प्रदेश में अपराध का बोलबाला, अपराधियों के हौसले हैं बुलन्द

गहलोत सरकार में अपराध का बोलबाला बढ़ता जा रहा है. वहीं अपराधियों के हौसले बुलन्द हैं. जयपुर के खो-नागोरियन में न्यूजपेपर हॉकर की हत्या और अलवर में बढ़ता अपराध का ग्राफ इस बात को साबित करते हैं.

किरोड़ी मीणा ने नैतिकता के आधार पर मांगा गहलोत से इस्तीफा

BJP के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा (Kirodi Lal Meena) ने प्रदेश में बढ़ती अपराधिक घटनाओं पर राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) से नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की है.

अयोध्या मामला-20वां दिन: ‘चबूतरे पर होती रही पूजा लेकिन मुख्य इमारत मस्जिद’

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में गुरुवार को 20वें दिन की सुनवाई हुई. सुनवाई की शुरूआत करते हुए सुन्नी वक्फ बोर्ड (Sunni Waqf Board) और मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने अपनी दलीले पेश की. वकील धवन ने कहा कि निर्मोही अखाड़ा सर्दियों से देवता का सेवक होने का दावा कर रहा है. लेकिन हम इस बात को 1855 से ही सच मान सकते हैं जबकि निर्मोही अखाड़ा 1734 से अस्तित्व का दावा कर रहा है जो सरासर गलत है. अखाड़ा 1885 में बाहरी आंगन में था और राम चबूतरा बाहरी आंगन में है. इमारत के बाहरी हिस्से के राम चबूतरे पर पूजा के सबूत … Read more

राजधानी नहीं महफूज़, अखबार के पैसे मांगने पर युवक की निर्मम हत्या, राजनीति शुरू

राजस्थान (Rajasthan) प्रदेश में कानून व्यवस्था (Law & order) की स्थिति दिनोंदिन भयावह होती जा रही है. पिछले एक महीने में ही कई अन्य अपराधों (Crime) के अलावा राजधानी जयपुर (Jaipur) में तीन बार और गंगापुर सिटी में एक साम्प्रदायिक उन्माद की गम्भीर स्थिति बनी. ये हालत तो तब हैं जब गृह विभाग (Home Department) की जिम्मेदारी खुद प्रदेश के मुखिया अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के पास है. एक तरफ सरकार (Government) जहां राज्य में अच्छा शासन देने के दावे के साथ राजधानी जयपुर में प्रदेश के आला पुलिस अधिकारियों (Police Officers) के साथ दो दिवसीय संवाद कर रही है तो वहीं को राजधानी के जयपुर के खोह-नागोरियान थाना क्षेत्र … Read more

गहलोत सरकार अपने ही मंत्रियों पर नहीं कर पा रही है नियंत्रण – राठौड़

प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर निकाय चुनाव प्रबंधन कार्यशाला को संबोधित करते हुए राजेंद्र राठौड़ (Rajendra Rathore) ने गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान सरकार में गुटबाजी चरम पर है. अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot) सरकार अपने ही मंत्रियों पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है. निकाय चुनाव की पूर्व तैयारी को लेकर आयोजित इस चुनाव प्रबंधन कार्यशाला में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई एवं चुनाव की रणनीति पर मंथन हुआ.

भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने राजस्थान में आगामी निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर बुधवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर निकाय चुनाव प्रबंधन कार्यशाला को संबोधित किया. निकाय चुनाव की पूर्व तैयारी को लेकर आयोजित इस चुनाव प्रबंधन कार्यशाला में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई एवं चुनाव की रणनीति पर मंथन हुआ. कार्यशाला में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजेंद्र राठौड़ ने क​हा कि सदस्यता अभियान के बाद प्रदेश में भाजपा परिवार संगठन की दृष्टि से करोडपति हो गया है. आने वाले निकाय चुनाव को भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता सिर पर कफन बांधकर एकजुट होकर चुनाव लडेगा.

इस कार्यशाला में प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष अल्का सिंह, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता व विधायक सतीश पूनियां, विधायक अनिता भदेल, वासुदेव देवनानी सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं चुनावी जिला संगठन प्रभारी व बूथ प्रबंधन प्रभारी मौजूद रहे.

कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करें कार्यकर्ता: राठौड़
राठौड ने जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर भी चर्चा छेड़ते हुए कहा कि प्रदेश से अनुच्छेद 370 हटाये जाने से देश का आम नागरिक खुश है. जनता को खुशी है कि लोकसभा चुनाव में उन्होनें जिस पार्टी को वोट दिया, वो देश के लिए अच्छा काम कर रही है. आगामी निकाय चुनाव में भी प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी को वोट देगी. इसके लिए पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आव्हान किया कि निकाय चुनाव के समय सरकार की विफलताओें को जनता के सामने रखें एवं केंद्र सरकार द्वारा देशहित में किये जा रहे कार्यों को से उन्हें मुखाबित कराएं. राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों पर भी नजर बनाए रखने को कहा.

गहलोत सरकार पर साधा निशाना
कार्यशाला के बाद राजेन्द्र राठौड़ ने पत्रकारों से वार्ता कर गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान सरकार में गुटबाजी चरम पर है. ‘एक व्यक्ति एक पद’ के नाम पर जो बहस इन दिनों छिड़ी हुई है, उसमें मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री खेमा एक दूसरे के ऊपर ताल ठोंक रहे हैं. गहलोत सरकार अपने ही मंत्रियों पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है. प्रदेश में अपराधों का ग्राफ दिनों दिन बढ़ रहा है फिर चाहे वो यौन उत्पीडन के मामले हों या दलितों पर हत्याचार. महिला उत्पीड़न के मामले में राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है. इन सब पर लगाम लगाने के बजाय मुख्यमंत्री एसपी और आईजी से संवाद कर रहे हैं.

हाईकोर्ट के फैसले पर कहा ‘अध्ययन नहीं किया’
पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास और अन्य सुविधाओं पर आये हाईकोर्ट के फैसले पर राठौड ने गहलोत सरकार को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस राजस्थान के महत्वपूर्ण व्यक्तियों में पूर्व मुख्यमंत्री इस तरह की सुविधा लेते रहे है. कांग्रेस सरकार के समय में बरकतुल्लाह खान साहब की पत्नी उशी खान सहित जगन्नाथ पहाड़िया को भी विशेष रूप से मकान आवंटन हुए. अन्य सुविधाएं बढ़ाने का काम भी गहलोत सरकार ने अपने पहले कार्यकाल से शुरू कर दिया था.  वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सरकारी आवास को खाली करने के पत्रकारों के सवाल पर राठौड ने कहा, ‘हाईकोर्ट के निर्णय का अध्ययन अभी तक मैंने नहीं किया है. फैसले को पूरी तरह पढ़ने के बाद सारी बात सामने आ पायेगी. न्यायालय के निर्णय की पालना हर एक व्यक्ति करता है. हम भी करते है.’

अयोध्या मामला-18वां दिन: ‘इंसाफ का तकाजा है कि पूरी जगह मुसलमानों को लौटा दी जाए’

अयोध्या (Ayodhya) में रामजन्म भूमि (RamJanam Bhumi) और बाबरी मस्जिद विवादित भूमि मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में 18वें दिन की सुनवाई हुई. आज सुबह सुन्नी वक्फ बोर्ड (Sunni Waqf Board) के वकील राजीव धवन ने अपनी दलील पेश की. उन्होंने रामलला (Ram Lalla) के वकील की दलीलों को सरासर गलत बताते हुए कहा कि मेरे काबिल मित्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 1934 के बाद मुसलमानों ने वहां नमाज नहीं पढ़ी लेकिन सच तो ये है कि उसके बाद से हमें वहां जाने ही नहीं दिया गया. वहीं धवन ने निर्मोही अखाड़ा के दावे का भी पुरजोर विरोध किया. वक्फ बोर्ड के वकील ने … Read more

अयोध्या मामला-17वां दिन: ‘शिला पर मोर या कमल का होना मंदिर का प्रतीक नहीं’

अयोध्या रामजन्मभूमि (Ayodhya Ram Janambhumi)और बाबरी मस्जिद विवादित भूमि मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में 17वें दिन की सु​नवाई हुई. इस दौरान मुस्लिम पक्षकार की ओर से वकील राजीव धवन ने कहा कि भूमि विवाद का निपटारा कानून के हिसाब से हो, न कि स्कन्द पुराण और वेद के जरिए. अयोध्या में लोगों की आस्था हो सकती है, लेकिन यह सबूत नहीं. राजीव धवन ने रामलला पक्ष के वकील वैद्यनाथन को निशाने पर लेते हुए कहा, ‘मेरे मित्र ने विवादित स्थल पर लोगों द्वारा परिक्रमा करने संबंधी एक दलील दी, लेकिन कोर्ट को मैं बताना चाहता हूं कि पूजा के लिए की जाने वाली भगवान की परिक्रमा सबूत नहीं … Read more

जयपुर में देर रात फिर से अशांति, तनाव के बीच घायलों के हालचाल जानने पहुंचे परनामी

जयपुर (Jaipur) के मोती डूंगरी रोड स्थित लोधों के मोहल्ले में बीती रात करीब 11 बजे दो पक्षों में हुई भाटा जंग के चलते तनाव की स्थिति पैदा हो गयी. विवाद का कारण गली में बाइक खड़ी करने को लेकर बताया जा रहा है. विवाद के बाद सोमवार सुबह बीजेपी नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी (Ashok Parnami) घटनास्थल पर पहुंचे और मौका मुआयना किया. यहां उन्होंने लोगों से घटना की जानकारी ली और घायलों की कुशलक्षेम पूछी. इस मौके पर परनामी ने कहा कि जयपुर एक शांतिप्रिय शहर है लेकिन कुछ दिनों से राजनैतिक संरक्षण प्राप्त उपद्रवियों को ने बेखौफ राजधानी का चैन और अमन खराब कर रखा … Read more

अयोध्या मामला-16वां दिन: हिंदू पक्ष को मिला शिया वक्फ बोर्ड का समर्थन

Floor Test in Maharashtra

अयोध्या रामजन्म भूमि और बाबरी मस्जिद विवादित भूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को 16वें दिन की सुनवाई हुई. आज हुई सुनवाई में श्री रामजन्म भूमि पुनरुत्थान समिति के वकील पी.एन. मिश्रा ने अदालत में अपनी दलीलें पूरी की. इसके बाद हिंदू महासभा के वकील हरिशंकर जैन ने अपनी बातें रखीं. इस दौरान उनकी तरफ से कई ऐतिहासिक तथ्यों का जिक्र किया गया. लंच के बाद जब अदालत में इस मामले की फिर से सुनवाई हुई तो शिया वक्फ बोर्ड के काउंसल ने बहस की अपील की. उन्होंने कहा कि वह हिंदू पक्ष का समर्थन करते हैं और अपनी बात अदालत में रखना चाहते हैं. हालांकि चीफ जस्टिस ने … Read more

‘जब राज नहीं होता तो जूते के जोर से काम कराना हमें आता है’- सर्राफ, भाजपा विधायक, पूर्व शिक्षामंत्री

राजस्थान (Rajasthan) के भाजपा विधायक (BJP MLA) और पूर्व शिक्षामंत्री कालीचरण सर्राफ (Kalicharan Saraf) ने एक विवादित बयान देते हुए कहा कि, ‘जब राज होता है तो कलम की ताकत से काम होता है, जब राज नहीं होता तो हमें जूते के जोर पर काम कराना आता है‘. इस पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस (PCC) प्रवक्ता अर्चना शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा की, ‘सर्राफ ने इस तरह का बयान देकर मर्यादित भाषा का हनन करते हुए उनकी औंछी मानसिकता का उदाहरण दिया है.’ वहीं मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि, ‘कालीचरण सर्राफ का यह बयान अलोकतांत्रिक है’.

दरअसल गुरूवार सुबह पूर्व शिक्षा मंत्री एवं राजधानी जयपुर के मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक कालीचरण सर्राफ जयपुर के करतारपुरा फाटक के पास नाले में हो रहे कटाव, अतिक्रमण सहित अन्य मांगो के लिए धरना दे रहे थे धरना खत्म होने के बाद सर्राफ जब पत्रकारों से रूबरू हुए तो उन्होंने कहा- “जब राज होता है तो कलम की ताकत से काम होता है, जब राज नहीं होता तो जूते के जोर पर काम होते है, हमें जूते के जोर पर काम कराना आता है” सर्राफ का यह बयान धरना स्थल पर चर्चा का विषय बन गया और इसके बाद शुरू हुआ राजनीतिक बयानबाजी का सिलसिला.

पूर्व शिक्षामंत्री सर्राफ के इस अमर्यादित बयान पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता अर्चना शर्मा (Archana Sharma) ने एक प्रेस नोट और एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि, ‘सर्राफ ने धरने के दौरान जिस भाषा का इस्तेमाल किया है वह उनकी औंछी मानसिकता का एक उदाहरण है.’ आगे उन्होंने कहा कि, ‘जब कालीचरण सर्राफ मंत्री थे तब उन्होंने अपनी कलम का इस्तेमाल भ्रष्टाचार व अपराध को संस्थागत करने के लिये किया था, यही कारण है कि जनता ने उनको नकार दिया. आगे उन्होंने कहा कि राजनीति के लम्बे अनुभव के बावजूद इस तरह के विवादित बयानों से स्पष्ट होता है कि उन्हें जनभावनाओं से कोई सरोकार नहीं है. सुर्खियों में बने रहने के लिये वे किसी भी हद तक जा सकते हैं.’

कालीचरण सर्राफ के द्वारा दिये गये धरने के पर अर्चना शर्मा ने कहा कि सर्राफ ने जिस क्षेत्र में धरना दिया वहॉं उनके मंत्री रहते हुए नाले में बहकर एक युवक की मौत हो गयी थी. तब सर्राफ ने इस पुरे मामले की सुध तक नहीं ली थी. आगे शर्मा ने सर्राफ पर आरोप लगाते हुए कहा कि सर्राफ जब मंत्री थे उस समय उनके एक समर्थक ने व्यापारी को सरेआम गोली मारी थी जिससे जाहिर होता है सर्राफ भ्रष्टाचार को ही पनपाने के माहिर नहीं हैं अपितु अपराधियों के भी संरक्षक है. कालीचरण सर्राफ द्वारा दिया गया धरना अपने राजनीतिक वजूद को बचाने के लिये रचा गया प्रपंच मात्र है.

वहीं भाजपा विधायक सर्राफ के विवादित बयान पर राजस्थान की कांग्रेस सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी (Mahesh Joshi) ने पलटवार करते हुए कहा- ‘कालीचरण सराफ एक वरिष्ठ नेता हैं, उनका यह बयान अलोकतांत्रिक है, सर्राफ को उनकी पार्टी सीरियस नहीं लेती, भाजपा में उनकी स्वीकार्यता का अभाव है इसलिए सर्राफ की जुबान बार बार फिसलती रहती है.’

आपकों बता दें कि कालीचरण सर्राफ व अर्चना शर्मा दोनों एक ही विधानसभा क्षेत्र से अपनी राजनैतिक ताल ठोकते आये हैं. सर्राफ के सामने अचर्ना शर्मा को पिछले दो विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पडा है. कालीचरण सर्राफ भाजपा के वरिष्ट नेता हैं और मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र से लगातार 7वीं बार विधायक चुने गये हैं, सर्राफ पूर्व में राजे सरकार में दो बार कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी नेताओं में से एक माने जाते है.