लोकसभा में मंगलवार को रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कई अहम मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए. उन्होंने कहा कि भारतीय रेल केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक जीवनरेखा है, जिसके माध्यम से रोज़ करोड़ों यात्री और लाखों टन माल अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं. सांसद ने रेलवे में लंबित भर्तियों की जानकारी मांगते हुए रिक्त पदों को आरक्षित वर्गों का ध्यान रखते हुए भरने की मांग की, साथ ही बुजुर्गों व महिलाओं को टिकट में रियायत और कुलियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही.
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हादसों को रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाए
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई गंभीर रेल दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान गई है. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2014-15 से 2024-25 तक 709 रेल हादसों में 766 लोगों की मौत और 2100 से अधिक लोग घायल हुए. उन्होंने Balasore train accident और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 2025 में हुई भगदड़ जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए हादसों को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने की मांग की.
रेलवे सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए
सांसद बेनीवाल ने कहा कि मंत्री से लेकर आम आदमी तक सभी रेल में यात्रा करते हैं, इसलिए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर दबंग लोग रिजर्वेशन कोच में जबरन चढ़ जाते हैं और यात्रियों को परेशान करते हैं, जबकि टीटी और सुरक्षाकर्मी मूक दर्शक बने रहते हैं. उन्होंने आरपीएफ की संख्या बढ़ाने, ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी एक्शन प्लान बनाने की मांग की। साथ ही जम्मूतवी-साबरमती एक्सप्रेस में सेना के जवान जिगर कुमार की हत्या के मामले को उठाकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए.
समयबद्ध हों रेलवे परियोजनाएं
सांसद बेनीवाल ने परबतसर–किशनगढ़ रेलवे लाइन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि घोषणा के बावजूद यह परियोजना अब तक फाइलों में अटकी हुई है. वहीं नागौर–फलोदी रेलवे लाइन के सर्वे की प्रगति पर भी सवाल उठाते हुए जानकारी मांगी. इसके अलावा मेड़ता–पुष्कर और रास–मेड़ता रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण में कम मुआवजे का मुद्दा उठाया और इसे सुधारने की मांग की.
राजस्थान की उपेक्षा का आरोप और नई मांगें
सांसद ने कहा कि रेल मंत्री और राज्य मंत्री दोनों का संबंध राजस्थान से होने के बावजूद राज्य की उपेक्षा की जा रही है. उन्होंने सीमावर्ती जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर में मजबूत रेल नेटवर्क की आवश्यकता बताई। साथ ही नागौर के विश्व प्रसिद्ध पशु मेले के लिए पशु परिवहन ट्रेन शुरू करने की मांग उठाई.
इसके अलावा उन्होंने बीकानेर-नागौर-जयपुर-Delhi रूट की राजस्थान संपर्क क्रांति ट्रेन का नियमित संचालन करते हुए इसका नाम लोक देवता वीर तेजाजी के नाम पर रखने, मकराना, लाडनूं, कुचामन सिटी सहित कई स्टेशनों को अमृत भारत योजना में शामिल करने, कुचामन सिटी स्टेशन पर एफओबी, एस्केलेटर और लिफ्ट स्वीकृत करने, वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार व ठहराव देने, नई ट्रेनें शुरू करने तथा डेमू/लोकल ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त कोच आवंटित करने सहित विभिन्न मांगों को भी सदन में प्रमुखता से उठाया.










