कांग्रेस का मजबूत किला है चंपारण, आपातकाल में भी भेद नहीं सका विपक्ष, क्या इस बार होगी सेंधमारी?
Politalks.News/Bihar. बिहार का चंपारण (Champaran) जिला, जिसे बापू की कर्म-भूमि कहा जाता है, पिछले साढ़े चार दशकों से कांग्रेस का मजबूत किला रहा है. इस जिले में 20 विधानसभाएं आती हैं और आज तक ऐसा नहीं हुआ कि यहां 70 फीसदी सीटों से कम पर कांग्रेस जीती हो. ये कांग्रेस का वो मजबूत गढ़ है जिसे विपक्ष या सत्ताधारी पक्ष भी कभी भेद पाया हो. यहां तक की 1974 के जेपी आंदोलन और 1977 में आपातकाल के बाद हुए बिहार चुनावों में भी जनता पार्टी की लहर के बावजूद यहां से केवल तीन सदस्य जीतकर विधानसभा पहुंच पाए. 14 सीटें अकेले कांग्रेस की झोली में गिरी. पिछले तीन दशक से … Read more