रमेश मीणा के बाद पायलट समर्थक दो ओर विधायकों ने खोला मोर्चा, आलाकमान से करेंगे शिकायत

रमेश मीणा के बाद पायलट समर्थक दो ओर विधायकों ने खोला मोर्चा

Politalks.News/Rajasthan. कुछ महीनों की शांति के बाद प्रदेश में एक बार फिर सियासी भूचाल आने की संभावना बनती नजर आ रही है. सचिन पायलट समर्थक विधायकों ने एक बार फिर अपनी ही सरकार के खिलाफ अनदेखी और भेदभाव के आरोप लगाए हैं. वहीं पूर्व मंत्री और करौली से कांग्रेस विधायक रमेश मीणा ने तो सुनवाई नहीं होने पर इस्तीफे की धमकी भी दे दी है. रमेश मीणा ने गहलोत सरकार पर एससी, एसटी और माइनॉरिटी विधायकों के इलाकों में बजट देने में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा, ‘जिस तरह प्रदेश में SC,ST और माइनॉरिटी के साथ भेदभाव किया जा रहा है, वह ठीक नहीं है. मैं अपनी समस्याओं को … Read more

मीणा ने लगाए अपनी ही सरकार और स्पीकर पर आरोप, जोशी बोले- दूसरा स्पीकर चुन लीजिए, खुशी होगी

पूर्व मंत्री रमेश मीणा और स्पीकर सीपी जोशी के बीच हुई जबरदस्त भिड़ंत

Politalks.News/RajasthanAssembly. राजस्थान विधानसभा में बुधवार को बैठने की व्यवस्था को लेकर सचिन पायलट समर्थक विधायक और पूर्व मंत्री रमेश मीणा और स्पीकर सीपी जोशी के बीच जबरदस्त भिड़ंत हो गई. दोनों के बीच की भिड़ंत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि स्पीकर जोशी ने यहां तक कह दिया कि ‘आप अध्यक्ष को डिक्टेट नहीं कर सकते, मुझ पर विश्वास नहीं है तो नया अध्यक्ष चुन लीजिए, मुझे खुशी होगी.’ वहीं रमेश मीणा ने विधानसभा के बाहर अपनी ही सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि, ‘सदन में बैठने की व्यवस्था में हमारे साथ भेदभाव हो रहा है. सदन के भीतर SC-ST और माइनोरिटी से जुड़े विधायकों को … Read more

पावर, जाती और अनुभव के बीच संतुलन वाली पीसीसी की नई टीम में नहीं मिली वैभव गहलोत को जगह

डोटासरा की टीम नहीं मिली गहलोत को जगह

Politalks.News/Rajasthan. लगभग 6 महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिर एआईसीसी ने पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की नई टीम के 39 नामों की पहली सूची का ऐलान कर दिया. इनमें 7 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव और 24 सचिवों की घोषणा की गई है. पहली सूची में संगठन महासचिव और पार्टी के प्रवक्ताओं के नाम पर सहमति नहीं बनीं, लिहाजा इन नामों की घोषणा अभी नहीं हुई है. पीसीसी कार्यकारिणी की इस लिस्ट को देखकर इस बात को समझा जा सकता है कि इसमें इतना वक़्त क्यों लगा और बार-बार डोटासरा दिल्ली जाकर अजय माकन से क्यों मिल रहे थे. [embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=KbqfyE2ids4[/embedyt] दरअसल, प्रदेश प्रभारी अजय माकन और प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा की … Read more

सीपी जोशी ने न्यायपालिका की भूमिका पर उठाए सवाल, दल बदल कानून पर भी बोले

Cp Joshi Raj Vidhansabha Speaker

Politalks.News/Rajasthan/CPJoshi. राजस्थान विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने गुजरात के पीठासीन सम्मेलन में स्पीकर की शक्तियों पर जमकर बोले. मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के गिरने और राजस्थान के सियासी संकट का भी जिक्र करते हुए उन्होंने इसे ‘मर्डर के बाद सजा’ कहकर संबोधित किया. दल बदल कानून को लेकर भी सीपी जोशी ने खरी खरी कही. संविधान दिवस के मौके पर उन्होंने ये बात कही. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित थे. सीपी जोशी जोशी ने सचिन पायलट के बागी होने और गहलोत सरकार पर संकट आने की घटना का जिक्र किया. मामले में न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सीपी जोशी ने कहा कि मैंने विधायकों को पत्र … Read more

राहुल बजाज ने बहुत ही जिंदादिली से अपनी बात रखी, वरना सभी उद्यमियों के मुंह पर ताले लगे हुए थे: मुख्यमंत्री गहलोत

(Chief Minister Gehlot)

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Gehlot) ने मंगलवार को जयपुर के अंबर भवन में महात्मा गांधी की मूर्ति का अनावरण किया. इसके बाद सीएम गहलोत ने राजस्थान खादी संघ की ओर से आयोजित खादी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया. खादी ग्रामोद्योग संघ के इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे सीएम गहलोत ने उद्योगपति राहुल बजाज के सवाल पर कहा कि राहुल बजाज ने बहुत जिंदादिली से गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में अपनी बात कही. इससे मोदी सरकार की आंखे खुलेगी और यह सोच पैदा होगी कि देश किस दिशा में जा रहा है. राहुल बजाज के बोलने से लगा रहा है कि उद्यमी भी अब … Read more

हैदराबाद के बाद टोंक में हुई दुष्कर्म के बाद हत्या की घटनाओं पर संसद से लेकर सड़क तक हंगामा

(Murder After the Rape)

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. हैदराबाद में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म कर हत्या (Murder After the Rape) कर देने का मामला सामने आने के 2 दिन बाद ही राजस्थान के टोंक जिले के अलीगढ में पहली कक्षा में पढने वाली 6 साल की मासूम लडकी के साथ दुष्कर्म के बाद गला दबा कर हत्या कर दी गई. मासूम की उसी की स्कूल ड्रेस की बेल्ट से गला घोटकर हत्या इतनी बर्बरता के साथ कि गई की उसकी दोनों आंखे निकल कर बाहर आ गई. इस घटना ने राजस्थान पुलिस के स्लोगन आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर को एक बार फिर उलट कर दिया है कि राजस्थान में है अपराधियों में विश्वास, आमजन … Read more

राजस्थान में फिर अटका मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों का काम, 14 दिसंबर के बाद किसी भी दिन हो सकती घोषणा

Cabinet Expansion

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. प्रदेश में बहुप्रतीक्षित राजनीतिक नियुक्तियां एक बार फिर अटक गई हैं. जैसा की पहले माना जा रहा था कि निकाय चुनावों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) और राजनीतिक नियुक्तियां कर दी जाएंगी, लेकिन सूत्रों की मानें तो 14 दिसम्बर को सोनिया गांधी के आह्वान पर होने वाली “भारत बचाओ आंदोलन” रैली के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को अंजाम दिया जाएगा. दिल्ली में होने वाली अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी कि इस महारैली में पूरे भारत से ज्यादा से ज्यादा संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने को कहा गया है. दूसरी ओर प्रदेश में राजनीतिक पदों पर नियुक्त होने वाले नेताओं के नामों पर सीएम … Read more

राजस्थान विधानसभा में पूरे हुए 200 विधायक, 19 साल बाद हटा सदन पर लगा ‘अपशगुन’ का टैग!

(Rajasthan Assembly)

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की 15वीं विधानसभा (Rajasthan Assembly) में गुरुवार को बुलाए दो दिवसीय विशेष सत्र के दौरान कुछ ऐसा हुआ, जो 19 साल पहले विधानसभा के नए भवन में शिफ्ट किए जाने के बाद कभी देखने को नहीं मिला और कभी हुआ भी होगा तो बहुत कम समय के लिए. 28 नवंबर को बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान अध्यक्ष सीपी जोशी ने विधानसभा के दो नए सदस्य नारायण बेनीवाल और रीटा चौधरी को विधायक पद एवं गोपनियता की शपथ दिलाई. इसके बाद विधानसभा में 200 सदस्य पूरे हो गए. इसके साथ ही जयपुर के ज्योति नगर स्थित राजस्थान विधानसभा पर कथित तौर पर लगा अपशगुन का टैग एक बार फिर हट गया. हाल में हुए उपचुनावों में नारायण बेनीवाल खींवसर और रीटा चौधरी मंडावा से जीतकर सदन में पहुंचे हैं. अगर वर्तमान गहलोत सरकार में कोई अनहोनी नहीं होती है तो उनका ये कार्यकाल पिछली सरकारों के कार्यकाल में हुई अनहोनी के लिए विधानसभा भवन के अपशगुनी होने के दावों को झुठला सकता है.

2001 में जब से विधानसभा (Rajasthan Assembly) नए भवन में पहुंची, तब से लगातार इस भवन को कथित तौर पर अपशकुनी समझा जाता रहा है. 2001 से लगातार इस नए भवन में 200 विधायक अधिक समय के लिए नहीं बैठ पाए. बीते 19 वर्षों में किसी न किसी अनहोनी के चलते यहां पूरे विधायकों का बैठना एक सपना सा रह गया. 2001 से अब तक यहां 5वीं सरकार बैठी है लेकिन इस दौरान 9 विधायकों का कार्यकाल के बीच में ही निधन हो गया. दो मंत्रियों सहित 4 विधायक जेल की हवा खाने पहुंच गए जिसके चलते यहां लंबे समय तक 200 विधायकों का आंकड़ा पूरा न हो सका. 2018 के विधानसभा चुनाव के ऐलान के ठीक बाद रामगढ़ से बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण चौधरी की मौत होने के चलते 199 सीटों पर ही चुनाव कराए गए जिससे विधानसभा में बैठने वाले विधायकों की संख्या 199 रह गई.

पिछली सरकार के समय सदन में ही तीन दिनों तक कुछ विधायकों ने विधानसभा में भूतों का साया होने का मुद्दा उठाया था. उसके बाद विधानसभा भवन में अपशकुन खत्म करने के लिए बाकयदा पंडितों को बुलाकर पूजा पाठ और तंत्र इत्यादि भी किए गए लेकिन चुनाव की शुरुआत में ही एक और मौत हो गई जिसके बाद सार्वजनिक तौर पर भी इस नए भवन पर अंगुलियां उठाई जाने लगीं.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर बनी ‘भारत बचाओ आंदोलन’ को सफल बनाने की रणनीति

बता दें, नए भवन में शिफ्ट होने से पहले विधानसभा (Rajasthan Assembly) जलेबी चौक स्थित हवामहल के पास वाले भवन में चल रही थी. ट्रेफिक अधिक होने और जगह छोटी पड़ने के चलते नया भवन तैयार कराया गया और 2001 में गहलोत सरकार में नए भवन में विधानसभा की आगे की कार्यवाही संचालित होने लगी जो अनवरत जारी हैं. लेकिन बीते 19 सालों विधानसभा को किशन मोटवानी, जगत सिंह दायमा, भीखाभाई, भीमसेन चौधरी, रामसिंह बिश्नोई, अरुण सिंह, नाथूराम आहारी, कीर्ति कुमार और कल्याण सिंह चौहान जैसे विधायक निधन होने के चलते खोने पड़े.

इनके अलावा, गहलोत सरकार में 2011 में कैबिनेट मंत्री महिपाल मदरेणा और कांग्रेस विधायक मलखान सिंह को बहुचर्चित भंवरी देवी हत्या प्रकरण में जेल जाना पड़ा. 2011 में ही भाजपा के विधायक राजेंद्र राठौड़ (वर्तमान में उप नेता प्रतिपक्ष) को एनकाउंटर मामले में जेल की हवा खाना पड़ी. 2013 में कांग्रेस सरकार के मंत्री बाबूलाल नागर और अप्रैल, 2017 की वसुधंरा राजे सरकार में बसपा के बीएल कुशवाह को जेल जाना पड़ा. इसी सभी वजहों के चलते न केवल विधानसभा में 200 विधायकों की गिनती पूरी हो पाई, विधानसभा के नए भवन पर अपशगुन की छाया भी घर करने लगी.

हालांकि ऐसा नहीं है कि (Rajasthan Assembly) कभी इतने विधायक यहां विराजमान नहीं हुए, उपस्थित हुए लेकिन थोड़े समय के लिए. 2018 के विधानसभा चुनाव के ऐलान के ठीक बाद रामगढ़ से बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण चौधरी की मौत होने के चलते 199 सीटों पर ही चुनाव कराए गए. इसके बाद विधानसभा में बैठने वाले विधायकों की संख्या 199 रह गई. महीने भर बाद जब रामगढ़ विधानसभा सीट पर चुनाव हुए और यहां से कांग्रेस की शाफिया जुबैर खान जीत कर सदन में पहुंची. लेकिन ये खुशी ज्यादा समय तक नहीं चल सकी और खींवसर से हनुमान बेनीवाल और मंडावा विधानसभा सीट से विधायक नरेंद्र खींचड़ लोकसभा चुनाव जीत दिल्ली पहुंच गए, उसके बाद हुए बजट सत्र में यहां 198 विधायक आसन पर बैठे दिखे.

खैर, नारायण चौधरी और रीटा चौधरी के सदन में पहुंचने से विधानसभा (Rajasthan Assembly) में 200 विधायक एक बार फिर पूरे हो गए हैं. अब अगर अगले 4 चार कोई अनहोनी नहीं हुई तो नए विधानसभा भवन से अपशगुन का ये टैग हमेशा के लिए गायब हो जाएगा.

राजस्थान विधानसभा के विशेष सत्र की हंगामेदार शुरूआत, धारीवाल पर भड़के दिलावर और राठौड़

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. संविधान दिवस की 70वीं वर्षगांठ पर बुलाये गए राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Assembly) के दो दिवसीय विशेष सत्र की हंगामेदार शुरूआत हुई. इस विशेष सत्र में चर्चा का मुख्य विषय था ‘देश का संविधान कैसे मजबूत हो‘ लेकिन सत्र की शुरुआत एक दूसरे पर टीका टिप्पणी से हुई. और सत्र के शुरूआत में ही सदन में हंगामा हो गया. दरअसल सदन में जब संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) ने जब भारतीय संविधान पर बोलना शुरू किया तो उन्होंने गुरु गोलवलकर द्वारा लिखित पुस्तक ‘बंच और थॉट्स‘ का हवाला देकर विपक्ष पर निशाना साधा जिस पर विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया. यह भी पढ़ें: राजस्थान निकाय … Read more