कार्यकाल के खिलाफ एक चार्जशीट जारी की. इस चार्जशीट में सरकार की 52 सप्ताह की वादा खिलाफी की 52 विफलताओं का आरोप लगाया है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनियां ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का एक साल (Gehlot government One Year Term) मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के मध्य प्रतिस्पर्धा में बीत गया. परिणामस्वरूप सरकार के एक साल के जश्न के कार्यक्रमों के दौरान उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट नदारद रहे. मुख्यमंत्री गहलोत ने स्वयं ही स्वीकार … Read more

मुख्यमंत्री गहलोत ने किसानों को दी बड़ी सौगात, 1000 करोड़ का कृषक कल्याण कोष गठित

Chief Minister Gehlot

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. गहलोत सरकार के एक साल पूर्ण होने पर मंगलवार को जयपुर में कई कार्यक्रम आयोजित हुए. एक साल पूर्ण होने पर सुबह अल्बर्ट हॉल से त्रिमूर्ति सर्किल तक रन फ़ॉर निरोगी राजस्थान का आयोजन किया गया जिसको मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Gehlot) सहित झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके बाद जवाहर कला केंद्र पर मुख्यमंत्री गहलोत ने राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और सरकार के एक वर्ष फैसले अनेक पुस्तक का विमोचन भी किया गया. एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में एक विशाल सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री गहलोत (Chief Minister Gehlot) ने एक हजार करोड … Read more

गहलोत की प्यार भरी चेतावनी बनी चर्चा का विषय, सुधीजनों ने कहा “ऐसा नहीं होता सरकार..! यह लोकतंत्र है राजतंत्र नहीं”

(Gehlot on Media)

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की कांग्रेस सरकार का एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मीडिया (Gehlot on Media) संस्थानों को दी गई प्यार भरी चेतावनी हर मीडिया हाउस और राजनेताओं में चर्चा का विषय बनी रही. अपनी सरकार के एक साल पूरा होने पर पत्रकार वार्ता के दौरान सीएम गहलोत ने मीडिया घरानों और पत्रकारों को बातों-बातों में कहा कि, ‘मीडिया संस्थान विज्ञापन तो ले लेते हैं लेकिन सरकार की योजनाओं या देश हित में सावर्जनिक मंच से की गई बात का प्रचार-प्रसार नहीं करते हैं, उसके लिए फोन करके रिक्वेस्ट करनी पड़ती है’. तो क्या अब जो मीडिया हाउस सरकार का प्रचार-प्रसार करेगा उसी को विज्ञापन मिलेगा? या जो सरकार की कमियां उजागर करेगा उसको सरकारी विज्ञापन से वंचित कर दिया जाएगा?

दरअसल इन दिनों कुछ (Gehlot on Media) मीडिया संस्थान सिर्फ गहलोत सरकार की कमियां उजागर करने में लगे हैं जो कि वैसे तो मीडिया का काम भी है. मीडिया को “लोकतंत्र का चौथा स्तंभ” भी कहा गया है जिसका काम सरकार की अच्छी और बुरी बातें लोगों तक पहुंचाना है, लेकिन कुछ मीडिया हाउस केवल सरकार की गलतियां ही उजागर कर रहे हैं और कुछ मीडिया संस्थान या हाउस सरकार का गुणगान ही करने में लगे हैं. ऐसे में आम लोगों के लिए अब मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानना भी बेमानी सा लगने लगा है.

वहीं यह कहना भी जरूरी हो जाता है कि कुछ मीडिया संस्थान (Gehlot on Media) तो जैसे सरकार की गोद में ही चले गए हैं, ऐसे में अब जो शेष संस्थान है जो सरकार की कमियां भी उजागर करते हैं तो सरकार को बुरा लगता है लेकिन यह बात भी यहां कहना तो बनता ही है जिस मीडिया ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की उपाधि पाई है अब उसे पूरी तरह खत्म किया जा रहा है इसलिए अब लोगों का मीडिया के प्रति विश्वास भी कम होता जा रहा है.

गौरतलब है कि पिछली वसुंधरा सरकार में मीडिया को प्रतिबन्धित करने के लिए कुछ नियम सरकार ने बनाए थे जिसका उस वक्त प्रदेश कांग्रेस में सरपरस्त रहे अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने पुरजोर विरोध किया था और सरकार बनने से पूर्व मीडिया को लेकर काफी बड़ी बड़ी बातें भी कही थी जिनमें मीडिया पर कानून या नियमों को थोपना गलत भी बताया था (Gehlot on Media). लेकिन आज जब मीडिया फ्रेंडली माने जाने वाले गहलोत की सरकार के बारे में पत्रकार कुछ लिखते हैं तो उन्हें यह गलत क्यों लगता है? अगर ऐसा ही चला तो फिर राजस्थान में या कहीं और भी ऐसा सभी सरकारों को लगने लगे तो मीडिया की जरूरत ही क्या रह जाएगी? क्योंकि मीडिया सरकार को आईना दिखाने का काम करता है और आईना कभी झूठ नहीं बोलता… लेकिन ऐसा ही चला तो मीडिया की स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाएगी, लोकतंत्र का चौथा स्तंभ शायद गिर जाएगा.

एक साल की हुई अशोक गहलोत की 3.0 सरकार, मेनिफेस्टो के 503 में से 119 वादे पूरा करने का दावा

बहरहाल कुछ वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और पत्रकारों ने दबे स्वरों में ना सिर्फ इसे गलत बताया बल्कि गहलोत सरकार के लिए प्यार भरे अंदाज में यह भी कह दिया कि यह “लोकतंत्र है राजतंत्र नहीं” अगर ऐसा ही चलेगा तो ना आपकी सरकार को अपनी कमियों का पता चलेगा और ना ही सरकार उसे दूर करने का प्रयास करेगी (Gehlot on Media) और यह कदम सरकार के लिए खुद अपने लिए खड्डा खोदने जैसा होगा. अगर यही चला तो आपके पास भी चापलूसों की फौज नजर आने लगेगी जो किसी भी सरकार में दीमक की तरह काम करती है और ये तो सब जानते ही है कि दीमक जहां भी लगती है वो उसे खाकर ही अपना पेट भरती है. आप (श्रीमान अशोक गहलोत) क्या कोई भी शायद ऐसा नहीं चाहेगा और आप तो वैसे भी अपनी सूझबूझ के लिये पहचाने जाते हैं और फिर आपकी मंशा भी कुछ और ही है तो उसे खुलकर सबके सामने आने दीजिये गहलोत सर. ऐसा नहीं करना आप की छवि के खिलाफ है और शायद आप भी अपनी छवि नहीं बिगाड़ना चाहेंगे. अगर सरकार को पाबन्दी लगानी ही है तो उन पर लगाए जो मीडिया हाउस सिर्फ अपना पेट भरने में लगे हैं, जिनका पत्रकारिता से कोई सरोकार नहीं, अब बाकी तो सरकार खुद समझदार है..।

एक साल की हुई अशोक गहलोत की 3.0 सरकार, मेनिफेस्टो के 503 में से 119 वादे पूरा करने का दावा

(Ashok Gehlot Government)

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में अशोक गहलोत की 3.0 सरकार (Ashok Gehlot Government) का एक साल का कार्यकाल आज 17 दिसम्बर को पूरा हो गया है. सरकार अपने एक साल का जश्न सादगी पूर्ण तरीके से मनाने जा रही है. राजधानी जयपुर में बिना किसी बड़ी पॉलिटिकल रैली के सरकार छह दिवसीय राज्य और जिला स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रही है. इनमें तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आयोजन जयपुर में होंगे और तीन दिवसीय कार्यक्रम जिला स्तर पर होंगे. एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा बिना किसी फिजूलखर्ची वाले जश्न की बजाय सादगी पूर्ण तरीके से जश्न मनाने की है. इसके लिए सरकारी स्तर पर छह … Read more

गहलोत सरकार के एक साल पर बोलीं राजे- प्रदेश में सरकार है ही कहां, सरकार होती तो कानून व्यवस्था का राज होता, बच्चियां सुरक्षित होतीं

(One Year of Gehlot Government)

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में गहलोत सरकार का एक साल (One Year of Gehlot Government) पूरा होने पर जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रेसवार्ता कर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई और एक साल के कार्यकाल को बेमिसाल बताया वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कहा गहलोत सरकार के एक साल में राजस्थान बदहाल हुआ है, सरकार ने किसानों और बेरोजगारों के साथ विश्वासघात किया है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि कैसा सरकार का एक साल का उत्सव, प्रदेश में सरकार है ही कहां? प्रदेश में गहलोत सरकार का एक वर्ष (One Year of Gehlot Government) पूरा होने पर पूर्व सीएम राजे ने कहा है … Read more

भारत बचाओ रैली पर बीजेपी का पलटवार, पूनिया ने बताया ‘कांग्रेस बचाओ रैली’ तो राठौड़ बोले कांग्रेस का फ्लॉप शो

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. केन्द्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस की दिल्ली में आयोजित ‘भारत बचाओ’ रैली पर कटाक्ष करते हुए राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि कांग्रेस की भारत बचाओ रैली भारत बचाओ नहीं, कांग्रेस बचाओ रैली है (Congress flop show). कांग्रेस ने 55 साल तक देश पर शासन किया, अब कांग्रेस का वजूद उन्हें खतरे में नजर आ रहा है, इसलिए अपने आपको बचाने का कांग्रेस प्रयास कर रही है. यह गांधी बचाओ रैली है, क्योंकि कांग्रेस गांधी परिवार के पीछे जीवित है और उन्हीं के नाम से वोट मांगती रही है. वहीं विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर सरकारी मशीनरी … Read more

पायलट व पूनिया ने लंदन में किया प्रवासी राजस्थानियों को संबोधित

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चीफ सचिन पायलट और बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने गुरूवार को लंदन के नेहरू सेंटर में एक ही मंच को साझा करते हुए प्रवासी राजस्थानियों को संबोधित किया. दरअसल दोनों प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान एसोसिऐशन ऑफ यूके (Rajasthan Association of UK) के निमंत्रण पर लंदन में है.

दो से अधिक संतान वाले भी लड़ सकेंगे चुनाव! वसुंधरा सरकार का एक और फैसला बदलने की तैयारी में गहलोत सरकार

Panchayatiraj Election

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पिछले वसुंधरा राजे सरकार का एक और बड़ा निर्णय बदलने जा रही है. गहलोत सरकार पंचायत चुनाव (Panchayatiraj Election) में दो से अधिक संतान होने पर चुनाव न लड़ पाने की बाध्यता खत्म करने पर विचार कर रही है. सूत्रों के अनुसार, इसके लिए सरकार ने अयोग्यता संबंधी नियम में बदलाव करने की तैयारी भी शुरु कर दी है. कांग्रेस सरकार की पहली वर्षगांठ यानि 17 दिसम्बर को हो सकती है इसकी घोषणा. आगामी पंचायतीराज चुनावों को देखते हुए ये बड़ा फैसला माना जा रहा है.

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इससे पहले पिछली वसुंधरा राजे सरकार ने एक कानून लाकर दो से अधिक संतान होने पर स्थानीय निकाय एवं पंचायतीराज संस्थाओं (Panchayatiraj Election) में चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी. राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम-1994 की धारा 19 में संशोधन कर दो से अधिक संतान होने पर पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्यता संबंधी प्रावधान किया गया था. इसके तहत 1995 से पहले जिनके दो या दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें 1995 के पश्चात एक और बच्चा होने की स्थिति में चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया गया. हालांकि उस समय पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने इस फैसले का विरोध किया था.

बता दें, राज्य में अगले साल की शुरुआत में पंचायतीराज (Panchayatiraj Election) के चुनाव प्रस्तावित हैं. ग्रामीण सरकार के ये चुनाव दो या इससे अधिक चरणों में संपन्न हो सकते हैं. इसके लिए प्रदेशभर में 25 दिसम्बर के आसपास आदर्श अंचार संहित लगने की उम्मीद है. इस बार पंचायतों और पंचायत समितियों का पुनर्गठन किया गया है.

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गौरतलब है कि इससे पहले भी गहलोत सरकार पिछली सरकार के कई फैसलों को बदल चुकी है. गहलोत कैबिनेट की पहली बैठक में पंचायत चुनाव में लगी 10वीं पास की शैक्षिणक बाध्यता को समाप्त कर दिया था. साथ ही सरकारी लेटर हैड से आरएसएस विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम हटाने पर भी मुहर लगी थी. हाल ही में गहलोत सरकार ने स्टेट हाइवे ओर निजी वाहनों पर टोल टैक्स को भी फिर से लागू कर दिया जिसे वसुंधरा राजे सरकार ने चुनाव से कुछ महीनों पहले फ्री कर दिया था. इसके अलावा, मीसाबंदियों की पेंशन योजना को भी बंद कर दिया गया है. स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों में सावरकर के आगे से वीर शब्द हटाने के जैसे और भी बदलाव पहले ही किया जा चुके हैं. (Panchayatiraj Election)

सचिन पायलट व सतीश पूनिया ने लंदन में एक मंच से किया प्रवासी राजस्थानियों को संबोधित

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चीफ सचिन पायलट और बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने गुरूवार को लंदन के नेहरू सेंटर में एक ही मंच को साझा करते हुए प्रवासी राजस्थानियों को संबोधित किया. दरअसल दोनों प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान एसोसिऐशन ऑफ यूके (Rajasthan Association of UK) के निमंत्रण पर लंदन में है.

कार्यक्रम में सचिन पायलट ने मंच को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने देश के गौरव को विदेशी धरती पर भी बढ़ाया है. समय-समय पर आप देश में भी अपना अतुलनीय योगदान देते हैं, जो कि बेहद सराहनीय है. आप सभी साधुवाद के पात्र है क्योंकि आपने विदेशी धरती पर भी भारतीय संस्कृति को जीवंत रखा है. (Rajasthan Association of UK)

पायलट ने कार्यक्रम में उपस्थित प्रवासियों से आव्हान करते हुए कहा कि उन्हें अपनी जड़ों को राजस्थान में मजबूत करते हुए शहरों व ग्रामीण अंचल में निवेश करना चाहिए ताकि उनके योगदान का प्रदेश को लाभ मिल सके. पायलट ने अपने संबोधन में बताया कि राज्य सरकार द्वारा विदेशी निवेश को आमंत्रित करने के लिये सकारात्मक नीतियां बनाई गई है जो प्रवासी भारतीयों के लिये अपनी धरा से जुडऩे का एक स्वर्णिम अवसर है. पायलट ने आगे कहा कि हम देश में रहे या विदेश में हम सबका मूल एक ही है. हम सबका मकसद भारत को वैश्विक तौर पर ऊंचाईयां प्रदान करना है. प्रवासी भारतीयों ने हर देश में जिस प्रकार से लगन के साथ अपना योगदान दिया है उसकी हर जगह सराहना होती है.

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इसी क्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने मंच को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन जहां उत्सव है, वह राजस्थान है. भक्ति और शक्ति से समृद्ध कोई धरती है तो वह राजस्थान है. भारत में आने वाला प्रत्येक तीसरा पर्यटक राजस्थान जरूर आता है क्योंकि पन्नाधाय जिसने अपनी धरती के स्वाभिमान के लिए, कुल की रक्षा के लिए अपने पुत्र का बलिदान कर दिया और अपने सतीत्व की रक्षा के लिए पद्मावती के साथ हजारों माताओं ने बलिदान दिया. ऐसी चितौड़गढ़, उदयपुर, जयपुर, जोधपुर जैसी वीर प्रसूता और पवित्र भूमि को वे पर्यटक देखना चाहते हैं. (Rajasthan Association of UK)

पूनिया ने आगे कहा कि मुझे जब यह पता लगा कि इस मंच पर मेरे साथ हमारे प्रदेश के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट भी रहेंगे तो राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र और प्रदेश हित में हमने ये मंच साझा भी किया. वहीं पायलट से आग्रह करते हुए पूनियां ने कहा कि राजस्थान एसोसिएशन यूके जिन मुद्दों को लेकर राजस्थान के हित में काम करना चाहती है. उन मुददों पर एसोशिऐशन की मदद करें. पूनियां ने यह भी कहा कि राजस्थान में हम सत्ता में नहीं हैं, लेकिन जो भी प्रदेश के हित के लिए काम होगा हम साथ करेंगे. पूनिया ने एसोसिएशन से राजस्थान की संस्कृति, कला और सभ्यता के क्षेत्र में भी कार्य करने का आग्रह किया. (Rajasthan Association of UK)

पूनिया ने आगे कहा कि राजस्थान की धरती से छोटे-छोटे कारीगरों से लेकर वैज्ञानिक पूरी दुनिया में पहुंचे हैं उसका सबसे बड़ा उदाहरण एल एन मित्तल हैं. जोकि छोटे से गांव से निकलकर इंग्लैंड के बड़े व्यवसायी बने. साथ ही पूनियां ने कहा कि आज भारत बदल रहा है, भारत की छवि विश्व में जिस प्रकार की थी उसमें आज परिवर्तन आया है. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से भारत को विदेशों में सम्मान प्राप्त हुआ है. विश्व में आज भारतीयों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है. विश्व में कई प्रमुख कंपनियों के मुखिया भारतीय हैं. राजस्थानियों ने भी अपने व्यवसाय कौशल का लोहा विदेशों में मनवाया है.