‘सत्ता में रहकर जब गांधीजी के सपनों को सच नहीं कर पाए तो अब पदयात्रा करने से क्या होगा’

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महात्मा गांधीजी की 150वीं जयंती पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. भाजपा और कांग्रेस गांधीजी के विचारों का अनुसरण कर पैदल मार्च और पदयात्रा निकाल प्रतिदिन 5 से 15 किमी. पैदल चलने का प्रण कर रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी और खुद राहुल गांधी सहित सभी बड़े नेता गांधी टोपी लगाए पैदल यात्रा पर निकल चुके हैं. वहीं भाजपा भी गांधीजी के विचारों को आत्मसाध करते हुए पदयात्रा निकाल रही है. दोनों पार्टियों के इस कदम पर तंज मारते हुए बीएसपी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने क्लास लगाई है. मायावती ने कांग्रेस के लिए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहकर … Read more

‘किसकी मजाल जो हाथी को धकेल के तीसरे नंबर पर पहुंचा दे’

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में हमीरपुर विधानसभा सीट (Hamirpur Assembly) पर हुए उप चुनाव का परिणाम आ गया है. यहां सत्ताधारी BJP ने अपना कब्जा जमाया. अब इस जीत पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती (Mayawati) गुस्से से आग बबूला हो गयी और भाजपा पर EVM में धांधली का आरोप जड़ दिया. मायावती ने ये भी लॉजिक दिया कि बसपा के वोटर्स भारी बारिश के चलते घर से बाहर निकले ही नहीं. अपने गुस्से को उन्होंने सोशल मीडिया पर जमकर निकाला और ताबड़तोड़ तीन ट्वीट करते हुए भाजपा पर बसपा के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए षडयंत्र रचने का आरोप तक लगा दिया. अपने पहले ट्वीट में … Read more

देश की चार विधानसभा सीटों पर उप चुनाव के नतीजे घोषित

चुनाव आयोग (Election Commission) में देश की चार विभिन्न विधानसभा चुनावों (By Election-2019) पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित कर दिए हैं. इनमें त्रिपुरा की बधरगड और उत्तर प्रदेश की हमीरपुर सीटें भाजपा ने वापस जीत ली है. केरल की पाला सीट पर वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) ने जीती है, जबकि छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा सीट कांग्रेस के खाते में चली गई है. त्रिपुरा और उप्र में भाजपा की सरकार है, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है और केरल में वामपंथी मोर्चे की सरकार है. तीनों राज्यों में सत्तारूढ़ पार्टियों ने उप चुनाव जीता है. केरल की पाला सीट पर हुए चुनाव में एक रिकार्ड टूटा है. यह सीट कांग्रेस समर्थित … Read more

वीडियो खबर: पंचायतों के पुनर्गठन एवं परिसीमन पर क्या बोले पायलट

राजस्थान (Rajasthan) के डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने बताया कि पंचायतों के पुनर्गठन एवं परिसीमन को लेकर जो सब कमेटी बनाई गयी, आज उसकी पहली बैठक थी. इसमें सभी जिलों के कलेक्टर्स के यहां से जो प्रस्ताव आए, विभाग उनका अध्ययन कर रहा है. उन मापदंड़ों को लेकर नई पंचायत समितियों के गठन पर कार्य होगा. अगली बैठक शुक्रवार को रखी गई है. 2011 की जनसंख्या के आधार पर इकाईयों का गठन भी किया जा रहा है.

वीडियो खबर: बसपा में चले लात-घूंसे

बहुजन समाज पार्टी (BSP) के 6 विधायकों के अपनी पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की जयपुर (Jaipur) में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में जमकर हंगामा हुआ. हंगामा इतना जोरदार हुआ कि कार्यकर्ताओं के दो गुटों में आपस में गाली-गलौच के साथ जमकर लात-घूंसे चले. यहां तक कि कुछ कार्यकर्ताओं ने सरिये से बसपा प्रदेश महासचिव प्रेम बारूपाल का सिर फोड़ दिया.

वीडियो खबर: राजनीतिक नियुक्तियों में कितनी चलेगी पायलट की

राजस्थान (Rajasthan) में BSP के सभी 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से गहलोत मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की अटकलों पर विराम लग गया है. प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने साफ किया है कि निकाय चुनाव से पहले अगले एक माह में राजनीतिक नियुक्तियां कर दी जाएंगी. अब देखना ये होगा कि इन राजनीतिक नियुक्तियों में प्रदेश के डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) की प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते कितनी चलती है.

बड़ी खबर: गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार टला, राजनीतिक नियुक्तियां अगले एक माह में

बसपा की बैठक में जमकर चले लात-घूंसे, प्रदेश महासचिव का सिर फोड़ा

बहुजन समाज पार्टी के छः विधायकों के अपनी पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की रविवार को जयपुर में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में जमकर हंगामा हुआ. हंगामा इतना जोरदार हुआ कि कार्यकर्ताओं के दो गुटों में आपस में गाली-गलौच के साथ जमकर लात-घूंसे चले. यहां तक कि कुछ कार्यकर्ताओं ने सरिये से बसपा प्रदेश महासचिव प्रेम बारूपाल का सिर फाड़ दिया. इस संदर्भ में सिंधी कैम्प थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है.

बसपा के राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर राम जी गौतम की अध्यक्षता में पार्टी ने रविवार को जयपुर कार्यालय में एक अहम बैठक बुलाई थी. इसमें हाल ही में पार्टी के छः विधायकों के कांग्रेस में जाने के बाद कार्यकर्ताओं को बूस्टअप करने के साथ ही आगामी सियासी समीकरण पर चर्चा होनी थी. बैठक में बसपा के तय एजेंडे को छोड़कर जो हुआ वो अकल्पनीय रहा. बैठक की शुरुआत में ही कार्यकर्ताओं के आक्रोश के चलते हंगामा होने लगा. अधिकांश कार्यकर्ताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप जड़ दिया. कार्यकर्ताओं का कहना था कि पार्टी प्रेशर के चलते विधायक कांग्रेस में शामिल हुए हैं.

सूत्रों की मानें तो बैठक शुरू होते ही कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों के समर्थक रहे कई कार्यकर्ताओं ने बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक रामजी गौतम, प्रदेश प्रभारी भगवान सिंह बाबा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. बैठक में पूरण परनामी सहित अन्य कार्यकर्ताअाें ने पार्टी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. उनका कहना था कि बसपा के लिए मेहनत करने वाले कार्यकर्ताअाें की सुनवाई नहीं हाे रही है. पार्टी द्वारा टिकट देते समय कार्यकर्ता या लाेकल पदाधिकारी से बात तक नहीं की जाती है. बसपा, पार्टी काे गालियां देने वालाें काे रुपए लेकर टिकट देती है, इससे कार्यकर्ता की उपेक्षा हाेती है. पार्टी सुप्रीमाे मायावती तक कार्यकर्ताओं का सही संदेश नहीं पहुंचाया जाता है.

इसके बाद दूसरे पक्ष के कार्यकर्ता पूरण परनामी और उनके समर्थक कार्यकर्ताओं का विरोध करने लगे जिससे मामला बढ़ गया और दोनों ओर से कुर्सियां फेंकनी शुरू हो गई. देखते ही देखते दोनों गुटों में गाली-गलौच के साथ लात-घूंसे चलने लगे. इसी बीच कुछ लोग सरिये लेकर आए और प्रदेश महासचिव बारूपाल पर वार कर दिया. बसपा के नेशनल काेर्डिनेटर रामजी गौतम, हरि सिंह, विजय प्रताप अाैर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा से भी हाथापाई की गई. सिर में चाेट लगने से प्रेम बारूपाल घायल हाे गए. इससे बैठक में अफरा-तफरी मच गई.

बसपा नेताओं की सूचना पर सिंधी कैम्प थाना पुलिस मौके पर पहुंची. बाद में पुलिस की मौजूदगी में बैठक हुई. वहीं घायल प्रदेश महासचिव बारूपाल का प्राथमिक उपचार करवाया गया. बारूपाल ने प्रदेश अध्यक्ष सीतराम मेघवाल के साथ जाकर सिंधी केंप पुलिस थाने में पूरण परनामी, विजेंद्र बंटी, राजेंद्र बुनकर सहित करीब एक दर्जन पूर्व पदाधिकारी व कार्यकर्ताअाें पर हंगामा व मारपीट के केस दर्ज कराए.

इस संदर्भ में बहुजन समाज पार्टी के नेशनल काेर्डिनेटर रामजी गौतम ने कहा कि पार्टी से निष्कासित कुछ नेताओं ने विवाद खड़ा किया. इनमें से कुछ लाेग दूसराें के इशारे पर विवाद खड़ा करने अाए थे. उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करवाई जा रही है. वहीं पू्र्व प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने कहा कि कुछ लाेगाें ने माहाैल खराब करने की काेशिश की, जिन्हें बसपा कार्यकर्ताअाें ने कार्यालय से बाहर खदेड़ दिया. गौरतलब है कि बसपा में भ्रष्टाचार और पैसे लेकर सेवा करने के आरोप पहले से लगते आ रहे हैं. हाल ही में बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक राजेन्द्र गुढ़ा ने विधानसभा के बजट सत्र में कहा था कि बसपा सुप्रीमो मायावती के राज में बगैर पैसा दिए कोई पद और टिकट नहीं मिलता है.

गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार टला, राजनीतिक नियुक्तियां अगले एक माह में

राजस्थान में बसपा के सभी छः विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से गहलोत मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की अटकलों पर विराम लग गया है. शुक्रवार को प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने साफ किया है कि फिलहाल निकाय चुनाव से पहले कोई विस्तार नहीं होगा. निकाय चुनाव में मंत्रियों और विधायकों की परफॉर्मेंस के आधार पर ही उन्हें पदोन्नत या पदमुक्त किया जाएगा. वहीं निकाय चुनाव से पहले अगले एक माह में राजनीतिक नियुक्तियां कर दी जाएंगी. पाण्डे ने बताया कि प्रदेश में ब्लॉक स्तर तक एक लाख से ज्यादा पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को राजनीतिक नियुक्ति देकर सत्ता में भागीदार बनाया जाएगा.

बसपा छोड़ कांग्रेस में आये विधायकों को राजनीतिक नियुक्ति में शामिल करने या उन्हें मंत्री बनाए जाने पर अविनाश पांडे ने कहा कि वे बिना शर्त पार्टी में शामिल हुए हैं. अगर सरकार को जरूरत होगी, तो उन्हें भूमिका दी जा सकती है. यह मुख्यमंत्रीजी का विशेषाधिकार है. पांडे ने यह भी साफ कहा कि बसपा विधायकों को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की सहमति के बाद ही शामिल किया गया है.

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जानकारों की मानें तो पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले निर्देश के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट द्वारा सत्ता और संगठन में तालमेल बिठाने की कोशिश की जा रही है. इसी के चलते अब सत्ता और संगठन प्रदेश में बड़े स्तर पर राजनीतिक नियुक्तियां देने की तैयारी में जुट गए हैं. जिसके तहत प्रदेश के सभी जिलों से प्रभारी मंत्री और संगठन प्रभारी द्वारा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और पदाधिकारियों से चर्चा कर नाम लिए जाएंगे. यह प्रक्रिया आगामी 15 अक्टूबर तक पूरी की जा सकेगी. इसके बाद इन नामों की सूचियों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे अंतिम रूप देंगे और उसके बाद दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की फाइनल मुहर के बाद राजनीतिक नियुक्तियां कर दी जाएंगी.

सूत्रों की मानें तो यह फैसला गुरुवार को पीसीसी में निकाय चुनावों को लेकर हुई बैठक के बाद उसी दिन रात को मुख्यमंत्री आवास पर हुई सीएम अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे की बैठक में लिया गया है. यह भी बताया जा रहा है कि आलाकमान के निर्देश के बाद अब इन तीनों की समन्वय समिति सत्ता और संगठन के बड़े फैसलों में शामिल होगी.