शिवराज सिंह ने कमलनाथ को बताया ‘दुष्ट’, पूर्व कांग्रेस सरकार को कहा ‘गद्दार’

Shivraj Singh Chouhan

Politalks.news/MP. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh) ने प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamalnath) को दुष्ट बताया, साथ ही पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह शनिवार को ग्वालियर के फूलबाग मैदान पर आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कमलनाथ के हनुमान चालीसा के पाठ पर भी तंज कसा, साथ ही पूर्व सरकार पर किसानों के साथ छल और भ्रष्टाचार जैसे कई गंभीर आरोप भी लगाए. कांग्रेस छोड़ बीजेपी ज्वॉइन कर चुके ज्योतिरादित्य सिंधिया का बचाव करते हुए सीएम शिवराज सिंह ने उपचुनावों में सभी सीटों पर जीत का दावा ठोका है. इस दौरान काले कपड़े पहनकर सिंधिया का विरोध करने … Read more

मध्यप्रदेश में कोई और सिंधिया न बने इसलिए नेता प्रतिपक्ष बने कमलनाथ!

Madhya Pradesh (2)

Politalks.news/MP. मध्यप्रदेश में पूर्व सीएम कमलनाथ एक बार फिर दोहरी भूमिकाओं में आ गए हैं. कमलनाथ को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का दायित्व सौंपा गया है. वे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं. प्रदेश में कांग्रेस में फिर से पनप रही गुटबाजी को देखते हुए ये फैसला किया गया है. हालांकि मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष की दोहरी भूमिका के चलते ही कमलनाथ सरकार गिर गई थी. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी के कमल से दोस्ती की और अपने साथ लंबी विधायकों की फौज भी ले गए. सिंधिया की महत्वकांक्षा के कारण नाथ सरकार गिरी और फिर से शिवराज सिंह की कमल सरकार बनी. वर्तमान में प्रदेश की राजनीति में कमलनाथ के … Read more

मुझे तो भरोसा ही नहीं था कि कमलनाथ इतनी मेहनत कर लेंगे: दिग्विजय सिंह

Digvijay Singh And Kamalnath

Politalks.news/MP. मध्यप्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की जमकर तारीफ की. दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ इतनी मेहनत करेंगे, उन्हें भरोसा नहीं था. काम करते-करते उनकी तबीयत तक खराब हो जाती है, इसके बाद भी लोगों से मिलते हैं उनकी समस्याएं सुनते और उसका निराकरण करते हैं. दिग्विजय सिंह छिंदवाड़ा में पत्रकारों से ये बात कही. दिग्गी राजा अपनी पत्नी अमृता के साथ तामिया में होने वाले एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने छिंदवाड़ा आए हैं. कांग्रेस सांसद ने कहा कि जिस तरह से कमलनाथ मेहनत कर रहे हैं, उस हिसाब से एक बार फिर कांग्रेस सत्ता में वापसी … Read more

शिवराज का स्थानीय नागरिकों को शत प्रतिशत आरक्षण देने का ऐलान, कांग्रेस ने बताया ‘चुनावी घोषणा’

Shivraj Singh And Madhyapradesh

Politalks.News/MP. ‘मामा’ शिवराज ने अपने प्यारे भांजे भांजियों को रक्षाबंधन का रिटर्न गिफ्ट देते हुए एक बड़ा ऐलान किया है. अब प्रदेश की सभी सरकारी नौकरियां स्थानीय युवाओं को ही मिलेंगी. इनमें किसी भी बाहरी व्यक्ति या उम्मीदवार को शामिल नहीं किया जाएगा.मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने आज एक बड़ा ऐलान करते हुए प्रदेश में सभी सरकारी नौकरियों में स्थानीय नागरिकों को शत प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की. अब सरकार की सभी नौकरियां अब एमपी डोमिसाइल रखने वालों के लिए आरक्षित होगी. इसके साथ ही आदिवासियों को साहुकारों के चुंगल के बचाने के लिए एक नया कानून लाने की बात भी कही. सीएम … Read more

पटवारी का सिंधिया पर जबरदस्त हमला- ‘जनता के लिए सड़क पर उतरने वाले घर में छिपकर बैठे हैं’

Jitu Patwari Vs Jyotiraditya Scinda

PoliTalks.news/MP. बीजेपी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) पर कांग्रेस नेताओं की भड़ास अभी तक पूरी तरह से निकली नहीं है. यही वजह है कि रह रहकर एमपी कांग्रेस के नेता सिंधिया के खिलाफ अपने मन के गुबार निकालते रहते हैं. कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने एक बार फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जबरदस्त हमला बोलते हुए उन्हें आड़े हाथ लिया, साथ ही कहा कि जनता के लिए सड़क पर उतरने वाले अब घर पर छिपकर क्यों बैठे हैं. पटवारी ने सिंधिया के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर भी निशाना साधा. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने सिंधिया पर तीखा वार … Read more

कांग्रेस प्रदेशों में लोकतंत्र बचाने को लेकर दिग्गी राजा ने मोदी सरकार को घेरा

Digvijay Singh Vs Modi

PoliTalks.news/MP. कांग्रेस शासित प्रदेशों में कथित तौर पर बीजेपी का खरीद फरोख्त का खेल जोरों शोरों से चल रहा है. पहले कर्नाटक, उसके बाद गोवा, फिर मध्यप्रदेश में बीजेपी अपना खेल खेल चुकी है. राजस्थान में यही खेल खेलने की कोशिश की गई लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. ऐसे माहौल में एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस प्रदेशों में लोकतंत्र बचाने की अपील करते हुए केंद्र की मोदी सरकार को घेरा, साथ ही ‘जागो देशवासियों जागो और लोकतंत्र बचाओ’ का नारा दिया. दिग्गी राजा ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए तोड़फोड़ और विधायकों की खरीद फरोख्त के जरिए … Read more

कमलनाथ सरकार के कार्यकाल और फैसलों की जांच करेगी शिवराज सरकार, 5 मंत्रियों की कमेटी बनाई

कमलनाथ Vs शिवराज

Politalks.news/MP. मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के तख्ता पलट को करीब 5 महीने बीत चुके हैं, लेकिन कमलनाथ की मुश्किलें अब तक खत्म नहीं हो रही है. पहले तो पहली बार मुख्यमंत्री बने कमलनाथ के केवल 15 महीने बाद सत्ता हाथों से चली गई. अब शिवराज सरकार ने उनके कार्यकाल और उनके अंतिम 6 महीने में सीएम के तौर पर किए गए फैसलों की जांच करने के लिए जांच कमेटी बैठा दी. 5 सदस्यीय ये कमेटी 23 मार्च, 2020 से छह महीने पहले लिए गए कमलनाथ कैबिनेट के सभी फैसलों की जांच करेगी. ऐसे में कमलनाथ के लिए दिक्कतें खड़ी हो सकती है. सबसे पहले बात करें जांच कमेटी की तो … Read more

दिग्गी राजा ने पूछा- क्या हमारे राजनेता भी प्रभु राम की तरह निभाएंगे वचन, नरोत्तम मिश्रा ने दिया जबरदस्त जवाब

Digvijay Singh Vs Narottam Mishra Mp

पॉलिटॉक्स न्यूज. अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन और शिलान्यास को 48 घंटों से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन पक्ष-विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर बदस्तूर जारी है. मध्य प्रदेश की सियासी चौसर पर तो नित नई बयानबाजी और शह मात का खेल लगातार खेला जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बीजेपी से सवाल पूछा- क्या राम मंदिर शिलान्यास के बाद हम राम राज्य की उम्मीद करें? भगवान राम ने अपने पिता के द्वारा दिए गए वचन निभाने के लिए 14 साल वनवास काटा, क्या हमारे राजनेता भी वचन निभाएंगे? इस पर पलटवार करते हुए प्रदेश … Read more

एमपी में सिंधिया का कम होता प्रभाव बना बीजेपी की चिंता, कमलनाथ ने चुनाव के लिए कसी कमर

सिंधिया

पाॅलिटाॅक्स न्यूज/एमपी. साल 2020 मध्य प्रदेश की सियासत का बहुत रोचक साल रहने वाला है. बहुमत के साथ सत्ता में काबिज हुई कमलनाथ की सरकार बीजेपी के सियासी खेल के चलते 2020 की शुरूआती महीनों में ही धाराशाही हो गई. 15 साल बाद मध्य प्रदेश की सत्ता में लौटी कांग्रेस का गढ़ खुद कांग्रेसियों ने ही ढहा दिया. ग्वालियर खानदान के युवराज बीजेपी के साथ क्या गए कमलनाथ की सरकार ही चली गई. भाजपा के लिए तो सोने पर सुहागा वाली बात हो गई. सत्ता से दूर हुए शिवराज के सिर फिर से मुख्यमंत्री का ताज सज गया. भले ही यह जनादेश जनता का नहीं था लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी कांग्रेस और कमलनाथ दोनों को महंगी पड़ गई.

ज्योतिरादित्य सहित 22 विधायकों का विद्रोह कांग्रेस के लिए काला अध्याय बन गया. बीजेपी को बैठे बैठाए दिग्गज कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं की फौज तो मिली ही, मुख्यमंत्री और सरकार पर भी भाजपा की सील लग गई. एमपी में सियासी ड्रामेबाजी के बीच कोरोना की भी एंट्री हो गई. सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शिवराज सिंह ने चंद लोगों के बीच मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. शायद भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था, इसलिए मुख्यमंत्री बनने के बाद भी शिवराज सिंह के माथे पर चिंता की लकीरे साफ नजर आई जो अभी भी साफ नहीं हुई है.

जल्दी प्रदेश की 24 सीटों पर उपचुनाव के सर्वे रिपोर्ट शिवराज सिंह की नींद उड़ाने के लिए काफी है. इन सर्वे रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि जनता का मूड भाजपा के साथ नहीं है. जनता इस बात को महसूस कर रही है कि कमलनाथ और कांग्रेस के साथ अच्छा नहीं हुआ. इन सर्वे रिपोर्ट में ग्वालियर-चंबल इलाके की 16 सीटों पर दबदबा रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव भी कम होता बताया जा रहा है. यानि की पहले कांग्रेस के लिए जनता से वोट मांगे. फिर कांग्रेस से किनारा कर भाजपा की सरकार बनाई गई. जनता इसे अपने साथ किए गए छल के रूप में देख और महसूस कर रही है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित 22 विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला रोचक होना बताया जा रहा है. हालांकि चुनाव अगस्त या उसके बाद होने हैं लेकिन मध्य प्रदेश में सियासी पारा चढ़ हुआ है. कमलनाथ पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहे हैं और वो कहने से नहीं चूके कि जनता के साथ छल और कांग्रेस के साथ हुए विश्वासघात का जवाब उपचुनावों में जनता खुद देगी. इन सभी 22 सीटों के अलावा दो और सीटों पर चुनाव होने हैं. इसी के चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने राजनीतिक समीकरणों पर काम कर रही हैं.

उपचुनाव में कोरोना का प्रभाव पड़ना स्वभाविक

चुनाव पर कोरोना का प्रभाव भी पड़ने वाला है. कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल शिवराज सरकार को कोरोना की लड़ाई में पूरी तरह नाकाम बता रहे हैं. कांग्रेस का आरोप है कि शिवराजसिंह की सरकार ने जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया है. संकट के इस समय में केंद्र और राज्य की सरकार ने लोगों को वो मदद नहीं पहुंचाई, जिसकी जनता का जरूरत है. उपचुनाव वाले क्षेत्रों में इस बात का जोर शोर से प्रचार किया जा रहा है.

पार्टी बदली तो ज्योतिरादित्य सिंधिया भी बदल गए

कांग्रेस में रहकर जितनी आजादी से ज्योतिरादित्य सिंधिया राजनीति कर रहे थे, अब भाजपा में आकर उन्हें कई नियमों और अनुशासन का पालन करना पड़ रहा है. कांग्रेस कार्यालयों सहित सड़कों पर ‘एमपी का मुख्यमंत्री कैसा हो, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसा हो’ के नारों से पटे होर्डिंग बैनर अब नजर नहीं आते. ना ही कोई सिंधिया समर्थक उनको मुख्यमंत्री बनाने की मांग करता नजर आ रहा है. यह बदलाव साफ दिखाता है कि ज्योतिरादित्य कांग्रेस में जितने मुखर होकर राजनीति कर रहे थे, उतने मुखर वो अब नहीं रहे. राजनीतिक विशेषज्ञों का आंकलन है कि ज्योतिरादित्य भाजपा पर लगातार दबाव बनाने की राजनीति नहीं कर सकते.

बसपा लड़ी तो कांग्रेस को नुकसान

यूं तो बहुजन समाज पार्टी का मध्य प्रदेश में बहुत बड़ा प्रभाव नहीं है लेकिन ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों के एससी एसटी वर्ग में बीएसपी की अच्छी पकड़ है. 2018 के चुनाव में बसपा ने इन क्षेत्रों में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस के प्रत्याशियों को हुआ था. बाद में कमलनाथ सरकार को भी बीएसपी ने समर्थन दिया. लेकिन अब परिस्थितियां करवट ले चुकी है. बसपा ने सभी 24 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है. बसपा इन विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के चयन में जुट गई है. भले ही बसपा के प्रत्याशियों को चुनाव में सीधी जीत न मिले लेकिन कांग्रेस को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. यानि की बसपा का 24 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय भाजपा का फायदा पहुंचाने वाला होगा.

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कमलनाथ ने संभाला उपचुनाव का मोर्चा

मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनावों की तैयारियां शुरु हो चुकी है जिसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कमर कस ली है. 24 सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए उन्होंने एक कोर टीम का गठन किया है. ये टीम उप चुनाव को किस तरह से लड़ा जाए, इसके लिए रणनीति बनाएगी. कमलनाथ की कोर टीम शिवराज सरकार की नाकामियों को जनता के बीच लेकर जाएगी. कांग्रेस ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण और बढ़ते अपराध को भी मुद्दा बनाने का फैसला किया है.

ग्वालियर-चंबल इलाके की 16 सीटें ही तय करेंगी प्रदेश में बीजेपी-कांग्रेस का क्या होगा सियासी भविष्य?

कमलनाथ-सिंधिया-शिवराज

पॉलिटॉक्स न्यूज़/एमपी. मध्यप्रदेश में 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस से बागी होकर बीजेपी में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभुत्व वाली ग्वालियर चंबल इलाके की 16 सीटें ही तय करेंगी कि प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस का सियासी भविष्य क्या होगा? क्या शिवराज सिंह का ताज बचा रहेगा या जैसा कि कांग्रेस ने दावा किया हुआ है कि इस बार 15 अगस्त को झंडा तो कमलनाथ ही फहराएंगे? मध्यप्रदेश के राजनीतिक समीकरण में ग्वालियर-चंबल इलाके में जीत दर्ज करने वाले को सत्ता की चाभी मिलना तय माना जाता है. यही वजह है कि ग्वालियर-चंबल की 16 विधानसभा सीटें बीजेपी और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन … Read more